Air India Pilot Suspended | Zurich-Delhi Flight Alcohol Test Fail | ACTPnews

Air India Pilot Suspended | Zurich-Delhi Flight Alcohol Test Fail


नई दिल्ली21 मिनट पहले

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एअर इंडिया के पायलट को 6 सितंबर की ज्यूरिख-दिल्ली फ्लाइट से पहले अल्कोहल टेस्ट में फेल होने पर शुक्रवार को सस्पेंड कर दिया गया है। टेकऑफ से कुछ समय पहले उसे ज्यूरिख एयरपोर्ट पर विमान से उतार दिया गया था और यात्री के तौर पर भारत भेजा गया था।

अंतिम मेडिकल रिपोर्ट और जांच पूरी होने तक पायलट का निलंबन जारी रहेगा। एअर इंडिया ने कहा कि वह सुरक्षा, नियमों और प्रोटोकॉल के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं करती। पुष्टि होने पर कंपनी की नीति और नियमों के मुताबिक सख्त कार्रवाई की जाती है।

एयरलाइन ने यह भी कहा कि सभी फ्लाइट क्रू को सुरक्षा, प्रोफेशनलिज्म और जवाबदेही के मानकों का पालन करने की याद दिलाई गई है। साइकोएक्टिव पदार्थों की जांच भी अनिवार्य है।

फुकेत-दिल्ली फ्लाइट का पायलट भी ड्रग टेस्ट में पॉजिटिव

यह मामला एयर इंडिया के एक अन्य पायलट के मारिजुआना टेस्ट में पॉजिटिव आने के कुछ दिन बाद सामने आया है।

4 अगस्त को फुकेत-दिल्ली फ्लाइट के कमांडर का ड्रग टेस्ट दो बार पॉजिटिव आया था। उड़ान के दौरान विमान करीब 300 फीट नीचे आ गया था। विमान में 145 लोग सवार थे, जिनमें 20 से ज्यादा यात्री और 4 क्रू मेंबर घायल हुए।

सस्पेंड पायलट सुदीप वशिष्ठ ने बताया था कि निजी कारणों से उन्हें नींद की समस्या थी और वे डॉक्टर की बताई दवा ले रहे थे। उन्होंने लेओवर के दौरान सोने की कोशिश की, लेकिन नींद नहीं आई।

एअर इंडिया सभी पायलटों की स्क्रीनिंग करेगी

एयर इंडिया अब अपने सभी पायलटों की प्रतिबंधित पदार्थों और दवाओं के लिए अतिरिक्त जांच कर रही है। यह स्क्रीनिंग ट्रेनिंग और पोस्ट-फ्लाइट के बाद की जाती है।

एअर इंडिया एक्सप्रेस ने पायलटों और अन्य कर्मचारियों से साइकोएक्टिव पदार्थों के इस्तेमाल या निर्भरता की जानकारी स्वेच्छा से देने की अपील की है।

एयरलाइन के मुताबिक, ऐसी जानकारी गोपनीय रखी जाएगी और जरूरत के अनुसार मेडिकल, HR और फ्लाइट सेफ्टी अधिकारियों के साथ साझा की जाएगी।

पायलट उड़ान से 12 घंटे पहले नशा नहीं कर सकता

पायलट्स के लिए अल्कोहल को लेकर डीजीसीए (DGCA) के नियम बेहद सख्त हैं। एयरक्राफ्ट रूल्स, 1937 के नियम 24 के तहत, किसी भी पायलट या क्रू मेंबर को उड़ान से 12 घंटे पहले तक किसी भी तरह के मादक पदार्थ या अल्कोहल का सेवन करने की मनाही है। उड़ान के दौरान भी इसका सेवन पूरी तरह प्रतिबंधित है।

एविएशन सेक्टर में पायलटों के लिए अनिवार्य मेडिकल टेस्ट

क्लास 2 मेडिकल: यह स्टूडेंट पायलट लाइसेंस (SPL) के लिए जरूरी है और फ्लाइट ट्रेनिंग शुरू करने से पहले अनिवार्य है।

क्लास 1 मेडिकल: यह कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) और एयरलाइन पायलटों के लिए जरूरी है। इसमें शारीरिक, मानसिक, विजन, हियरिंग और हार्ट से जुड़ी जांच की जाती है।

ब्रीथ-एनालाइजर टेस्ट: फ्लाइट से पहले और लैंडिंग के बाद पायलटों का ब्रीथ-एनालाइजर टेस्ट किया जाता है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि पायलट के शरीर में अल्कोहल (शराब) का लेवल जीरो हो, क्योंकि एविएशन सेक्टर में इसे लेकर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाती है।

साइकोएक्टिव सब्सटेंस (ड्रग) टेस्ट: पायलटों के लिए नशीले पदार्थों या साइकोएक्टिव सब्सटेंस की जांच भी अनिवार्य है। इसके तहत रैंडम ड्रग टेस्टिंग की जाती है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पायलट किसी भी प्रतिबंधित दवा या नशीले पदार्थ के प्रभाव में नहीं हैं।



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