Nepal-Tibet Border Flood | Missing Indians Rescue Operation Update | ACTPnews

Nepal-Tibet Border Flood | Missing Indians Rescue Operation Update


काठमांडूकुछ ही क्षण पहलेलेखक: एजेंसी इनपुट्स के साथ नेपाल से रमेश पोख्रेल

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नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर बुधवार सुबह आई अचानक बाढ़ ने नेपाल के रसुवा समेत कई इलाकों में भारी तबाही मचा दी। बाढ़ और भूस्खलन से दोनों देशों में अब तक 472 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1500 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं। इनमें करीब 290 भारतीय भी शामिल हैं।

बाढ़ का पानी तिब्बत की तरफ से नेपाल में आया था और अब जिस झील में पानी जमा है, उसके दोबारा टूटने पर फिर बाढ़ आने का खतरा बना हुआ है।

ट्रम्प ने नेपाल को हर संभव मदद देने का भरोसा दिया है। NBC न्यूज के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति ने बताया कि उन्होंने नेपाल के अधिकारियों से बाढ़ से हुए नुकसान के बारे में जानकारी ली है।

काठमांडू स्थित ट्रॉमा सेंटर में शुक्रवार को लापता लोगों की तस्वीरें देखते लोग।

काठमांडू स्थित ट्रॉमा सेंटर में शुक्रवार को लापता लोगों की तस्वीरें देखते लोग।

तबाही के आंकड़े

नेपाल में

  • 469 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। 977 लोग अब भी लापता हैं।
  • लापता लोगों में 517 विदेशी नागरिक, 45 नेपाली सेना के जवान और 41 नेपाल पुलिसकर्मी शामिल हैं।

तिब्बत में

  • 3 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। 558 लोग अब भी लापता हैं।
  • लापता लोगों में 260 विदेशी नागरिक शामिल हैं।
बाढ़ से पहले और बाद की सैटेलाइट तस्वीरों में नेपाल-चीन सीमा का रसुवागढ़ी बॉर्डर पोस्ट। बाढ़ और लैंडस्लाइड के बाद पोस्ट पूरी तरह तबाह नजर आया। क्रेडिट: वैंटोर/हैंडआउट

बाढ़ से पहले और बाद की सैटेलाइट तस्वीरों में नेपाल-चीन सीमा का रसुवागढ़ी बॉर्डर पोस्ट। बाढ़ और लैंडस्लाइड के बाद पोस्ट पूरी तरह तबाह नजर आया। क्रेडिट: वैंटोर/हैंडआउट

खबर से जुड़े पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे दिए ब्लॉग से गुजर जाइए…

लाइव अपडेट्स

2 मिनट पहले

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चीन ने झील के सर्वे के लिए इंजीनियर्स की टीम भेजी

चीन ने नेपाल सीमा के पास तिब्बत में बनी एक अस्थायी झील का सर्वे शुरू कर दिया है। आशंका है कि झील के टूटने से बाढ़ का नया खतरा पैदा हो सकता है। इसी को देखते हुए इंजीनियरों की टीम हवाई सर्वे और 3D मॉडलिंग के जरिए हालात का आकलन कर रही है।

14 मिनट पहले

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नेपाल की बाढ़ के बाद बिहार में उफनी गंडक

नेपाल में आई बाढ़ के बाद गंडक नदी का जलस्तर बढ़ गया है। इससे बिहार के पुचहरिया गांव के बाबू टोला में बाढ़ और कटाव का खतरा बढ़ गया है।

एक स्थानीय निवासी ने बताया, “पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा है। प्रशासन ने लोगों से ऊंची जगहों पर जाने को कहा है, लेकिन लोग अभी भी गांव में ही हैं।”

30 मिनट पहले

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नेपाल ने विदेशी रेस्क्यू टीमों की मदद ठुकराई

नेपाल सरकार ने भारत, चीन, अमेरिका, ब्रिटेन समेत कई देशों की ओर से भेजी गई विदेशी रेस्क्यू टीमों की पेशकश ठुकरा दी है। सरकार का कहना है कि नेपाल की सेना और पुलिस खुद राहत-बचाव अभियान संभालने में सक्षम हैं। यह फैसला नेपाली सेना और पुलिस की सलाह के बाद लिया गया है।

नेपाल के अधिकारियों के मुताबिक, 2015 के भूकंप के दौरान बड़ी संख्या में विदेशी रेस्क्यू टीमों के आने से बचाव अभियान के तालमेल में दिक्कतें आई थीं। इसी को देखते हुए इस बार विदेशी टीमों की जगह आर्थिक मदद लेने का फैसला किया गया है। भारत ने भी NDRF भेजने की पेशकश की थी, जिसे नेपाल ने स्वीकार नहीं किया।

37 मिनट पहले

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5 तस्वीरे: तबाही के बाद जिंदगी समेटने की कोशिश

त्रिशूली में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन के बाद एक महिला अपने क्षतिग्रस्त घर से कीचड़ से सनी गुल्लक निकालते हुए।

त्रिशूली में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन के बाद एक महिला अपने क्षतिग्रस्त घर से कीचड़ से सनी गुल्लक निकालते हुए।

बचावकर्मी एक महिला को क्षतिग्रस्त घर के अंदर जाने में मदद करते हुए, ताकि वह अपना सामान निकाल सके।

बचावकर्मी एक महिला को क्षतिग्रस्त घर के अंदर जाने में मदद करते हुए, ताकि वह अपना सामान निकाल सके।

नुवाकोट जिले के त्रिशूली में क्षतिग्रस्त दुकान में एक महिला अपना सामान तलाशती हुई।

नुवाकोट जिले के त्रिशूली में क्षतिग्रस्त दुकान में एक महिला अपना सामान तलाशती हुई।

एक बचावकर्मी एक महिला को कीचड़ से भरी सड़क से निकलने में मदद करता हुआ।

एक बचावकर्मी एक महिला को कीचड़ से भरी सड़क से निकलने में मदद करता हुआ।

एक बचावकर्मी स्थानीय लोगों को क्षतिग्रस्त घर से सामान निकालने में मदद करता हुआ।

एक बचावकर्मी स्थानीय लोगों को क्षतिग्रस्त घर से सामान निकालने में मदद करता हुआ।

48 मिनट पहले

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नेपाली सेना ने 1,024 विदेशी नागरिकों को बचाया

नेपाल सेना ने आपदा प्रभावित इलाकों में फंसे 1,024 विदेशी नागरिकों को सुरक्षित निकाल लिया है। बचाव दल अब भी लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाने, क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे का जायजा लेने और टूटी सड़कों-पुलों के कारण बाकी इलाकों से कट चुके लोगों तक पहुंचने में जुटे हैं।

नेपाल में विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के बाद कई इलाकों में हालात अब भी गंभीर हैं। बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने और सड़कों-पुलों के टूटने से राहत और बचाव अभियान में मुश्किलें आ रही हैं।

59 मिनट पहले

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नेपाल में हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग में 100 लोग फंसे

नेपाल में बाढ़ की वजह से त्रिशूली-3ए हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग में करीब 100 लोग फंसे हुए हैं। नेपाली सेना की हेलिकॉप्टर रेस्क्यू टीमें उन्हें बाहर निकालने की कोशिश कर रही हैं।

नेपाल सेना के प्रवक्ता राजा राम बसनेत ने AFP को बताया कि फिलहाल सेना का मुख्य फोकस लोगों की तलाश और उन्हें बचाने पर है। उन्होंने कहा कि त्रिशूली-3ए हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग में कुछ लोग फंसे हुए हैं।

प्रधानमंत्री कार्यालय ने शुक्रवार को एक बयान में बताया कि इलाके से 350 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है, लेकिन करीब 100 लोग अब भी सुरंग में फंसे हुए हैं।

04:01 AM28 अगस्त 2026

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चीन ने तिब्बत से 555 फंसे पर्यटकों को निकाला

तिब्बत में 555 फंसे हुए पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। शिन्हुआ न्यूज ने चीनी अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी दी है।

अभी यह पता नहीं है कि तिब्बत से निकाले गए इन 555 पर्यटकों का आंकड़ा नेपाल की ओर से जारी लापता या प्रभावित लोगों के आंकड़ों में शामिल है या नहीं।

शिन्हुआ ने यह नहीं बताया कि बचाए गए पर्यटक किन देशों के नागरिक हैं। भारत, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका ने पहले ही बताया है कि उनके नागरिक इस आपदा के बाद लापता हैं।

03:50 AM28 अगस्त 2026

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बाढ़ से नेपाल में 80 पुल और 40 किमी सड़कें टूटीं

बाढ़ ने नेपाल में सिर्फ लोगों की जान ही नहीं ली, बल्कि देश की नई सरकार के लिए आर्थिक मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं।

नेपाल की अर्थव्यवस्था काफी हद तक विदेशी मदद, विदेशों में काम करने वाले नेपाली लोगों के भेजे पैसे और चीन-भारत से आने वाले सामान पर निर्भर है। अब बाढ़ ने इस स्थिति को और मुश्किल बना दिया है।

नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक, बाढ़ से 80 पुल और करीब 40 किलोमीटर पक्की सड़कें खराब हो गई हैं।

बाढ़ से प्रभावित इलाका चीन की सीमा के पास है। वहां की कई सड़कें और पुल चीन से सामान लाने और नेपाल से सामान भेजने के लिए बेहद जरूरी हैं। चीन नेपाल का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है।

03:39 AM28 अगस्त 2026

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बाढ़ के बाद करीब 90 अमेरिकी नागरिक लापता

नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में विनाशकारी अचानक आई बाढ़ के बाद करीब 90 अमेरिकी नागरिकों का अब तक पता नहीं चल पाया है।

अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि उसे किसी अमेरिकी नागरिक की मौत की जानकारी नहीं है। वहीं, तीन अमेरिकी नागरिकों को बचा लिया गया है।

लापता अमेरिकी नागरिकों में कई लोग तिब्बत में कैलाश पर्वत की तीर्थयात्रा पर गए थे। कैलाश पर्वत हिंदू, बौद्ध और अन्य धर्मों के लोगों के लिए पवित्र माना जाता है।

लापता लोगों में 32 देशों के 700 से अधिक विदेशी नागरिक शामिल हैं। नेपाल पर्यटन बोर्ड के मुताबिक, इनमें से कम से कम 517 विदेशी नागरिक नेपाल में लापता हैं। वहीं, चीन के अधिकारियों के अनुसार 260 लोग चीन में लापता हैं।

03:25 AM28 अगस्त 2026

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मृतकों की पहचान के लिए मुर्दाघर के बाहर तस्वीरें लगाई गईं

काठमांडू प्रशासन ने शवों की पहचान के लिए मुर्दाघर के बाहर तस्वीरें लगाई हैं।

काठमांडू प्रशासन ने शवों की पहचान के लिए मुर्दाघर के बाहर तस्वीरें लगाई हैं।

03:15 AM28 अगस्त 2026

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ग्यिरोंग में अगले 3 दिन बारिश, अस्थायी बांध टूटने का भी डर

अचानक आई बाढ़ के दौरान मिट्टी और पानी का तेज बहाव घुसता हुआ। पानी इमिग्रेशन कॉम्पलेक्स के ऊपर से आता हुआ दिख रहा है।

अचानक आई बाढ़ के दौरान मिट्टी और पानी का तेज बहाव घुसता हुआ। पानी इमिग्रेशन कॉम्पलेक्स के ऊपर से आता हुआ दिख रहा है।

चीन-नेपाल सीमा पर स्थित ग्यिरोंग काउंटी में अगले तीन दिनों तक बारिश होने का अनुमान है। यह इलाका हालिया भूस्खलन से बुरी तरह प्रभावित हुआ है। अधिकारियों ने आगे भी भूस्खलन और बाढ़ का खतरा जताया है।

चीनी सरकारी मीडिया CCTV ने चीन मौसम विज्ञान विभाग के हवाले से बताया कि ग्यिरोंग में अगले तीन दिनों के दौरान रुक-रुककर बारिश होगी।

चीन के प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय ने पहले चेतावनी दी थी कि नेपाल में भूस्खलन के कारण बनी अस्थायी बांध जैसी संरचना टूट सकती है। इसके पीछे एक झील बन रही है। अगर यह संरचना टूटी तो नीचे की ओर फिर बाढ़ आ सकती है।

02:58 AM28 अगस्त 2026

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नेपाल बाढ़ में 7 बैंकों के 27 कर्मचारी लापता

नेपाल में भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद रसुवा में 7 बैंकों की शाखाओं में काम करने वाले कम से कम 27 कर्मचारी अब भी संपर्क से बाहर हैं। बुधवार सुबह बाढ़ आने के बाद से इन कर्मचारियों से संपर्क नहीं हो पाया है।

सबसे ज्यादा कर्मचारी नेपाल इन्वेस्टमेंट मेगा बैंक के हैं। उसके 7 कर्मचारी संपर्क से बाहर हैं। इसके अलावा माछापुच्छ्रे बैंक के 5, सानिमा बैंक के 2, लक्ष्मी सनराइज बैंक के 3, हिमालयन बैंक का 1, NMB बैंक के 4और प्रभु बैंक के 5 कर्मचारी अब तक संपर्क में नहीं आए हैं।

02:44 AM28 अगस्त 2026

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नेपाल में मौत का आंकड़ा बढ़ा

नेपाल के रसुवा में आई विनाशकारी बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 469 हो गई है।

गृह मंत्रालय की आपदा तैयारी और प्रतिक्रिया शाखा (NEOC) की ओर से आज सुबह 7:30 बजे जारी रिपोर्ट के मुताबिक, 977 लोग अभी भी लापता हैं।

02:25 AM28 अगस्त 2026

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हाइड्रोपावर प्लांट की सुरंग में फंसे लोगों का रेस्क्यू जारी

रसुवा जिले में त्रिशूली हाइड्रोपावर प्लांट की सुरंग में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए नेपाली सेना रेस्क्यू की कोशिश में जुटी है। रिपोर्ट के मुताबिक इसमें 100 से ज्यादा लोग फंसे हैं।

02:10 AM28 अगस्त 2026

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बाढ़ की तबाही के बीच जिंदगी बचाने की कोशिश

त्रिशूली कैंप में गुरुवार को विनाशकारी अचानक आई बाढ़ के बाद चलाए जा रहे तलाशी और बचाव अभियान के दौरान बचाए गए एक बच्चे का इलाज किया जा रहा है।

त्रिशूली कैंप में गुरुवार को विनाशकारी अचानक आई बाढ़ के बाद चलाए जा रहे तलाशी और बचाव अभियान के दौरान बचाए गए एक बच्चे का इलाज किया जा रहा है।

तलाशी अभियान के दौरान नेपाली सेना के जवान जुड़वां बच्चों को गोद में लेकर उन्हें संभालते हुए।

तलाशी अभियान के दौरान नेपाली सेना के जवान जुड़वां बच्चों को गोद में लेकर उन्हें संभालते हुए।

नेपाल के त्रिशूली कैंप में गुरुवार को चलाए जा रहे तलाशी और बचाव अभियान के दौरान एक चिकित्सा अधिकारी बचाए गए बच्चे को ले जाते हुए।

नेपाल के त्रिशूली कैंप में गुरुवार को चलाए जा रहे तलाशी और बचाव अभियान के दौरान एक चिकित्सा अधिकारी बचाए गए बच्चे को ले जाते हुए।

बाढ़ के बाद चलाए जा रहे तलाशी और बचाव अभियान के दौरान बच्चों का इलाज किया जा रहा है।

बाढ़ के बाद चलाए जा रहे तलाशी और बचाव अभियान के दौरान बच्चों का इलाज किया जा रहा है।

01:54 AM28 अगस्त 2026

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सचिन ने प्रभावित परिवारों और रेस्क्यू टीमों के लिए जताई संवेदना

पूर्व भारतीय क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने बाढ़ से प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि इससे बड़ी अनिश्चितता शायद ही कोई हो सकती है कि आपको यह पता न हो कि आपका कोई अपना सुरक्षित है या नहीं।

सचिन ने नेपाल की बाढ़ से प्रभावित सभी परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि खास तौर पर उन लोगों के साथ उनकी संवेदनाएं हैं, जो अब भी किसी खबर का इंतजार कर रहे हैं। वह लापता लोगों के परिजनों और उन तक पहुंचने के लिए दिन-रात काम कर रही बचाव टीमों के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।

01:45 AM28 अगस्त 2026

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चार जिलों से बरामद 102 शव पोखरा भेजे गए

त्रिशूली और नारायणी नदी के किनारे से बरामद कुल 102 शवों को पहचान और पोस्टमार्टम के लिए पोखरा भेजा गया है। इनमें नवलपरासी से 41, धादिंग से 27, तनहूं से 23 और गोरखा से 11 शव शामिल हैं।

इन जिलों में शवों को रखने की व्यवस्था नहीं होने के कारण भेजा गया। जिला प्रशासन अब मेडिकल प्रक्रिया पूरी होने के बाद सार्वजनिक सूचना जारी करने की तैयारी कर रहा है, ताकि शोक में डूबे परिवार अपने लापता रिश्तेदारों की पहचान कर सकें।

01:35 AM28 अगस्त 2026

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तस्वीरों में दिखा बाढ़ का दर्द, हर चेहरे पर चिंता और मायूसी

01:28 AM28 अगस्त 2026

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ऑस्ट्रेलिया ने नेपाल को 35 करोड़ रुपए देने का ऐलान किया

ऑस्ट्रेलिया ने नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित लोगों की मदद के लिए 50 लाख ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (करीब 35 करोड़ भारतीय रुपए) की मदद देने का ऐलान किया है।

ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्रालय ने बताया कि प्रभावित ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों की मदद के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों को भी नेपाल भेजा जा रहा है।

ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्रालय ने कहा कि बाढ़ और भूस्खलन के कारण कई सड़कें और पुल तबाह हो गए हैं। इसकी वजह से कई समुदाय अब भी दूसरे इलाकों से कटे हुए हैं और वहां पहुंचना मुश्किल है। ऐसे में तेजी से मानवीय सहायता पहुंचाना जरूरी है।

मंत्रालय के मुताबिक, नेपाल में कम से कम 39 ऑस्ट्रेलियाई नागरिक अब भी लापता हैं।

01:09 AM28 अगस्त 2026

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तबाही से पहले और बाद की 4 सैटेलाइट तस्वीरें…

18 अक्टूबर 2023 और 27 अगस्त 2026 की सैटेलाइट तस्वीरों में नेपाल के स्याप्रुबेसी का सीमेंट प्लांट। बाढ़ के बाद इमारतें और पुल बह गए।

18 अक्टूबर 2023 और 27 अगस्त 2026 की सैटेलाइट तस्वीरों में नेपाल के स्याप्रुबेसी का सीमेंट प्लांट। बाढ़ के बाद इमारतें और पुल बह गए।

नेपाल के स्याप्रुबेसी स्थित त्रिशूली पुल की पहली सैटेलाइट तस्वीर 18 अक्टूबर 2023 की है। दूसरी तस्वीर बाढ़ के बाद 27 अगस्त की है, जिसमें पुल और आसपास की इमारतें बह गईं।

नेपाल के स्याप्रुबेसी स्थित त्रिशूली पुल की पहली सैटेलाइट तस्वीर 18 अक्टूबर 2023 की है। दूसरी तस्वीर बाढ़ के बाद 27 अगस्त की है, जिसमें पुल और आसपास की इमारतें बह गईं।

नेपाल का स्याप्रुबेसी इलाका, जहां 24 अगस्त को बर्फ से ढका ग्लेशियर नजर आ रहा था, जबकि 27 अगस्त को उसी जगह बड़ा गड्ढा और मलबा दिखाई दे रहा है।

नेपाल का स्याप्रुबेसी इलाका, जहां 24 अगस्त को बर्फ से ढका ग्लेशियर नजर आ रहा था, जबकि 27 अगस्त को उसी जगह बड़ा गड्ढा और मलबा दिखाई दे रहा है।

01:07 AM28 अगस्त 2026

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नेपाल बाढ़ में 32 देशों के नागरिक लापता

नेपाल में बाढ़ के बाद 32 देशों के 1400 से ज्यादा नागरिक शामिल हैं। इनमें ट्रेकिंग, टूर और कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए पहुंचे लोग भी शामिल हैं। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, लापता लोगों में 113 नेपाली पर्यटक, सेना-पुलिस के 85 जवान और रसुवा जिले के 161 लोग शामिल हैं। अब तक 50 विदेशियों को हेलिकॉप्टर से सुरक्षित निकाला गया है।

लापता लोगों में भारत के 290, अमेरिका के 90, यूक्रेन के 55, मलेशिया के 51, ऑस्ट्रेलिया के 39, ब्रिटेन के 33, कनाडा के 25, दक्षिण कोरिया के 9, सिंगापुर, जर्मनी और रूस के 8-8, दक्षिण अफ्रीका और लातविया के 6-6, जापान और न्यूजीलैंड के 5-5, फ्रांस के 4 नागरिक शामिल हैं।

01:05 AM28 अगस्त 2026

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पूर्व DRDO चेयरमैन जी. सतीश रेड्डी समेत 35 कैलाश यात्री सुरक्षित

नेपाल में बाढ़ के बीच हैदराबाद से कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गया 45 सदस्यीय दल सुरक्षित है। यह यात्रा MSR चैरिटेबल ट्रस्ट के तहत आयोजित की गई थी। दल में 35 यात्री और 10 सपोर्ट स्टाफ शामिल हैं।

इसमें पूर्व DRDO चेयरमैन जी. सतीश रेड्डी और उनका परिवार भी शामिल है। ट्रस्ट ने बताया कि सभी ने कैलाश की परिक्रमा पूरी कर ली है और अब वापस लौट रहे हैं। जिस कीरुंग रास्ते से उन्हें लौटना था, वहां बाढ़ आने के बाद चीनी और तिब्बती अधिकारियों ने उनका रास्ता बदल दिया है।

अब दल दूसरे रास्ते से नेपाल लौटेगा। यात्री गुरुवार को सागा में रुकेंगे और शुक्रवार को न्यालम पहुंचेंगे। वहां इमिग्रेशन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद काठमांडू जाएंगे और फिर हैदराबाद लौटेंगे। सतीश रेड्डी ने भी फोन पर बताया कि सभी लोग सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ के कारण वापसी का नया रास्ता तय किया जा रहा है और उम्मीद है कि वे 30 अगस्त तक दिल्ली पहुंच जाएंगे।

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