गुरुद्वारे में घुसकर दंपती पर अंधाधुंथ फायरिंग की गई, जिससे उनकी मौत हो गई।
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में बुधवार को एक गुरुद्वारे के अंदर फायरिंग में सिख केयरटेकर दंपती की हत्या कर दिया। पुलिस के मुताबिक, घटना पेशावर से करीब 60 किमी दूर मरदान के बाबू मोहल्ला इलाके में हुई।
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मरदान के जिला पुलिस अधिकारी मसूद अहमद ने बताया कि अज्ञात हमलावरों ने गुरुद्वारे के भीतर फायरिंग की। इसमें जगन्नाथ और उनकी पत्नी आसमा वंती की मौत हो गई। पुलिस हमले की वजह और आरोपियों का पता लगाने में जुटी है।
हमले के बाद से गुरुद्वारे के CCTV फुटेज भी गायब हैं। इसे लेकर स्थानीय सिख नेताओं सवाल उठाए हैं। पुलिस भी इसे टारगेट किलिंग मानकर जांच कर रही है।
वारदात के बाद जांच के लिए मौके पर पहुंचे अधिकारी।
गुरुद्वारे में घुसकर हमलावरों ने बरसाईं गोलियां
पुलिस के अनुसार, यह वारदात बुधवार को उस समय हुई जब दंपती गुरुद्वारे में सेवा कर रहा था। अज्ञात हमलावर गुरुद्वारा परिसर में दाखिल हुए और उन्होंने दंपती पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं। हमले के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंचीं और जांच शुरू कर दी गई।
मरदान के जिला पुलिस अधिकारी मसूद अहमद ने बताया कि हत्या के पीछे की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है और हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। पुलिस ने विशेष जांच टीमें बनाई हैं और फॉरेंसिक व तकनीकी मदद से जांच कर रही है।
असेंबली के सदस्य ने उठाए सवाल
खैबर पख्तूनख्वा असेंबली के सदस्य सुरेश कुमार ने आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की और पुलिस को जांच में प्रगति दिखाने के लिए 24 घंटे का समय दिया। उन्होंने कहा कि इलाके में सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी के बावजूद ऐसी घटना बेहद चिंताजनक है।
सुरेश कुमार ने सीसीटीवी सबूतों के रखरखाव पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि घटनास्थल से डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर लापरवाही से हटाया गया, जिससे जांच की पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि 24 घंटे में गिरफ्तारी या ठोस प्रगति नहीं हुई तो मरदान, पेशावर और इस्लामाबाद में शांतिपूर्ण प्रदर्शन होंगे।
हत्या के पीछे ये 2 वजहें मानी जा रहीं…
- लक्षित हत्या की आशंका: सिख केयरटेकर दंपती की हत्या के सटीक कारणों का अभी तक आधिकारिक तौर पर पूरी तरह खुलासा नहीं हो पाया है, लेकिन पुलिस और स्थानीय नेताओं के अनुसार इसके पीछे टारगेट किलिंग हो सकती है। पुलिस शुरुआती जांच में इसे एक टारगेटेड अटैक मानकर चल रही है। हमलावर किसी चोरी या लूटपाट के इरादे से नहीं आए थे, बल्कि वे सीधे गुरुद्वारे के भीतर दाखिल हुए और केवल इस बुजुर्ग दंपती को निशाना बनाकर अंधाधुंध फायरिंग की।
- अल्पसंख्यक समुदाय को डराने की साजिश: खैबर पख्तूनख्वा प्रांत (विशेषकर पेशावर और आस-पास के इलाकों) में पिछले कुछ सालों में सिख समुदाय के लोगों, व्यापारियों और गुरुद्वारों के सेवादारों को लगातार निशाना बनाया गया है। सिख नेताओं और श्री अकाल तख्त साहिब के अनुसार, यह हमला पाकिस्तान में रह रहे अल्पसंख्यक सिखों में डर का माहौल पैदा करने और वहां की कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने की एक गहरी साजिश का हिस्सा हो सकता है।
सुराग मिटाने और साजिश का संदेह
घटना के बाद स्थानीय असेंबली सदस्य सुरेश कुमार ने आरोप लगाया है कि घटनास्थल से सीसीटीवी के डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (DVR) को बेहद लापरवाही से हटाया गया। इस वजह से स्थानीय नेताओं और सिख संगठनों को संदेह है कि सबूतों को मिटाने या हत्या के पीछे के असली मकसद को छुपाने की कोशिश की जा रही है।
घटना पर क्या बोले अकाल तख्त के जत्थेदार
- घटना की निंदा की: श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने पाकिस्तान की इस घटना की निंदा की है। उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री मुहम्मद सोहेल खान अफरीदी से इस मामले का सख्त संज्ञान लेने, दोषियों को तुरंत गिरफ्तार करने और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की है।
- अल्पसंख्यक समुदाय पर अत्याचार: उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में सिख पहले से ही बहुत कम संख्या में हैं। अगर उन्हें इस तरह निशाना बनाकर मारा जाएगा, तो यह अल्पसंख्यक समुदायों पर घोर अत्याचार है। अल्पसंख्यक समुदायों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना पाकिस्तान सरकार की जिम्मेदारी है।
- साजिश का पूरा खुलासा हो: उन्होंने कहा कि इस घटना ने एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या पाकिस्तान में अल्पसंख्यक वास्तव में सुरक्षित हैं या नहीं। उन्होंने मांग की कि पाकिस्तान सरकार गुरुद्वारा साहिब में हुए इस दोहरे हत्याकांड के पीछे की असली साजिश और मकसद को पूरी पारदर्शिता के साथ सामने लाए।
- मानवता के खिलाफ कृत्य: उन्होंने आगे कहा कि गुरुद्वारा साहिब जैसी पवित्र जगह पर निर्दोष सिखों की हत्या करना एक जघन्य अपराध और मानवता के खिलाफ कृत्य है, जहां रोजाना ‘सरबत दा भला’ (पूरी मानवता के कल्याण) के लिए प्रार्थना की जाती है।

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