Mamata Banerjee TMC Crisis Update; Sukhendu Sekhar Roy | ACTPnews

राज्यसभा में TMC के पूर्व चीफ व्हिप रह चुके सुखेंदु के पार्टी के साथ मतभेद 2024 के आरजी कर मामले के बाद से बढ़ते जा रहे थे। - Dainik Bhaskar


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कोलकाता4 मिनट पहले

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राज्यसभा में TMC के पूर्व चीफ व्हिप रह चुके सुखेंदु के पार्टी के साथ मतभेद 2024 के आरजी कर मामले के बाद से बढ़ते जा रहे थे।

तृणमूल कांग्रेस के सीनियर नेता और राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रे ने सोमवार को राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने सुबह करीब 10:30 बजे दिल्ली में उपराष्ट्रपति को इस्तीफा सौंपा। इसके साथ ही सुखेंदु ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता भी छोड़ दी।

इसके बाद मीडिया से चर्चा में सुखेंदु ने पार्टी के कामकाज और लीडरशिप पर नाराजगी जाहिर की। हालांकि, उनका अगला कदम क्या होगा, फिलहाल इसकी कोई जानकारी सामने नहीं आई है।

इधर, लोकसभा के भी 20 सांसद ममता से अलग होने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने सुखेंदु के साथ एक मीटिंग की। दावा किया जा रहा है कि 14 सांसद BJP के भूपेंद्र यादव के घर पहुंचे हैं।

अभी तक 5 नाम सामने आए हैं, इनमें शर्मिला सरकार, प्रसून बनर्जी, कालीपद सोरेन, जगदीश बसुनिया और अरूप चक्रवर्ती शामिल हैं।

लोकसभा में TMC के 28 और राज्यसभा में 13 सांसद हैं। पिछले दिनों हुए घटनाक्रम में बंगाल के 80 में से 58 विधायक अलग गुट बना चुके हैं।

त्यागपत्र में भाजपा की तारीफ, TMC की पोल खोली

अपने इस्तीफे में सुखेंदु ने हाल ही में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में TMC की हार के लिए पार्टी की आलोचना की। इस जनादेश को ममता के 15 साल के अराजक शासन का नतीजा बताया। पढ़ें क्या थीं इस्तीफे में लिखी 4 अहम बातें…

  • यह शासन बड़े पैमाने पर बेलगाम भ्रष्टाचार, महिलाओं के खिलाफ अत्याचार, स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग, कानून-व्यवस्था और रोजगार जैसे क्षेत्रों में बुरी तरह नाकाम रहा।
  • इतिहास में पहली बार लोगों ने भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में भारी जनादेश दिया। यह जनादेश तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के अराजक शासन को खत्म करने के लिए था।
  • पार्टी उस तरीके से नहीं चल रही थी, जैसे चलनी चाहिए। कई नेताओं को स्वतंत्र रूप से काम करने की अनुमति नहीं थी। कई-कई बार नेताओं की राय भी नहीं ली जाती थी।
  • पार्टी के भीतर ऐसे हालात लंबे समय से चल रहे थे। कई नेताओं ने मजबूरी में इसे स्वीकार कर लिया था। ममता ने चुनाव हारने के बाद न आत्ममंथन किया, न कारण जानने की कोशिश की।
  • सुखेंदु ने नई चुनी गई BJP सरकार की भी तारीफ की और कहा कि वे अपने घोषणापत्र के अनुसार राज्य के विकास के लिए कदम उठा रहे हैं। उसने पुनर्निर्माण के लिए पहल शुरू कर दी है।

सुखेंदु बोले- अब मैं आम आदमी, चाहता हूं नई सरकार सबकी जांच करे

अपना इस्तीफा सौंपने के बाद सुखेंदु ने कहा बंगाल के इतिहास में पहली बार, पश्चिम बंगाल में बीजेपी सरकार सत्ता में आई है। वोटिंग परसेंट 98% पहुंच गया। पार्टी ने इस पर कोई चर्चा नहीं की। 15 साल से सत्ता में रहे लोग आम लोगों की पहुंच से दूर हो गए। हमारे पार्टी कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर दिया गया। इसके बजाय बिचौलिए, चोर, डकैत और बलात्कारी आगे आ गए। करोड़ों रुपए लूटे गए। अब यह सब सामने आ रहा है।

सुखेंदु ने कहा- मैं अब एक आम नागरिक हूं। नई सरकार से मांग कर सकता हूं कि वे पिछले 5 सालों में बंगाल के हर अस्पताल में हुई खरीदारी की जांच करें। फोरेंसिक ऑडिट होना चाहिए। हमारे देश में बलात्कार और हत्या की घटनाएं अक्सर होती रही हैं। उस समय, नेताओं और प्रशासकों ने इस बारे में कोई विचार-विमर्श या चर्चा नहीं की। लेकिन जिन लोगों ने उन्हें वहां भेजा था, उन्हीं ने अब उन्हें नीचे गिरा दिया है। इसलिए सबकी जांच होनी चाहिए।

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