'2019 में पूर्णिया आया था सुशांत, कुछ बताना चाहता था':कहा था- कुछ होने वाला है; भाई बोला- दिशा की मौत से जुड़ी है सुशांत की हत्या | ACTPnews

'2019 में पूर्णिया आया था सुशांत, कुछ बताना चाहता था':कहा था- कुछ होने वाला है; भाई बोला- दिशा की मौत से जुड़ी है सुशांत की हत्या

‘मेरे चचेरे भाई सुशांत सिंह राजपूत का मामला उसके पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की हत्या से जुड़ा है। सुशांत आखिरी बार साल 2019 में पूर्णिया आया था। वो मुझे कुछ बताना चाहता था, लेकिन समय कम होने की वजह से नहीं बता सका। लौटते समय उसने कहा था- भइया जल्दी आपको कुछ बताऊंगा। कुछ बड़ा होने वाला है, मैं जल्द ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सब कुछ दुनिया के सामने लाऊंगा। सारे सबूत मेरे पास हैं, मैं किसी से डरता नहीं हूं।’ बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत के चचेरे भाई पन्ना सिंह ने दैनिक भास्कर से बातचीत में ये बातें कही है। दरअसल, पिछले सोमवार यानी 13 सितंबर को एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में CBI ने FIR दर्ज की। इस मामले में भास्कर रिपोर्टर ने सुशांत सिंह राजपूत के चचेरे भाई पन्ना सिंह और चाचा मनमोहन सिंह से बातचीत की। पन्ना सिंह, सुपौल जिले के छातापुर से भाजपा विधायक और बिहार के पूर्व मंत्री नीरज सिंह बबलू के छोटे भाई हैं। दिशा की मौत 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड में एक इमारत की 14वीं मंजिल से गिरने से हुई थी। घटना के छह दिन बाद 14 जून 2020 को सुशांत सिंह भी मुंबई के बांद्रा स्थित अपने अपार्टमेंट में मृत मिले थे। सुशांत सिंह राजपूत के चचेरे भाई और चाचा ने क्या-क्या कहा? दिशा की हत्या मामले को कैसे सुशांत की मौत से जुड़ा बताया? आदित्य ठाकरे को लेकर दोनों ने क्या दावे किए? पढ़िए एक्सक्लूसिव रिपोर्ट। सबसे पहले देखिए, पूर्णिया आने के दौरान सुशांत की तस्वीरें अब पढ़िए सुशांत सिंह राजपूत के चचेरे भाई और चाचा ने क्या कहा… पूर्णिया के मलडीहा के रहने वाले पन्ना सिंह ने कहा कि बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने दिशा सालियान मामले में एफआईआर दर्ज की है। इसके बाद हम लोगों को उम्मीद है कि जल्द सुशांत को भी जस्टिस मिलेगा, क्योंकि दिशा का मामला मेरे भाई से जुड़ा है। सुशांत सिंह राजपूत साल 2019 में पूर्णिया आया था। उस दौरान सुशांत ने मुझे कुछ बताना चाहता था। लेकिन, समय कम होने की वजह से वह बात नहीं कर सका। बस इतना ही बताया था कि भइया जल्द ही आपसे इस बारे में बात करूंगा। पन्ना सिंह ने कहा कि सुशांत बहुत ज्यादा मैच्योर नहीं था। इसी का फायदा उसके दुश्मनों ने उठा लिया। दिशा मामले की सीबीआई जांच चल रही है। बस हम लोग यही चाहते हैं कि कोई निर्दोष इस केस में न फंसे, लेकिन जो दोषी है, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। पन्ना ने कहा कि हम लोग शुरू से ये कहते आए हैं कि इस केस में आदित्य ठाकरे की भूमिका है। चूंकि जिस वक्त की घटना है, आदित्य के पिता उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री थे। आदित्य एकलौता बेटा था, इसलिए जो उसके मन में आता था, करता था। पन्ना का दावा- आदित्य ठाकरे की दिशा, सुशांत केस में डायरेक्ट इन्वॉलमेंट पन्ना सिंह ने कहा कि आदित्य ठाकरे के बारे में सीबीआई बिना किसी दबाव के अपने स्तर से जांच करे, दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। सुशांत ने चांद पर जमीन खरीदी थी, ऐसा कैसे और क्यों होगा कि वो आत्महत्या करेगा। जब कोई डिप्रेशन में होता है, तब सुसाइड करता है या अपने लाइफ में किसी तरह की विफलता को फेस कर रहा हो तो ऐसे कदम उठाता है, लेकिन मेरे भाई के साथ ऐसा कुछ नहीं था। सुशांत पर परिवार या फिर पैसे की कोई लाइबिलिटी भी नहीं थी। पैसे या फिर गाड़ियों की उसके पास कोई कमी नहीं थी। चाचा मनमोहन बोले- साजिश के तहत सुशांत की हत्या की गई सुशांत सिंह राजपूत के चाचा मनमोहन सिंह ने बताया कि बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले का हम लोग स्वागत करते हैं। जिस वक्त सुशांत की मौत की खबर आई थी, तब कोई विश्वास नहीं कर रहा था कि वह सुसाइड कर सकता है। सुशांत की साजिश के तहत हत्या की गई थी। इसमें काफी बड़े-बड़े लोग शामिल थे, कुछ लोग तो ऐसे हैं, जिनका अभी तक नाम भी सामने नहीं आया है। मनमोहन सिंह ने कहा कि सीबीआई ने दिशा की मौत के मामले में एफआईआर दर्ज की है। अब हम लोगों को भरोसा है कि सुशांत और दिशा मामले में कोई भी दोषी बच नहीं पाएगा। पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक पहलुओं पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि सुशांत के शरीर और गले पर मौजूद निशान आत्महत्या के नहीं, बल्कि शारीरिक हिंसा के संकेत दे रहे थे। यहां तक कि शुरुआती रिपोर्ट देखने वाले डॉक्टरों के बयानों से भी यह स्पष्ट होता था कि मामला संदिग्ध था। विधायक नीरज सिंह बबलू ने केस दबाने का आरोप लगाया था 6 दिन पहले बीजेपी विधायक नीरज बबलू ने सहरसा के नया बाजार स्थित अपने घर पर दावा किया था कि दिशा के हत्यारे पकड़े जाते हैं, तो सुशांत की हत्या का राज भी खुल जाएगा। महाराष्ट्र की तत्कालीन उद्धव ठाकरे सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि जब सुशांत की हत्या हुई थी, तब हम लोग मुंबई गए थे। हमें उसी वक्त पता चल गया था कि सुशांत और दिशा सालियान की हत्या के मामले एक-दूसरे से जुड़े हैं। अगर उसी समय दिशा सालियान मामले का खुलासा हो जाता, तो सुशांत के हत्यारों का भी पता चल जाता। उद्धव सरकार पर मामले को दबाने का आरोप नीरज बबलू ने आरोप लगाया कि उस वक्त महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की सरकार थी, जो उनके खिलाफ थी। उन्होंने जानबूझकर दोनों हत्याओं के मामलों को दबाने का काम किया। जब बिहार में सीबीआई जांच की मांग उठी, तब तक वहां सभी सबूत मिटा दिए गए थे और तथ्य छिपा लिए गए थे। पूर्व मंत्री ने बताया कि उस समय दिशा सालियान के पिता सदमे में थे। लेकिन महाराष्ट्र में सरकार बदलने और बीजेपी के सत्ता में आने के बाद उन्हें सुरक्षा और न्याय की उम्मीद जगी। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया। अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने जांच बढ़ाते हुए एफआईआर दर्ज की है।



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