West Bengal Falta Election 2026 Voting LIVE Updates; BJP TMC | ACTPnews

फालता में शाम 6 बजे तक वोटिंग होगी। - Dainik Bhaskar


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कोलकाता21 मिनट पहलेलेखक: एजेंसी इनपुट्स के साथ शुभम बोस

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फालता में शाम 6 बजे तक वोटिंग होगी।

पश्चिम बंगाल की फालता विधानसभा सीट पर आज दोबारा वोटिंग हो रही है। दोपहर 1 बजे तक 60% वोटिंग हुई है। कुल 285 पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं।

यहां शाम 6 बजे तक वोटिंग होगी। पिछली बार 29 अप्रैल को वोटिंग हुई थी। आरोप था कि कुछ बूथ पर EVM में भाजपा के बटन पर टेप चिपका था। कई अन्य बूथों पर EVM में गड़बड़ी की खबरें आईं। इसके बाद चुनाव आयोग ने रीपोलिंग का आदेश दिया। रिजल्ट 24 मई को आएगा।

चुनाव आयोग ने इस बार बूथों पर दोगुनी सुरक्षा कर दी है। पहले जहां हर बूथ पर 4 जवान तैनात होते थे। इस बार आठ जवानों की ड्यूटी लगाई गई। फालता में मुख्य मुकाबला TMC और भाजपा के बीच है। TMC उम्मीदवार जहांगीर खान मौखिक रूप से अपनी उम्मीदवारी वापस लेने का एलान कर चुके हैं। हालांकि उनकी ओर से ये बात लिखित में दिए जाने की सूचना नहीं है। EVM में उनका नाम और सिंबल मौजूद है।

फालता में वोटिंग से जुड़ी 3 तस्वीरें…

वोटिंग के दौरान पोलिंग बूथ के बाहर भारी सुरक्षा बल तैनात है।

वोटिंग के दौरान पोलिंग बूथ के बाहर भारी सुरक्षा बल तैनात है।

वोट देने आए लोग अपनी वोटर आईडी दिखा रहे हैं।

वोट देने आए लोग अपनी वोटर आईडी दिखा रहे हैं।

फालता में महिलाएं बड़ी संख्या में वोट डालने पहुंची हैं।

फालता में महिलाएं बड़ी संख्या में वोट डालने पहुंची हैं।

फालता में दोबारा पोलिंग क्यों, क्या आरोप लगे थे

भाजपा ने फालता में एक बूथ पर EVM में BJP के बटन पर टेप लगाकर ब्लॉक करने का आरोप लगाया था।

भाजपा ने फालता में एक बूथ पर EVM में BJP के बटन पर टेप लगाकर ब्लॉक करने का आरोप लगाया था।

29 अप्रैल को मतदान के बाद फालता क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया था। उस दिन कई बूथों से शिकायतें मिली थीं कि EVM पर भाजपा के सिंबल पर टेप चिपकाया गया। तत्कालीन ऑब्जर्वर सुब्रत गुप्ता ने खुद निर्वाचन क्षेत्र का दौरा किया और जांच-पड़ताल की। कम से कम 60 बूथों में छेड़छाड़ के सबूत मिले।

EVM में कथित हेरफेर के अलावा, जांच में यह भी सामने आया कि कई मतदान केंद्रों पर लगे वेब कैमरों में फुटेज के साथ भी छेड़छाड़ करने की कोशिशें की गई थीं।

फालता में 2021 में टीएमसी उम्मीदवार करीब 40 हजार वोटों से जीते थे

फालता में आज तक भाजपा नहीं जीती, तीन बार से TMC का कब्जा

फालता विधानसभा सीट पहले CPI(M) का गढ़ मानी जाती थी, लेकिन अब यह तृणमूल कांग्रेस का मजबूत क्षेत्र बन चुकी है। TMC ने पहली बार 2001 में यह सीट जीती थी। 2006 में CPI(M) ने वापसी की, लेकिन 2011 के बाद से TMC लगातार यहां जीत दर्ज कर रही है। खास बात यह है कि बीजेपी अब तक इस सीट पर कभी जीत नहीं सकी।

साउथ 24 परगना जिले में भाजपा 10 सीटें जीतीं, फालता इसी जिले में

फालत साउथ 24 परगना जिले के अंतर्गत आता है। जिले में कुल 31 सीटे हैं। फालता को छोड़कर बाकी 30 सीटों में बीजेपी ने 10 सीटें जीत लीं। सागर, काकद्वीप, गोसाबा और सोनारपुर के साथ जादवपुर, टॉलीगंज, बेहला पूर्व-पश्चिम जैसे शहरी इलाकों में भी बीजेपी ने पहली बार जीत दर्ज की। हालांकि बासंती, कुलतली, रायदीघी और बजबज जैसी सीटों पर TMC अपनी पकड़ बचाने में सफल रही।

इस बार कुल 6 उम्मीदवार मैदान में, TMC कैंडीडेट पीछे हटे

फालता विधानसभा सीट पर इस बार कुल 6 उम्मीदवार मैदान में हैं। मुख्य मुकाबला भाजपा और TMC के बीच है। हालांकि दोबारा वोटिंग से दो दिन पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) उम्मीदवार जहांगीर खान ने 18 मई को चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था।

EVM पर जहांगीर ही रहेंगे TMC उम्मीदवार, 3 सवाल-जवाब में जानिए चुनावी पेंच

1. जहांगीर ही रहेंगे टीएमसी उम्मीदवार, उन्हीं को वोट पड़ेंगे

फालता में नॉमिनेशन और नाम वापस लेने की समय सीमा खत्म हो चुकी है। चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक, जहांगीर खान ने भले ही अपना नाम वापस लेने की घोषणा कर दी हो, लेकिन आधिकारिक तौर पर चुनाव से नाम वापस लेना संभव नहीं है। ऐसे में वे अब भी TMC के उम्मीदवार कहलाएंगे। पार्टी दूसरे उम्मीदवार को चुनावी मैदान में नहीं ला सकती।

2. EVM से TMC सिंबल और जहांगीर का नाम नहीं हटेगा

EVM में पार्टी और उम्मीदवार के नाम और सिंबल में कोई बदलाव नहीं होगा। नियमों के अनुसार, EVM पर TMC के चुनाव चिन्ह के साथ जहांगीर खान की फोटो और उनका ही नाम रहेगा। हालांकि, जहांगीर खान या कोई TMC कार्यकर्ता मतदान प्रक्रिया में भाग नहीं लेंगे।

3. क्या जहांगीर ज्यादा वोट मिलने पर जीत का दावा कर सकते हैं?

सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट अश्विनी दुबे के अनुसार, इस पर चुनाव आयोग को ही फाइनल संज्ञान लेना होगा। अगर आयोग जहांगीर का लिखित आवेदन स्वीकार कर लेता है तो TMC के चुनाव चिन्ह पर वोट भले ही ज्यादा पड़े लेकिन वह मान्य नहीं होगा।

अगर जहांगीर ने सिर्फ मौखिक तौर पर अपना नाम वापस लिया है और आयोग ने भी उनकी उम्मीदवारी पर संज्ञान नहीं लिया तो ज्यादा मतदान मिलने पर जहांगीर जीत का दावा भी कर सकते हैं।

बंगाल में 15 साल बाद ममता का राज खत्म

बंगाल में 15 साल बाद ममता सरकार का राज खत्म हुआ है। भाजपा ने 293 सीटों पर आए नतीजों में 207 सीटें जीतीं। वहीं टीएमसी को सिर्फ 80 सीटें मिलीं। भाजपा का जीत का स्ट्राइक रेट 70% रहा। वहीं, TMC का स्ट्राइक रेट करीब 27.6% रहा।

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