मोहाली के गुरुद्वारे में हमलावर व्यक्ति को पकड़कर पीटा गया।
उत्तराखंड के कर्णप्रयाग मामले में रिहा होकर पंजाब लौटे निहंगों के स्वागत समारोह के दौरान रविवार को मोहाली के गुरुद्वारे में हंगामा हो गया। समारोह के बीच एक व्यक्ति ने निहंग बाबा जसदीप सिंह पर हमला करने की कोशिश की। इससे गुरुद्वारा परिसर में कुछ देर क
.
मौके पर मौजूद निहंगों ने तुरंत आरोपी को काबू कर लिया। इसके बाद उसकी पिटाई कर दी। उसके कपड़े फाड़ दिए। बाबा जसदीप सिंह रिहा हुए चारों साथियों के साथ गुरुद्वारे में पहुंचे थे।
16 जून को कर्णप्रयाग में विवाद शुरू हुआ था। यहां निहंगों और स्थानीय लोगों के बीच मारपीट हुई थी, जिसके बाद चारों निहंगों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के विरोध में कुछ निहंगों ने गुरुद्वारे पर कब्जा कर लिया। वहीं, पंजाब से बड़ी संख्या में निहंगों ने उत्तराखंड कूच का ऐलान किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब में बॉर्डर पर ही रोक दिया था।
शुक्रवार रात हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के हस्तक्षेप के बाद गतिरोध खत्म हुआ था। उनके निर्देश पर पॉलिटिकल एडवाइजर तरुण भंडारी ने उत्तराखंड सरकार से बातचीत की, जिसके बाद शनिवार को मारपीट मामले में गिरफ्तार चारों निहंगों को जमानत मिल गई।
गुरुद्वारे में निहंगों ने व्यक्ति की पिटाई की।
स्वागत समारोह के दौरान अचानक बिगड़ा माहौल जानकारी के अनुसार, उत्तराखंड के कर्णप्रयाग मामले में गिरफ्तार किए गए निहंग सिंह शनिवार को अदालत से जमानत मिलने के बाद पंजाब लौटे थे। इनके साथ बाबा जसदीप सिंह भी मौजूद थे। उनकी रिहाई पर मोहाली के गुरुद्वारा सिंह शहीदां, सोहाना में स्वागत समारोह आयोजित किया गया था।
समारोह के दौरान निहंग सिंहों को सिरोपा भेंट किए जा रहे थे और संगत की ओर से जयकारे लगाए जा रहे थे। इसी बीच भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति अचानक आगे आया और बाबा जसदीप के साथ हाथापाई करने का प्रयास किया। घटना के तुरंत बाद वहां मौजूद निहंग सिंहों और समर्थकों ने उसे पकड़ लिया और उसकी पिटाई कर दी।

मोहाली के गुरुद्वारा सिंह शहीदां में मची अफरा- तफरी।
प्रत्यक्षदर्शी ने बताया क्या हुआ… मौके पर मौजूद निहंगों ने बताया कि उनके दो साथी जशनप्रीत सिंह और अजय सिंह उत्तराखंड से गुरुद्वारे में आ रहे थे। रास्ते में एक व्यक्ति ने उन्हें गाली दे दी और उनकी कृपाण छीनने की कोशिश की। उसने मौके पर अपने साथियों को भी बुला लिया। उसने कहा कि आप लोग हर रोज यहां पर आ जाते हो और हंगामा मचाते हो। इसके बाद दोनों निहंग सिंह गुरुद्वारा साहिब आ गए और आरोपी भी वहां पर पहुंच गए। इसके बाद यह हंगामा बढ़ गया।
निंहग बोले- हमें छू भी नहीं सकता वहीं निहंग बाबा जसदीप सिंह ने कहा कि बदमाश हर जगह हैं। हमें नहीं पता कि वे कौन थे। कोई हमें निशाना नहीं बना सकता। अकाल पुरख हमारे साथ है। कोई हमें छू भी नहीं सकता। पूरे पंथ का शुक्रिया कि यह मोर्चा जीता है।
DSP बोले- शिकायत मिलने पर होगी कार्रवाई मोहाली सिटी-2 के डीएसपी हरसिमरत सिंह ने बताया कि सूचना के बाद पुलिस स्टेशन सोहाना से टीम तुरंत मौके पर पहुंची। हालात वहां पर अभी शांतिपूर्ण हैं। गुरुद्वारे के प्रबंधकों के साथ पुलिस टीम लगातार संपर्क में है। किसी भी पार्टी की तरफ से अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है। अगर कोई शिकायत मिलती है तो कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।

ये तस्वीर विवाद वाले दिन की है जब बीच सड़क तलवार और डंडों से निहंग और स्थानीय लोग आपस में लड़ रहे थे।
बाइक-कार की टक्कर से शुरू हुआ था विवाद विवाद 16 जून को चमोली जिले के कर्णप्रयाग बाजार में शुरू हुआ। हेमकुंड साहिब यात्रा से लौट रहे निहंगों के एक जत्थे की बाइक बाजार में खड़ी एक कार से टकरा गई। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई।
आरोप है कि कुछ निहंगों ने तलवार और अन्य धारदार हथियारों से हमला किया, जिसमें कई स्थानीय लोग घायल हो गए। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार निहंगों (मोहाली निवासी जशनप्रीत, अजय सिंह व मनप्रीत सिंह और एसएएस नगर निवासी सतविंदर सिंह) को गिरफ्तार कर हत्या के प्रयास समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया।
स्थानीय लोगों पर भी FIR घटना के बाद सिख समुदाय ने आरोप लगाया कि पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई की है और निहंगों ने आत्मरक्षा में कदम उठाया था। इसके बाद घायल सिख श्रद्धालु के पिता की शिकायत पर स्थानीय अज्ञात लोगों के खिलाफ भी कर्णप्रयाग कोतवाली में काउंटर एफआईआर दर्ज की गई।
इसके बाद यह विवाद नगरासू गुरुद्वारे तक पहुंचा। फिर पंजाब से निहंगों का जत्था उत्तराखंड कूच के लिए निकला। कुल्हाल बॉर्डर पर पुलिस और निहंगों के बीच टकराव हुआ।

॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰
यह खबर भी पढ़ें…
हरियाणा CM ने सुलझाया उत्तराखंड-पंजाब निहंग विवाद, पॉलिटिकल एडवाइजर को बातचीत के लिए भेजा

पंजाब के निहंगों और उत्तराखंड प्रशासन के बीच चल रहा विवाद आखिरकार खत्म हो गया। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की पहल से गतिरोध समाप्त हुआ। निहंगों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सीएम सैनी से मुलाकात कर मामले में हस्तक्षेप की मांग की थी। पढ़ें पूरी खबर…












