Karnataka CM DK Shivakumar Cabinet Portfolio Controversy; Ramalinga Reddy | ACTPnews

रामलिंगा रेड्‌डी ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने इस्तीफे की कॉपी दिखाई। - Dainik Bhaskar


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बेंगलुरु10 घंटे पहले

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रामलिंगा रेड्‌डी ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने इस्तीफे की कॉपी दिखाई।

कर्नाटक में 3 दिन पुरानी डीके शिवकुमार सरकार से मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने शुक्रवार को इस्तीफा दे दिया। वे पंसदीदा मंत्रालय न मिलने से नाराज थे। मुख्यमंत्री शिवकुमार ने एक दिन पहले ही विभाग बांटे थे।

रेड्डी बेंगलुरु विकास विभाग चाहते थे, लेकिन उन्हें जल संसाधन विभाग दे दिया गया था। रेड्‌डी ने मीडिया से कहा, ‘मैं अब भी कांग्रेस में हूं, पार्टी से इस्तीफा नहीं दिया है। पिछले 53 सालों में कई जिम्मेदारियां निभाई हैं। मैंने कई मुख्यमंत्रियों की कैबिनेट में मंत्री के तौर पर काम किया है। कभी किसी से मंत्री पद नहीं मांगा।’

बेंगलुरु विकास विभाग, राज्य की राजधानी में योजना और बुनियादी ढांचे से जुड़ा है। गुरुवार रात ही 13 मंत्रियों में विभागों को बंटवारा किया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे प्रियांक को गृह मंत्रालय दिया गया है। शिवकुमार ने वित्त, कैबिनेट अफेयर्स, कार्मिक-प्रशासनिक सुधार, इंटेलीजेंस समेत कई विभाग अपने पास रखे हैं।

हालांकि मुख्यमंत्री शिवकुमार ने कहा- ‘रामलिंगा की चिंता है कि वे ऐसे विभाग में काम नहीं कर पाएंगे जिसमें बहुत ट्रैवल करना पड़ता हो। वे कोई दूसरा पोर्टफोलियो चाहते हैं। मैं इस मामले को उनसे बात करके सुलझा लूंगा। चिंता की कोई बात नहीं है।’

रेड्‌डी बोले- किसी से नाराज नहीं, पद छोड़ा है पार्टी नहीं

बीटीएम लेआउट से विधायक 72 साल के रामलिंगा रेड्डी सिद्धारमैया सरकार में परिवहन और हिंदू धार्मिक एवं धर्मार्थ बंदोबस्ती मंत्री थे। वे पहले की सरकारों में गृह मंत्रालय भी संभाल चुके हैं।

इस्तीफे पर ऑन कैमरा साइन करते हुए उन्होंने कहा- वह विधायक बने रहेंगे। वे शिवकुमार और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया दोनों से ही नाराज नहीं हैं।

रेड्डी ने यह भी कहा कि वह अपना इस्तीफा व्यक्तिगत रूप से नहीं सौंपेंगे, बल्कि इसे एक समर्थक के जरिए मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव को भेजेंगे।

पहली कैबिनेट मीटिंग से बाहर चले गए थे रेड्‌डी

न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक विभाग तय करने के लिए गुरुवार को हुई पहली कैबिनेट मीटिंग से रेड्डी बाहर चले गए थे। बैठक में मंत्री ने मुख्यमंत्री डीके को 2023 में किए गए उस वादे की याद दिलाई, जिसमें कहा गया था कि जब भी कैबिनेट में फेरबदल होगा, उन्हें बेंगलुरु विकास विभाग दिया जाएगा।

डीके कैबिनेट में सिद्धारमैया-खड़गे के बेटों को भी मंत्री पद

  • कैबिनेट मामलों और कार्मिक-प्रशासनिक सुधार सचिवालय ने गुरुवार को विभागों में बंटवारे का नोटिफिकेशन जारी किया। डिप्टी CM जी परमेश्वर को राजस्व और खेल विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। प्रियंक खड़गे को गृह विभाग (इंटेलिजेंस को छोड़कर), IT & BT और ई-गवर्नेंस का प्रभार मिला है।
  • सतीश जारकीहोली को लोक निर्माण विभाग दिया गया है। केएच मुनियप्पा खाद्य-नागरिक आपूर्ति उपभोक्ता मामलों का विभाग संभालेंगे। एमबी पाटिल को उद्योग विकास विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
  • केजे जॉर्ज ऊर्जा और पर्यटन विभाग संभालेंगे। कृष्णा बायरे गौड़ा को ग्रेटर बेंगलुरु डेवलपमेंट विभाग का प्रभार मिला है। यूटी खादर को स्वास्थ्य-परिवार कल्याण विभाग सौंपा गया है।
  • ईश्वर खंड्रे ग्रामीण विकास और पंचायत राज विभाग संभालेंगे। यतींद्र सिद्धारमैया को शहरी विकास विभाग दिया गया है। बैराठी सुरेश को परिवहन और शरण प्रकाश पाटिल को शिक्षा दिया है।

3 जून को हुआ था डीके का शपथ ग्रहण

कर्नाटक के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में डीके शिवकुमार का शपथ ग्रहण 3 जून को हुआ। बेंगलुरु के लोक भवन में शपथ के दौरान वे हाथ में संविधान लिए हुए थे। डीके को 30 मई को कांग्रेस विधायक दल का नेता चुना गया था। उनके अलावा 12 और विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली थी। इनमें पूर्व सीएम सिद्धारमैया के एमएलसी बेटे यतींद्र सिद्धारमैया भी शामिल रहे।

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