Manipur Kamjong Murder Case | Militants Kill Naga Villagers Near Border | ACTPnews

घटना 24 सितंबर की शाम हुई थी। पुलिस ने इसकी जानकारी शुक्रवार को दी। - Dainik Bhaskar


कामजोंग3 घंटे पहले

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घटना 24 सितंबर की शाम हुई थी। पुलिस ने इसकी जानकारी शुक्रवार को दी।

मणिपुर के कामजोंग जिले में गुरुवार शाम चार नगा लोगों की हत्या कर दी गई। स्थानीय लोगों ने हत्या का आरोप कुकी नेशनल आर्मी-बर्मा (KNA-B) के उग्रवादियों पर लगाया है। पुलिस के मुताबिक, हथियारों से लैस उग्रवादियों ने पिलोंग नगा गांव में ग्रामीणों पर गोलीबारी की थी।

पिलोंग नगा गांव कामजोंग जिला मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर है। मृतकों की पहचान फामी जाजो, निंगथेम कसाक, बेटरसन जाजो और वरेइशिम जाजो के रूप में हुई है। इनमें वरेइशिम जाजो और फामी जाजो पिता-पुत्र थे। चारों के शव पोस्टमॉर्टम के लिए कामजोंग जिला मुख्यालय लाए गए हैं।

घटना के बाद तांगखुल नागा लॉन्ग (TNL) ने हत्याओं की निंदा करते हुए शुक्रवार सुबह 7 बजे से 24 घंटे के आपातकालीन बंद का ऐलान किया। स्थानीय संगठनों के मुताबिक, फरवरी में शुरू हुई हिंसा के बाद इस साल अब तक 44 लोगों की मौत हो चुकी है।

पुलिस जब शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए ले जा रही थी, तब उन्हें देखने के लिए स्थानीय लोग इकट्ठा हो गए।

पुलिस जब शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए ले जा रही थी, तब उन्हें देखने के लिए स्थानीय लोग इकट्ठा हो गए।

अंतिम संस्कार की आवाजाही पर भी रोक नहीं

तांगखुल नागा लॉन्ग (TNL) ने कहा कि बिजली, चिकित्सा और दमकल जैसी जरूरी सेवाओं को बंद से बाहर रखा जाएगा। अंतिम संस्कार और शोक सभा में जाने वाले लोगों की आवाजाही पर भी बंद लागू नहीं होगा।

वहीं, तांगखुल नागा युवाओं के संगठन खानुइथोट-खोन ने सीएम युमनाम खेमचंद सिंह के 28 सितंबर को उखरुल के होने वाले दौरे का विरोध किया है। संगठन के मुताबिक, हाल की हत्याओं और नागा बहुल इलाकों में हिंसा के बाद सुरक्षा स्थिति को देखते हुए उन्हें अपने दौरे पर दोबारा विचार करना चाहिए।

संगठन ने राज्य और केंद्र सरकार से नगा नागरिकों की सुरक्षा के लिए तुरंत कदम उठाने, हत्याओं के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने और नगा बहुल इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बहाल करने की मांग की है।

17 सितंबर- मणिपुर में चीनी ₹450kg तक बिक रही

मणिपुर में कुकी और नगा समुदाय में तनाव के बीच पहाड़ी इलाकों में जनजीवन प्रभावित है। 7 दिन से कई जगह स्कूल और बाजार बंद थी। 7 पहाड़ी जिलों से संपर्क प्रभावित है। सड़कों और हाईवे पर नाकेबंदी के कारण सामान्य आवाजाही मुश्किल हो गई है।

हिंसा के चलते जरूरी सामान की सप्लाई भी प्रभावित हुई है। कांगपोकपी के कुछ गांवों में चीनी ₹400-450 किलो तक बिक रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, लोग डर के कारण घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। खेतों में जाना और मेडिकल इमरजेंसी में अस्पताल या एयरपोर्ट पहुंचना भी मुश्किल हो गया है।

16 सिंतबर को नगा समुदाय के चावांगकिनिंग लियांगमाई गांव के कई घरों में आग लगा दी गई थी।

16 सिंतबर को नगा समुदाय के चावांगकिनिंग लियांगमाई गांव के कई घरों में आग लगा दी गई थी।

15 सितंबर- लीसांगफाई में दो कुकी महिलाओं की हत्या

तामेंगलोंग जिले के लीसांगफाई गांव में दो कुकी महिलाओं की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। कई फार्महाउसों में भी आग लगाए जाने की जानकारी सामने आई है।

एक कुकी विधायक ने दोनों महिलाओं की हत्या की निंदा की। उन्होंने वारदात में NSCN-IM और ZUF-K कैडर के शामिल होने का आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

तामेंगलोंग जिले के लीसांगफाई गांव में दो कुकी महिलाओं की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

तामेंगलोंग जिले के लीसांगफाई गांव में दो कुकी महिलाओं की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

मणिपुर में 2023 से हिंसा, इस साल फरवरी से तनाव बढ़ा

मणिपुर में मैतेई और कुकी-जो समुदायों के बीच 3 मई 2023 को हिंसा शुरू हुई थी। उसके बाद से अब तक राज्य में तनाव की स्थिति रही है। हिंसा में सैकड़ों लोगों की मौत हुई और हजारों लोग विस्थापित हुए। बीच-बीच में फायरिंग, आगजनी और झड़पों की घटनाएं सामने आती रही हैं।

इस साल फरवरी में उखरुल के लिटन गांव से कुकी और नगा समुदायों के बीच नया तनाव शुरू हुआ। इसके बाद पहाड़ी इलाकों में हिंसा बढ़ती गई। सितंबर में तामेंगलोंग और कांगपोकपी में हत्या, फायरिंग और आगजनी की घटनाएं सामने आईं।

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