Nepal Flood Survival Stories | Teacher Bravery Saves Students Lives | ACTPnews

Nepal Flood Survival Stories | Teacher Bravery Saves Students Lives


19 मिनट पहले

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नेपाल में आई बाढ़ ने करीब 750 लोगों की जान ले ली। 2500 लोग लापता हैं। हर तरफ तबाही, दर्द और बिछड़ने की कहानियां हैं, लेकिन इसी तबाही के मंजर के बीच कुछ ऐसे किस्से भी सामने आए, जिन्होंने उम्मीद जिंदा रखी है।

पढ़िए, नेपाल बाढ़ में मौत को मात देने वाली ऐसी ही 3 सच्ची कहानियां…

केस 1- ‘चाय के लिए नहीं रुकते तो जान जा सकती थी’

तीर्थयात्री गडा एलावेनी ने ANI को बताया कि उनका ग्रुप तीन बसों में काठमांडू से सफर कर रहा था। रास्ते में सभी लोग चाय पीने के लिए कुछ देर के लिए रुक गए। यह रुकना बाद में उनकी जिंदगी का सबसे अहम फैसला साबित हुआ।

उन्हें बाद में पता चला कि उनसे करीब आधे घंटे पहले निकली दो बसें बाढ़ की तेज धारा में बह गईं और उनका कोई पता नहीं चला।

एलावेनी ने कहा कि उन्हें बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि रास्ते में इतनी बड़ी आपदा आने वाली है। उन्होंने कहा, “हमने कभी नहीं सोचा था कि हमारे साथ ऐसा होगा। खैर, हमें दर्शन नहीं मिले, लेकिन भगवान हमें सुरक्षित घर ले आए।”

उन्होंने बताया कि उन्होंने काठमांडू से करीब 80 किलोमीटर का सफर तय किया था और तीनों बसों में सवार सभी लोग सुरक्षित हैं।

तीर्थयात्री गडा एलावेनी ने ANI को दिए इंटरव्यू में अपनी आपबीती सुनाई।

तीर्थयात्री गडा एलावेनी ने ANI को दिए इंटरव्यू में अपनी आपबीती सुनाई।

केस 2- आंखों के सामने पूरा स्कूल बह गया, गनीमत- बच्चे बचा लिए

त्रिभुवन सेकेंडरी को-एजुकेशनल स्कूल के प्रिंसिपल राजेंद्र दवाड़ी एक कक्षा में पढ़ा रहे थे। तभी उनका साथी दौड़ता हुआ आया। उसने बताया कि नदी के ऊपरी क्षेत्र में रहने वाले किसी व्यक्ति ने फोन करके बाढ़ आने की जानकारी दी है।

दवाड़ी ने भास्कर को बताया, ‘मैंने तत्काल स्कूल की घंटी लगातार बजाने का निर्देश दिया, ताकि खतरे का अलार्म दिया जा सके। स्कूल में 1,600 स्टूडेंट थे। बाढ़ वाले दिन कितने थे, पता नहीं। मेरी आंखों के सामने स्कूल बाढ़ में बह गया।’

‘गनीमत रही कि बच्चे बच गए। बाद में मुझे हेलिकॉप्टर से बचाया गया। स्कूल में बाढ़ प्रभावित इलाकों के बच्चे पढ़ते थे। कई बच्चों ने पूरे परिवार खो दिए हैं।’

केस 3- 6 साल की बच्ची 3 दिन तक मलबे में दबी रही, रेस्कयू टीम ने बचाया

रसुवा के तिमुरे इलाके में रेस्कयू टीम ने 6 साल की एक बच्ची को बाढ़ के तीन दिन बाद मलबे के नीचे से जिंदा निकाला।

टीम जब लापता लोगों की तलाश कर रही थी, तब उन्हें मलबे के नीचे से बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दी। इसके बाद जवानों ने मिट्टी और मलबा हटाकर उसे बाहर निकाला।

रेस्क्यू के बाद बच्ची को तिमुरे की पुलिस चौकी ले जाया गया। उसकी तबीयत खराब होने पर उसे काठमांडू भेजने की तैयारी की गई, लेकिन खराब मौसम और अंधेरा होने के कारण उसे एयरलिफ्ट नहीं किया जा सका।

अगले दिन हेलिकॉप्टर से उसे काठमांडू पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। इस रेस्क्यू का वीडियो भी सामने आया है। इसमें जवान भारी मलबे के बीच बच्ची को सुरक्षित निकालते नजर आ रहे हैं।

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