गैंगस्टर गोल्डी बराड़ ने दावा किया है कि उसके गैंग ने हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की थी। एक लीक हुए ऑडियो में बराड़ को यह कहते सुना जा सकता है कि निज्जर ऐसे लोगों का समर्थन करता था, जो 16-17 साल के युवाओं को ड्रग्स बेचने के लिए इस्तेमाल करते थे। बराड़ का आरोप है कि ये लोग युवाओं को ड्रग्स बेचने और मुखबिरी करने के लिए ब्लैकमेल भी करते थे। ऑडियो में बराड़ ने दावा किया है कि निज्जर ऐसे लोगों को समर्थन और ताकत देता था, ताकि जरूरत पड़ने पर वह उनका इस्तेमाल कर सके।
बराड़ के मुताबिक, इसी वजह से उसे और उसकी टीम को निज्जर की हत्या करनी पड़ी। बराड़ ने यह भी कहा कि हर किसी को अपने किए की कीमत चुकानी पड़ती है। आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या 18 जून 2023 को कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया के सरे शहर में एक गुरुद्वारे के बाहर हुई थी।
गोल्डी बराड़ ने बताई निज्जर को मारने की वजह
ऑडियो में गोल्डी बराड़ ने कहा कि “जो लोग 16-17 साल के बच्चों को ड्रग्स बेचने के लिए तैयार करते और उन्हें इसके लिए उकसाते थे, जो लोग बच्चों को ड्रग्स बेचने और मुखबिरी करने के लिए ब्लैकमेल करते थे। निज्जर ऐसे लोगों का समर्थन करता था और उन्हें मजबूत बनाता था, ताकि जरूरत पड़ने पर वह उनका इस्तेमाल कर सके। इसी वजह से हमें, यानी मुझे और मेरी टीम को, निज्जर को मारना पड़ा। हर किसी को अपने किए का नतीजा भुगतना पड़ता है।”
भारतीय एजेंसियां पहले ही लगा रही थीं कयास
इंटेलिजेंस सूत्रों के मुताबिक, भारतीय एजेंसियां और अधिकारी लंबे समय से यह कहते रहे हैं कि निज्जर की हत्या के पीछे गैंगवार और संगठित अपराध से जुड़ी गतिविधियां हो सकती हैं। भारतीय सूत्रों के मुताबिक, लॉरेंस बिश्नोई-गोल्डी बराड़ नेटवर्क की भूमिका को लेकर अमेरिका में हुई कार्रवाई ने इस आकलन को और मजबूती दी है। भारत पहले भी कनाडा के उन आरोपों को खारिज करता रहा है, जिनमें हत्या को भारतीय सरकारी एजेंटों से जोड़ा गया था। भारतीय पक्ष ने इन आरोपों के समर्थन में पर्याप्त सबूत नहीं होने की बात कही थी। इस ऑडियो के सामने आने से अब यह बात साफ है कि गोल्डी के आपसी गैंगवॉर में निज्जर की हत्या हुई थी, न कि भारतीय एजेंसियों ने हत्या कराई थी।
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