पुतिन बोले- रूस-भारत के बीच इस साल कारोबार बढ़ा:दोनों देशों के दशकों से रिश्ते मजबूत; भारत के विदेश मंत्री जयशंकर से मॉस्को में मुलाकात की | ACTPnews

पुतिन बोले- रूस-भारत के बीच इस साल कारोबार बढ़ा:दोनों देशों के दशकों से रिश्ते मजबूत; भारत के विदेश मंत्री जयशंकर से मॉस्को में मुलाकात की

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि इस साल रूस और भारत के बीच कारोबार बढ़ा है। उन्होंने यह बात रूसी राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन में सोमवार को भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात के दौरान कही। पुतिन ने कहा कि रूस और भारत के बीच दशकों से मजबूत रिश्ते बने हुए हैं। दोनों देश व्यावहारिक तौर पर लगभग सभी क्षेत्रों में अपना सहयोग जारी रखे हुए हैं। उन्होंने कहा, मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि इस साल हमारा कारोबार बढ़ा है। पिछले साल इसमें थोड़ी कमी आई थी, लेकिन इस साल यह बढ़ रहा है। जयशंकर बोले- BRICS समिट के लिए राष्ट्रपति पुतिन का स्वागत है विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी SCO समिट में उनसे मिलने का इंतजार कर रहे हैं। जयशंकर ने कहा कि इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी BRICS समिट के लिए पुतिन का भारत में स्वागत करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों नेताओं की सालाना बैठक भी आपसी सुविधा के मुताबिक जल्द होगी। जयशंकर रविवार को मॉस्को पहुंचे थे। वह रूस के अपने दो दिन के दौरे पर हैं। उनका यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले BRICS समिट में शामिल होने की उम्मीद है। जयशंकर रूसी उपप्रधानमंत्री से भी मिले विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को मॉस्को में रूस के उपप्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत-रूस के बीच व्यापार और आर्थिक सहयोग को और बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। इस दौरान दोनों देशों के बीच साझेदारी बढ़ाने पर भी बात हुई। भारत और रूस कई क्षेत्रों में आपसी सहयोग बढ़ाने और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। जयशंकर ने मंटुरोव के साथ बातचीत में कहा कि भारत-रूस साझेदारी ने लगातार बदलती परिस्थितियों के मुताबिक खुद को मजबूत और बेहतर तरीके से ढाला है। उन्होंने कहा कि दुनिया में मुश्किल हालात के बावजूद दोनों देशों के रिश्ते लगातार गहरे हुए हैं। यह दोनों देशों के बीच आपसी हित और भरोसे को दिखाता है। 2022 से रूस के साथ व्यापार में बढ़ोतरी हुई रूस और भारत के बीच कारोबार 2022 के बाद तेजी से बढ़ा है, जिसकी बड़ी वजह भारत का रूस से कच्चे तेल का आयात बढ़ना है। हालांकि वित्त वर्ष 2025-26 में यह कारोबार पिछले साल के रिकॉर्ड स्तर से करीब 13% घट गया। भारत ने जुलाई में आधे से ज्यादा तेल रूस से खरीदा भारत ने जुलाई 2026 में रूस से रिकॉर्ड 24.7 लाख बैरल प्रतिदिन कच्चा तेल खरीदा, जो देश के कुल तेल आयात का 50.83% था। यानी पिछले महीने भारत में आयात होने वाले हर दो बैरल तेल में एक से ज्यादा बैरल रूस से आया। रूस लगातार भारत का सबसे बड़ा तेल सप्लायर बना हुआ है। जुलाई 2025 के मुकाबले जुलाई 2026 में रूस से भारत का तेल आयात 62.4% बढ़ा। हालांकि, जून 2026 में हुए रिकॉर्ड 26 लाख बैरल प्रतिदिन के मुकाबले जुलाई में तेल आयात 4.8% कम रहा। —————– यह खबर भी पढ़ें… यूक्रेन को सीक्रेट मिसाइल तकनीक देगा ब्रिटेन:कीव में बनेगी लंबी दूरी की SCALP मिसाइल; रूस में अंदर तक हमला करने में सक्षम रूस के खिलाफ जंग में मदद के लिए ब्रिटेन यूक्रेन को अपनी सीक्रेट मिसाइल तकनीक देगा। इससे कीव में ही लंबी दूरी की SCALP क्रूज मिसाइल बनाने का रास्ता साफ होगा। ब्रिटेन में इस मिसाइल को स्टॉर्म शैडो कहा जाता है। पूरी खबर पढ़ें…



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