रोहतक की गेस्ट टीचर सुलेखा दलाल को शिक्षा विभाग ने बहाल कर दिया है। वह रैनकपुरा कॉलोनी स्थित गवर्नमेंट मिडिल स्कूल में पीआरटी गेस्ट टीचर हैं। 10 जून को जारी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी (DEEO) के ऑर्डर में उन्हें 8 जून से सस्पेंड बताया गया था। विभाग ने सस्पेंशन के कारणों का खुलासा नहीं किया था। हालांकि, इससे दो दिन पहले 6 जून को सुलेखा दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के प्रदर्शन में शामिल हुई थीं। धरने के दौरान मीडिया से बातचीत में सुलेखा ने NEET समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक मामलों पर नाराजगी जताई थी। उनका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके बाद ही उनके सस्पेंशन को प्रदर्शन और बयान से जोड़कर देखा जा रहा था। एक दिन पहले दैनिक भास्कर से बातचीत में सुलखा ने कहा था- ‘पेपर लीक होने के कारण मेरा बेटा डिप्रेशन में चला गया था। अगर बेटे के लिए जंतर-मंतर पर नहीं जाती तो माथे पर हमेशा के लिए धब्बा लग जाता।’ उधर, CJP ने सुलेखा दलाल के समर्थन में स्टेटमेंट जारी की। लिखा- सुलेखा दलाल का सस्पेंशन अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण विरोध के संवैधानिक अधिकार पर हमला है। युवाओं के मुद्दों पर आवाज उठाने वाली टीचर को सजा नहीं दी जानी चाहिए और सरकार को कार्रवाई के कारण सार्वजनिक करने चाहिए। सुलेखा दलाल के सस्पेंशन और बहाली के ऑर्डर… अब जानिए भास्कर से बातचीत में सुलेखा ने क्या बताया… बेटे की भर्ती रद्द हुई तो पूरा परिवार टूट गया: सुलेखा ने बताया- मेरा 21 वर्षीय बेटा अंश और बेटी समीक्षा है। समीक्षा इंग्लैंड में स्पोर्ट्स मैनेजमेंट की पढ़ाई कर रही है। अंश ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई पूरी करने के बाद दिल्ली पुलिस हेड कॉन्स्टेबल भर्ती के लिए आवेदन किया था। परीक्षा में उसने 100 में से 75 अंक हासिल किए। हमें पूरी उम्मीद थी कि उसका चयन हो जाएगा, लेकिन बाद में पेपर लीक के कारण भर्ती रद्द कर दी गई। खबर मिलते ही अंश फूट-फूटकर रोने लगा। उसकी हालत देखकर पूरा परिवार टूट गया। बेटे की हालत देखकर जंतर-मंतर जाने का फैसला लिया उन्होंने कहा- मेरा बेटा अंश लंबे समय से डिप्रेशन से जूझ रहा है। भर्ती रद्द होने के बाद उसकी मानसिक स्थिति और ज्यादा खराब हो गई। मैं उसे हर दिन टूटता हुआ देख रही थी। बेटे का दर्द देखकर ही मैंने जंतर-मंतर जाकर अपनी बात रखने का फैसला किया। मैं वहां किसी राजनीतिक पार्टी का समर्थन करने नहीं गई थी। मैं अकेले ही जंतर-मंतर पहुंची थी, क्योंकि एक मां होने के नाते मुझे लगा कि अपने बेटे और लाखों युवाओं की आवाज उठाना जरूरी है। जाने से पहले सोशल मीडिया पर वीडियो डाला था आगे कहा- जंतर-मंतर जाने से पहले मैंने अपने घर से एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। वीडियो में मैंने कहा था कि सबका भाई अभिजीत लाखों युवाओं की लड़ाई लड़ने और सरकार को प्यार से मनाने के लिए जंतर-मंतर जा रहा है। जो विद्यार्थी और युवा अपने सपनों को पूरा करने के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं, उनके साथ जब ऐसा धोखा होता है तो पूरे समाज को उनके साथ खड़ा होना चाहिए। बेटे के दोस्त भी इसी दर्द से गुजर रहे हैं सुलेखा ने कहा- मेरे बेटे के साथ उसके 6-7 दोस्त भी सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे हैं। इन सभी बच्चों ने अपनी पढ़ाई और तैयारी में कई साल लगाए हैं। जब कोई भर्ती रद्द हो जाती है तो उसका असर सिर्फ उम्मीदवार पर नहीं, बल्कि पूरे परिवार पर पड़ता है। मेरा बेटा पहले से ही डिप्रेशन में है। मुझे हर समय उसकी चिंता लगी रहती है। एक मां होने के नाते मैं उसे इस हालत में नहीं देख सकती। जंतर-मंतर जाने के पीछे कोई राजनीति नहीं थी, बल्कि सिर्फ एक मां की ममता और अपने बेटे के भविष्य की चिंता थी। सस्पेंशन पर क्या बोलीं सुलेखा दलाल… कारण तक नहीं बताया गया सुलेखा ने कहा, “जारी किए गए सस्पेंशन लेटर में कहीं भी निलंबन का कारण नहीं बताया गया। मैं सरकार और प्रशासन से पूछना चाहती हूं कि आखिर मुझे किस वजह से सस्पेंड किया गया। अब दोबारा प्रदर्शन में जाना जरूरी नहीं है, क्योंकि मैं सोशल मीडिया के माध्यम से भी अपना दर्द और युवाओं की आवाज लोगों तक पहुंचा सकती हूं। शिक्षा मंत्री भी हमारी पीड़ा को नहीं समझ रहे हैं। उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।” परमिशन नहीं ली, अपनी मर्जी से गई थी सुलेखा का कहना है कि प्रदर्शन में शामिल होने के लिए मैंने किसी से कोई अनुमति नहीं ली थी और न ही मैं किसी संगठन के बैनर तले वहां पहुंची थीं। मैं अपनी मर्जी से जंतर-मंतर गई थी। लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात रखने और आवाज उठाने का अधिकार है। अपने बच्चों के भविष्य के लिए आवाज उठाने से किसी को नहीं रोका जा सकता। नौकरी जरूरी है, लेकिन बेटे की जिंदगी उससे बड़ी जब उनसे पूछा गया कि ऐसे प्रदर्शनों में शामिल होने से उनकी नौकरी पर भी खतरा आ सकता है, तो उन्होंने कहा कि नौकरी एक मध्यमवर्गीय परिवार के लिए बेहद जरूरी होती है, लेकिन यदि मेरा बेटा अवसाद में आकर कोई गलत कदम उठा लेता, तो मैं खुद को कभी माफ नहीं कर पातीं। बेटे को परेशान और रोता हुआ देखने के बावजूद यदि मैं चुप रहतीं और उसके हक में जंतर-मंतर पर आवाज नहीं उठाती तो एक मां होने के नाते यह मेरे लिए जीवनभर का पछतावा होता। कौन हैं सुलेखा दलाल… सुलेखा दलाल मूल रूप से बहादुरगढ़ की रहने वाली हैं। उनकी शादी दिल्ली के रसूलपुर में हुई है। उन्होंने ग्रेजुएशन के बाद जूनियर बेसिक टीचर ट्रेनिंग (JBT) कोर्स किया है। सुलेखा रोहतक के गवर्नमेंट मिडिल स्कूल रैनकपुरा में जेबीटी टीचर के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने वर्ष 2007 में नौकरी जॉइन की थी। 2008 से इसी स्कूल में पढ़ा रही हैं। सुलेखा ने बताया कि मैं सेशल मीडिया पर भजन गायन, डांस और धार्मिक कार्यक्रमों से जुड़ा कंटेंट बनाती हूं। शुरुआत में मैंने इसे शौक के तौर पर शुरू किया था, लेकिन बाद में प्रोफेशनल तरीके से काम करने लगी। सुलेखा दलाल पर CJP की स्टेटमेंट बहाल होने पर बोलींं- मैं आवाज उठाती रहूगी सस्पेंशन खत्म होने के बाद सुलेखा दलाल ने कहा, “मुझे दोबारा बहाल किए जाने का श्रेय जनता के समर्थन को जाता है। लोगों ने दिखा दिया कि एकता में कितनी ताकत होती है। यही वजह रही कि प्रशासन को इतनी जल्दी अपना फैसला बदलना पड़ा।” उन्होंने कहा, “युवाओं के साथ जो अन्याय हो रहा है, उसके खिलाफ मैं आगे भी आवाज उठाती रहूंगी। नाइंसाफी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सबसे पहले मैं भी एक युवा बेटे की मां हूं। मेरे बेटे के साथ जो हुआ, उसी दर्द ने मुझे आवाज उठाने के लिए मजबूर किया था। अपनी बात रखने के लिए सिर्फ धरना-प्रदर्शन ही एक माध्यम नहीं है, और भी कई रास्ते हैं। यह लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए। बच्चों और युवाओं के साथ हो रही नाइंसाफी के खिलाफ हम अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।” ——————- यह खबर भी पढ़ें… कॉकरोच जनता पार्टी का समर्थन करने गई लेडी टीचर सस्पेंड: बेटा कंपीटिशन की तैयारी कर रहा; VIDEO सामने आने पर रोहतक शिक्षा विभाग का एक्शन दिल्ली जंतर-मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी के धरने को समर्थन देने गई रोहतक की लेडी टीचर सुलेखा दलाल को सस्पेंड कर दिया गया है। उनका एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वो मीडिया से बातचीत के दौरान NEET व प्रतियोगी एग्जाम के पेपर लीक मामले पर नाराजगी जता रहीं थी। (पूरी खबर पढ़ें) पंजाब में कॉकरोच जनता पार्टी की एंट्री: फाउंडर ने VIDEO जारी किया, बोले- कल अमृतसर आएंगे, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करेंगे पंजाब में भी कॉकरोच जनता पार्टी की एंट्री हो गई है। पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके 13 जून को अमृतसर पहुंचेंगे। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वीडियो जारी कर इसकी जानकारी दी। (पढ़ें पूरी खबर)
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कॉकरोच पार्टी के प्रदर्शन में जाने वाली लेडी टीचर बहाल:2 दिन पहले सस्पेंड हुई थीं; सुलेखा बोलीं- धरने में न जाती तो धब्बा लगता | ACTPnews

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