सोनाक्षी सिन्हा पर बीजेपी-सनातन विरोधी एजेंडा चलाने का दावा:पोस्ट में विराट कोहली और अनुष्का शर्मा को अनफॉलो करने का जिक्र; जानें वायरल दावे की सच्चाई | ACTPnews

सोनाक्षी सिन्हा पर बीजेपी-सनातन विरोधी एजेंडा चलाने का दावा:पोस्ट में विराट कोहली और अनुष्का शर्मा को अनफॉलो करने का जिक्र; जानें वायरल दावे की सच्चाई

सोनाक्षी सिन्हा को लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है। इसमें दावा किया जा रहा है कि एक्ट्रेस बीजेपी और सनातन धर्म को बदनाम करने का एजेंडा चला रही हैं। पोस्ट में सीजेपी के छात्र प्रदर्शन को समर्थन देने, विराट कोहली और अनुष्का शर्मा को कथित तौर पर धार्मिक वजह से अनफॉलो करने और फिल्ममेकर आदित्य धर के उनके बर्गर वाले पोस्ट पर हंसने वाले रिएक्शन का जिक्र है। साथ ही दावा है कि सोनाक्षी झारखंड के छात्रों के मुद्दे पर चुप हैं। हालांकि, फैक्ट-चेक में सामने आया कि इन घटनाओं में कुछ बातें सही हैं, लेकिन इन्हें जोड़कर सोनाक्षी के किसी बीजेपी या सनातन विरोधी एजेंडे का ठोस सबूत नहीं मिलता। पहले जानिए क्या है वायरल पोस्ट में दावा वायरल पोस्ट में सोनाक्षी सिन्हा पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पोस्ट के मुताबिक, सोनाक्षी ने सीजेपी के छात्र प्रदर्शन का समर्थन इसलिए किया क्योंकि मामला कथित तौर पर बीजेपी के खिलाफ था। वहीं, झारखंड के छात्रों के मुद्दे पर उनकी चुप्पी को लेकर भी सवाल उठाया गया है। पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि सोनाक्षी ने विराट कोहली और अनुष्का शर्मा को सिर्फ इसलिए अनफॉलो किया, क्योंकि दोनों अपनी धार्मिक आस्था को फॉलो करते हैं। इसके अलावा फिल्ममेकर आदित्य धर के सोनाक्षी के बर्गर खाने वाले पोस्ट पर लाफिंग रिएक्शन को भी उनके खिलाफ जोड़कर पेश किया गया है। लेकिन क्या वायरल पोस्ट में किए गए ये सभी दावे सच हैं? सीजेपी के प्रदर्शन में सोनाक्षी ने किया था छात्रों का समर्थन फैक्ट-चेक में सामने आया कि सोनाक्षी सिन्हा ने सीजेपी यानी सिटिजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस से जुड़े छात्र प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया दी थी। जुलाई 2026 में दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई की तस्वीरें सामने आई थीं। इसके बाद सोनाक्षी ने प्रदर्शन से जुड़ी तस्वीरें अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर की थीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर हुई कार्रवाई पर चिंता जताई थी। इससे यह बात सही साबित होती है कि सोनाक्षी ने उस प्रदर्शन को लेकर सार्वजनिक रूप से अपनी प्रतिक्रिया दी थी। हालांकि, इस पोस्ट का मकसद बीजेपी या सनातन धर्म को बदनाम करना था, इसका कोई प्रमाण नहीं मिला। क्या सोनाक्षी झारखंड के छात्रों के मुद्दे पर चुप हैं? वायरल पोस्ट में दूसरा बड़ा दावा यही है कि सोनाक्षी ने सीजेपी के छात्रों के लिए आवाज उठाई, लेकिन झारखंड के छात्रों के मुद्दे पर चुप्पी साध रखी है। झारखंड में छात्रों का आंदोलन भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और JPSC-JSSC से जुड़े विवादों को लेकर चल रहा है। सीजेपी से जुड़े लोगों की ओर से इस आंदोलन को समर्थन दिए जाने की रिपोर्ट सामने आई है। हालांकि, सोनाक्षी सिन्हा ने इस मुद्दे पर कोई पोस्ट किया या नहीं, इसकी विश्वसनीय पुष्टि नहीं मिलती। इसलिए यह कहना कि सोनाक्षी ने जानबूझकर झारखंड के छात्रों का समर्थन नहीं किया या राजनीतिक वजह से चुप रहीं, फिलहाल साबित नहीं होता। विराट-अनुष्का को अनफॉलो करने का दावा कितना सही? वायरल पोस्ट में सोनाक्षी सिन्हा के अनुष्का शर्मा को अनफॉलो करने का दावा किया गया है। आजतक की 5 अगस्त 2026 की रिपोर्ट में भी सोनाक्षी और अनुष्का के बीच फॉलो-अनफॉलो को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही चर्चा का जिक्र है। रिपोर्ट के मुताबिक, सोनाक्षी लंबे समय से अनुष्का को फॉलो करती रही हैं और दोनों के बीच सोशल मीडिया पर इंटरैक्शन भी रहा है। अनुष्का की डॉग-वेलफेयर से जुड़ी पोस्ट पर सोनाक्षी ने स्टोरी भी शेयर की थी। अब सोशल मीडिया यूजर्स ने दावा किया है कि सोनाक्षी ने अनुष्का को दोबारा अनफॉलो किया है। कुछ यूजर्स इसे विराट कोहली और अनुष्का शर्मा के सनातन धर्म और आध्यात्म से जुड़े पोस्ट से जोड़ रहे हैं। खास तौर पर विराट-अनुष्का के वृंदावन जाने और स्वामी प्रेमानंद महाराज से मुलाकात के बाद इस थ्योरी ने जोर पकड़ा है। हालांकि, सोनाक्षी ने खुद यह नहीं बताया है कि उन्होंने अनुष्का को क्यों अनफॉलो किया। इसलिए यह कहना कि उन्होंने विराट-अनुष्का की सनातन आस्था की वजह से ऐसा किया, अभी सिर्फ सोशल मीडिया पर चल रही एक थ्योरी है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। दिलचस्प बात यह है कि सोशल मीडिया पोस्ट में यह भी दावा किया जा रहा है कि अनुष्का शर्मा अब भी सोनाक्षी को फॉलो कर रही हैं। वहीं, 2021 में सोनाक्षी ने विराट कोहली के मोहम्मद शमी के समर्थन में लिए गए स्टैंड की तारीफ भी की थी। इसलिए पुराने सोशल मीडिया इंटरैक्शन को देखते हुए सोनाक्षी के मौजूदा अनफॉलो की वजह को लेकर कोई निश्चित निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। आदित्य धर के लाफिंग रिएक्शन का सच वायरल पोस्ट में फिल्ममेकर आदित्य धर का भी जिक्र है। दावा है कि उन्होंने सोनाक्षी के बर्गर खाने वाले पोस्ट पर लाफिंग रिएक्शन दिया। सोशल मीडिया पर इस रिएक्शन का दावा मौजूद है। लेकिन सिर्फ किसी पोस्ट पर लाफिंग रिएक्शन देने से यह साबित नहीं होता कि आदित्य धर सोनाक्षी के किसी राजनीतिक या धार्मिक एजेंडे को ‘एक्सपोज’ कर रहे हैं। ऐसा कोई विश्वसनीय बयान भी सामने नहीं आया है जिसमें आदित्य धर ने सोनाक्षी पर BJP या सनातन धर्म को बदनाम करने का आरोप लगाया हो। कंगना ने भी सोनाक्षी पर साधा था निशाना? सोनाक्षी सिन्हा और उनके पति जहीर इकबाल की शादी को लेकर पहले भी सोशल मीडिया पर विवाद हुआ है। कंगना रनोट के कुछ बयानों को सोशल मीडिया यूजर्स ने सोनाक्षी की शादी से जोड़कर देखा है। हालांकि, कंगना ने जिस बयान में हिंदू लड़कियों और अंतरधार्मिक शादी को लेकर टिप्पणी की, उसमें सोनाक्षी का नाम सीधे नहीं लिया था। इसलिए इसे सोनाक्षी के खिलाफ कंगना का सीधा ‘एक्सपोज’ कहना भी सही नहीं होगा। सोनाक्षी की शादी को भी राजनीतिक रंग देने की कोशिश सोनाक्षी ने जहीर इकबाल से 2024 में शादी की थी। दोनों ने स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत शादी की थी। शादी के बाद सोनाक्षी ने कई बार कहा है कि दोनों एक-दूसरे के धर्म और परिवार का सम्मान करते हैं। ऐसे में उनकी शादी को उनके राजनीतिक विचारों से जोड़कर देखना भी अपने आप में किसी राजनीतिक एजेंडे का सबूत नहीं है। फैक्ट-चेक में क्या निकला? वायरल पोस्ट में बताई गई घटनाओं को अलग-अलग देखें तो कुछ बातें वास्तविक घटनाओं पर आधारित हैं। सोनाक्षी ने सीजेपी से जुड़े छात्र प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया दी थी। आदित्य धर के सोशल मीडिया रिएक्शन का दावा भी सामने आया है। लेकिन इन घटनाओं से यह साबित नहीं होता कि सोनाक्षी सिन्हा बीजेपी या सनातन धर्म को बदनाम करने का कोई एजेंडा चला रही हैं। विराट कोहली और अनुष्का शर्मा को कथित तौर पर अनफॉलो करने की वजह भी प्रमाणित नहीं है। वहीं झारखंड के छात्रों के मुद्दे पर उनकी कथित चुप्पी से भी राजनीतिक एजेंडे का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। नतीजा वायरल पोस्ट में कुछ वास्तविक घटनाओं को जोड़कर एक राजनीतिक नैरेटिव बनाया गया है। सोनाक्षी सिन्हा के बीजेपी या सनातन विरोधी एजेंडे का कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला। इसलिए इस दावे को फिलहाल ‘भ्रामक’ माना जा सकता है।



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