अमरेली9 मिनट पहले
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एशियाटिक लायंस के लिए फेमस गुजरात के पूर्वी और पश्चिमी गिर फॉरेस्ट में 12 शेरों की मौत का मामला केंद्र सरकार तक पहुंच गया है। वन विभाग ने 30 से अधिक शंकास्पद शेरों को एनीमल केयर सेंटर में रखा गया है। हालांकि, शेरों की लेबोरेटरी रिपोर्ट अभी तक जारी नहीं की गई है।
ऐसा ही हाल मध्यप्रदेश में बाघों का है। मध्य प्रदेश के कान्हा टाइगर रिजर्व में 2 अप्रैल से अब तक 10 बाघों की मौत हो चुकी है। बाघों में सीडीवी जैसे गंभीर लक्षण पाए जाने के बाद वन विभाग ने अलर्ट मोड में अभियान शुरू कर दिए हैं।
गुजरात के शेरों में सीडीवी (कैनाइन डिस्टेंपर वायरस) जैसे लक्षण देखे जाने के बाद, वरिष्ठ अधिकारियों और राज्य के वन मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने रविवार को मास्क पहनकर जसधार पशु देखभाल केंद्र का दौरा किया। पिछले 15 दिनों में 12 शेरों की मौत के बावजूद रिपोर्ट जारी न होने से मामला और गहराता जा रहा है।

30 से अधिक शेरों को जसाधार एनिमल केयर सेंटर में रखा गया है।

गुजरात वन-विभाग चुप्पी साथे हुए है
गुजरात में करीब 8 दिन पहले 5 शावकों और 4 शेरों मौत हुई थी। इनके नमूनों की जांच के बाद भी वन विभाग की ओर से अभी तक कोई रिपोर्ट जारी नहीं की गई है। हालांकि, सीडीवी जैसे गंभीर लक्षणों के चलते वन विभाग ने सतर्कता बरतते हुए काम शुरू कर दिया है। लेकिन आशंका है कि स्थिति गंभीर होती जा रही है। वहीं दूसरी ओर, रिपोर्ट जारी न करने को लेकर राज्य सरकार और वन विभाग पर सवाल उठ रहे हैं।
फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है: मोढवाडिया
पूर्वी और पश्चिमी गिर में शेरों में फैली महामारी और उससे हुई मौतों के बाद स्थिति का जायजा लेने के लिए वन मंत्री अर्जुन मोढवाडिया जामवाला एनिमल केयर सेंटर पहुंचे थे। उन्होंने वन विभाग के शीर्ष अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक के बाद उन्होंने कहा कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। पिछले तीन दिनों से किसी भी शेर की मौत की खबर नहीं है। जामवाला में बैठक पूरी करने के बाद वन मंत्री जसधार एनिमल केयर सेंटर भी जाएंगे। वहां भी वे अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा करेंगे।

मध्यप्रदेश के कान्हा टाइगर रिजर्व में 10 बाघों की मौत हो चुकी है।
MP में 10 बाघों की मौत का मामला हाईकोर्ट पहुंचा
मध्यप्रदेश के कान्हा टाइगर रिजर्व में लगातार हो रही बाघों की मौत का मामला अब हाईकोर्ट पहुंच गया है। जस्टिस विवेक जैन और जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की वेकेशन बेंच ने शुक्रवार को प्रारंभिक सुनवाई के दौरान मामले को गंभीर मानते हुए संबंधित पक्षों से जवाब तलब किया।
याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अंशुमान सिंह ने अदालत को बताया कि 2 अप्रैल 2026 से अब तक कान्हा टाइगर रिजर्व में कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (सीडीवी) संक्रमण के कारण 10 बाघों की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त और प्रभावी कदम नहीं उठाए गए।

2018 में गुजरात में 11 शेरों की मौत
इससे पहले 2018 में गुजरात में एक महीने के भीतर 11 शेरों की मौत हुई थी। तब मौतों की वजह कैनाइन डिस्टेंपर वायरस और प्रोटोजोआ संक्रमण का मिश्रण माना गया था। 2025 गुजरात में एशियाई शेरों की संख्या बढ़कर 891 हो गई है।
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गुजरात में संक्रमण से 4 शेर शावकों की मौत:बेबेसिया वायरस फैलने की आशंका; 17 शेर आइसोलेशन में रखे
गुजरात के गिर में मंगलवार को संदिग्ध संक्रमण के कारण चार शेर शावकों की मौत हो गई थी। आशंका जताई जा रही है कि इनमें बेबेसिया वायरस का संक्रमण हो सकता है। बेबेसिया वायरस ‘टिक्स’ (कीड़ों) के जरिए फैलता है और इससे संक्रमित जानवरों में कमजोरी, खांसी और नाक से पानी बहने जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। पूरी खबर पढ़ें…













