Delhi Hostel Collapse Case | Kiran Bedi Moves High Court | ACTPnews

दिल्ली पीजी हादसे में कुल 5 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं।
 - Dainik Bhaskar


  • Hindi News
  • National
  • Delhi Hostel Collapse Case | Kiran Bedi Moves High Court | Hearing Update

20 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

दिल्ली पीजी हादसे में कुल 5 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं।

रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी किरण बेदी गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचीं। उन्होंने सत्या निकेतन में हॉस्टल की इमारत गिरने से जुड़े मामले में खुद को केस में शामिल करने की मांग की।

केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और दिल्ली नगर निगम (MCD) की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने बेदी की याचिका का विरोध किया। उन्होंने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा।

चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने कहा कि बेदी देश की जिम्मेदार नागरिक हैं और उन्हें प्रशासन का अनुभव है।

सत्य निकेतन में दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास लड़कों के लिए 5 मंजिला पेइंग-गेस्ट हॉस्टल था। 6 सितंबर को मरम्मत के दौरान यह इमारत गिर गई थी। मलबे में दबने से 7 लोगों की मौत हुई थी। कई घायल भी हुए थे।

सत्य निकेतन का मलबा हटने के बाद की 2 तस्वीरें…

NDRF की टीमों ने 28 घंटे तक मलबा हटाने और लोगों को बचाने ऑपरेशन चलाया।

NDRF की टीमों ने 28 घंटे तक मलबा हटाने और लोगों को बचाने ऑपरेशन चलाया।

हादसे के बाद MCD ने 5 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है।

हादसे के बाद MCD ने 5 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है।

बेदी की याचिका पर जवाब के लिए 3 दिन मिले

कोर्ट ने कहा कि पुडुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल रहीं किरण बेदी मामले में कोर्ट की मदद करना चाहती हैं। उनके लंबे प्रशासनिक अनुभव का इस्तेमाल किया जा सकता है।

कोर्ट ने अधिकारियों से मामले को टकराव के रूप में न देखने को कहा। अदालत ने बेदी की याचिका पर जवाब देने के लिए अधिकारियों को 3 दिन का समय दिया। मामले की अगली सुनवाई 25 सितंबर को होगी।

एडिशनल सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने कहा कि वह किरण बेदी का बहुत सम्मान करते हैं, लेकिन उनकी याचिका से लगता है कि वह मामले में पहले ही निष्कर्ष निकाल रही हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों ने अभी अपनी स्टेटस रिपोर्ट दाखिल नहीं की है।

7 सितंबर को कहा था- सरकार जिम्मेदारी से बच नहीं सकती

हाईकोर्ट ने 7 सितंबर को घटना की उच्चस्तरीय MCD जांच का आदेश दिया था। कोर्ट ने साफ कहा था कि सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती। कोर्ट ने कहा था कि यह घटना सिर्फ दुर्भाग्यपूर्ण नहीं है। इससे हॉस्टल समेत छात्रों के लिए पर्याप्त आवास सुविधाओं पर गंभीर चिंता पैदा हुई है।

अदालत ने दिल्ली यूनिवर्सिटी और सरकार की ओर से चलाए जा रहे हॉस्टलों की स्थिति पर भी चिंता जताई थी। इसके अलावा, छात्रों की सुरक्षा और पेइंग-गेस्ट सुविधाओं को नियंत्रित करने के लिए MCD और अन्य अधिकारियों के अपर्याप्त कदमों पर सवाल उठाए थे।

गिरफ्तार आरोपियों में PG मालिक, संचालक और लेबर कॉन्ट्रैक्टर

दिल्ली पुलिस ने PG हादसे में बिल्डिंग मालिक हरिराम बंसल, उनकी पत्नी उर्मिला, बेटे महेश, लेबर कॉन्ट्रैक्टर सनोज और सुधांशु नाम के शख्स को गिरफ्तार किया है।

पीजी हादसे के आरोपी हरिराम बंसल एयरफोर्स के रिटायर्ड सार्जेंट हैं।

पीजी हादसे के आरोपी हरिराम बंसल एयरफोर्स के रिटायर्ड सार्जेंट हैं।

ठेकेदार बोला- हादसे से 10 दिन पहले रेनोवेशन के लिए लगाया था

पूछताछ में ठेकेदार सनोज ने बताया कि महेश गुप्ता ने उसे 10 दिन पहले रेनोवेशन के लिए लगाया था। उसे 2800 रुपये रोज मिलते थे। काम बेसमेंट को ग्राउंड फ्लोर के बराबर लेवल करने का था, जिसके लिए बेसमेंट में करीब 3 ट्रक मलबा भरा गया था।

ग्राउंड फ्लोर पर दुकान की जगह में एक दीवार रुकावट बन रही थी। हादसे वाले दिन जगह बनाने के लिए उस दीवार को हटा दिया गया। दीवार हटते ही कमजोर इमारत लोड नहीं झेल पाई और ढह गई।

——————–

दिल्ली PG हादसे से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें…

परिवार ने बेटे की आंखें दान कीं: पिता बोले- काश बेटे को हॉस्टल से निकाल पाता

एक कमरे का रेंट ₹15 हजार, एग्रीमेंट में सुरक्षा से पल्ला झाड़ने की शर्त: 3 महीने की सिक्योरिटी मनी भी ली

दिल्ली हाईकोर्ट बोला- हादसे के लिए नगर निगम जिम्मेदार: सरकार भी जवाबदेही से नहीं बच सकती

छात्र बोले- 10 मिनट पहले निकले, नहीं तो दबे होते: बिल्डिंग की दीवारों से दरकने की आवाजें आ रही थीं

खबरें और भी हैं…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *