Donald Trump Xi Jinping Meeting Possible Outcome; Tariff – Rare Earth | ACTPnews

Donald Trump Xi Jinping Meeting Possible Outcome; Tariff - Rare Earth


वॉशिंगटन डीसी3 दिन पहले

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प 24 सितंबर को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिलेंगे। ट्रम्प को भरोसा है कि शी के साथ उनके अच्छे निजी रिश्ते बातचीत में अमेरिका के काम आएंगे।

लेकिन द अटलांटिक की रिपोर्ट के मुताबिक, शी निजी रिश्तों से ज्यादा चीन के हित को महत्व देते हैं। पिछले दो साल में इसके दो उदाहरण भी सामने आए। दोनों मामलों में चीन के जवाब के बाद अमेरिका को अपने कदम पीछे खींचने पड़े।

पहला मामला: टैरिफ

अप्रैल 2025 में ट्रम्प ने चीन से आने वाले सामान पर बहुत ज्यादा टैरिफ लगा दिया। मकसद था चीन पर दबाव बनाना, ताकि वह अमेरिका की शर्तें मान ले।

चीन ने भी अमेरिका के सामान पर जवाबी टैरिफ लगा दिए। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार पर असर पड़ने लगा। आखिरकार ट्रम्प को अपने लगाए कुछ टैरिफ कम करने पड़े।

दूसरा मामला: रेयर अर्थ

इसके बाद चीन ने रेयर अर्थ के निर्यात पर नए नियम लगा दिए। रेयर अर्थ ऐसी धातुएं हैं, जिनका इस्तेमाल मोबाइल, इलेक्ट्रिक गाड़ियों, इलेक्ट्रॉनिक्स और हथियारों में होता है।

चीन इन धातुओं का बड़ा उत्पादक है। इसलिए उसके निर्यात पर रोक से अमेरिका की कई कंपनियों के लिए कच्चे माल की सप्लाई प्रभावित हो सकती थी।

चीन के इस कदम के बाद अमेरिका ने भी चीन पर लगाए कुछ निर्यात प्रतिबंधों में ढील दे दी।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प 15 मई 2026 को बीजिंग के झोंगनानहाई गार्डन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ चलते हुए।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प 15 मई 2026 को बीजिंग के झोंगनानहाई गार्डन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ चलते हुए।

दोनों की बातचीत में फर्क

ट्रम्प को लगता है कि शी के साथ उनके अच्छे रिश्ते बातचीत में काम आएंगे। इसलिए पिछले एक साल में चीन से जुड़े कई बड़े मामलों में उन्होंने खुद शी से बात की। लेकिन शी के फैसलों में निजी रिश्तों का असर कम दिखाई देता है। उनका ध्यान चीन के लंबे समय के हितों पर रहता है।

इसी फर्क को समझाने के लिए रिपोर्ट में शी के पुराने सहयोगी जनरल झांग यूशिया का उदाहरण दिया गया है। शी और झांग के परिवारों के रिश्ते कई दशक पुराने थे। दोनों के पिता चीन के गृहयुद्ध के दौरान साथ रहे थे। चार साल पहले शी ने झांग की रिटायरमेंट भी टाल दी थी।

इसके बावजूद जनवरी में शी ने झांग को चीन के शीर्ष सैन्य पद से हटा दिया। उन्हें हटाने की असली वजह सार्वजनिक नहीं हुई। यह उदाहरण बताता है कि शी राजनीतिक फैसलों में पुराने निजी रिश्तों को भी प्राथमिकता नहीं देते।

पिछले साल बीजिंग में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ जनरल झांग यूशिया।

पिछले साल बीजिंग में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ जनरल झांग यूशिया।

ट्रम्प जल्दी नतीजा चाहते हैं, शी इंतजार करते हैं

ट्रम्प बातचीत में जल्दी दबाव बनाकर समझौता कराने की कोशिश करते हैं। शी का तरीका अलग है। वे लंबे समय तक इंतजार कर सकते हैं और सही समय आने पर दबाव बढ़ाते हैं।

इसी वजह से दोनों नेताओं के बीच दोस्ताना बातचीत के बावजूद बड़े मुद्दों पर समझौता करना आसान नहीं रहा है।

ट्रम्प एयरबेस जाकर जिनपिंग का स्वागत करेंगे

ट्रम्प 24 सितंबर को सिर्फ जिनपिंग से मुलाकात ही नहीं करेंगे, बल्कि उनके वॉशिंगटन पहुंचने पर एंड्रयूज एयर फोर्स बेस जाकर खुद उनका स्वागत भी करेंगे। पोलिटिको के मुताबिक, ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल में यह पहली बार होगा जब वे किसी विदेशी नेता का स्वागत करने एयरबेस जाएंगे।

अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, इसका मकसद जिनपिंग को सम्मान देना और बातचीत का माहौल बेहतर बनाना है। चीन के लिए भी यह खास संकेत है, क्योंकि इससे जिनपिंग को अमेरिकी राष्ट्रपति के बराबर सम्मान दिए जाने का संदेश जाता है।

ट्रम्प इसके अलावा जिनपिंग के लिए स्टेट डिनर भी रख रहे हैं। रॉयटर्स के मुताबिक, राष्ट्रपति बनने के बाद यह ट्रम्प का सिर्फ दूसरा स्टेट डिनर होगा। इससे पहले उन्होंने ब्रिटेन के किंग चार्ल्स और क्वीन कैमिला के लिए ऐसा डिनर रखा था।

मुलाकात में ये 5 मुद्दे अहम होंगे

1. ताइवान चीन लगातार ताइवान को लेकर अमेरिका पर दबाव बनाता रहा है। जिनपिंग ने ट्रम्प से बातचीत में अमेरिकी हथियारों की बिक्री का मुद्दा भी उठाया है। ट्रम्प ने ताइवान के लिए आगे होने वाली करीब 14 अरब डॉलर की हथियार बिक्री को बातचीत में इस्तेमाल होने वाले कार्ड के तौर पर बताया था।

2. टैरिफ और व्यापार अमेरिका-चीन के बीच टैरिफ, बाजार में पहुंच और व्यापार का संतुलन बड़ा मुद्दा रहेगा। दोनों देश तनाव कम करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन व्यापार से जुड़े मतभेद अभी खत्म नहीं हुए हैं।

3. ईरान और होर्मुज स्ट्रेट ईरान युद्ध के दौरान होर्मुज स्ट्रेट बंद होने का मुद्दा भी दोनों नेताओं की बातचीत में आया था। ट्रम्प ने कहा था कि जिनपिंग ईरान से स्ट्रेट खोलने के लिए कहने पर सहमत हुए थे। हालांकि, चीन ने ऐसा कोई भरोसा देने की पुष्टि नहीं की थी।

4. AI की होड़ अब अमेरिका-चीन की प्रतिस्पर्धा सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं है। दोनों देश एआई और एडवांस्ड चिप्स में बढ़त हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। अमेरिका चीन को अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर और चिप बनाने वाली तकनीक देने पर रोक लगा रहा है।

5. सोयाबीन और व्यापारिक समझौते जिनपिंग के दौरे से पहले चीन ने अमेरिका से करीब 10 लाख टन सोयाबीन खरीदा है। इससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्तों को स्थिर करने की कोशिश का संकेत मिलता है।

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