ऊधम सिंह नगर के किच्छा स्थित खान फार्म की जमीन को लेकर विवाद अब हाईकोर्ट तक पहुंचा।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा की जेठानी सायरा वाड्रा से जुड़ा किच्छा का चर्चित 8 एकड़ खान फार्म भूमि विवाद अब उत्तराखंड हाईकोर्ट पहुंच गया है। जबरन कब्जे और प्रशासन की कथित मिलीभगत के आरोपों वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने संबंधित
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न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की एकलपीठ के समक्ष दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि प्रशासन की कथित मिलीभगत से विवादित खान फार्म पर कब्जा कर लिया गया। याचिकाकर्ता सिकंदर आलम खान का दावा है कि फार्म में रह रहे पुरुषों को बाहर निकाल दिया गया, जबकि महिलाओं, बच्चों और पशुओं को परिसर के भीतर ही रोक दिया गया। हाईकोर्ट ने इन आरोपों पर प्रशासन से जवाब तलब करते हुए मामले की अगली सुनवाई 6 जुलाई को तय की है।
खान फार्म की विवादित जमीन पर दो पक्ष आमने-सामने।
3 पॉइंट में पढ़िए हाईकोर्ट में क्या-क्या हुआ…
1. अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के आदेश हाईकोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए संबंधित एसडीएम और किच्छा कोतवाली के थानाध्यक्ष को 6 जुलाई को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं, ताकि पूरे घटनाक्रम पर उनका पक्ष सीधे सुना जा सके।
2. सिविल कोर्ट के आदेशों की अनदेखी पर सख्ती कोर्ट ने स्पष्ट किया कि 11 जून 2026 को सिविल कोर्ट की ओर से दिए गए स्थगन (स्टे) आदेश का हर हाल में पालन कराया जाए। साथ ही विवादित संपत्ति की मौजूदा स्थिति में किसी तरह का बदलाव नहीं होने देने के निर्देश भी दिए हैं।
3. कब्जे और प्रशासन की भूमिका पर मांगा जवाब याचिका में आरोप लगाया गया है कि प्रशासन की कथित मिलीभगत से फार्म पर कब्जा किया गया, वहां रह रहे लोगों को हटाया गया और महिलाओं, बच्चों व पशुओं को परिसर के भीतर ही रोके रखा गया। इन आरोपों पर हाईकोर्ट ने प्रशासन से विस्तृत जवाब मांगा है।

किच्छा का खान फार्म, जिसकी 8 एकड़ जमीन को लेकर दो पक्षों के बीच मालिकाना हक का विवाद चल रहा है।
अब जानिए क्या है पूरा मामला…
1. वसीयत के आधार पर शुरू हुआ विवाद
किच्छा के पिपलिया मोड़ स्थित स्वर्गीय कुलसुम खान के 8 एकड़ के खान फार्म पर मालिकाना हक को लेकर विवाद है। एक पक्ष में प्रियंका गांधी वाड्रा की जेठानी सायरा वाड्रा और उनके चचेरे भाई व हाईकोर्ट के याचिकाकर्ता सिकंदर आलम खान हैं। दोनों का दावा है कि कुलसुम खान उनकी बुआ थीं और उन्होंने वर्ष 2024 में वसीयत के जरिए यह संपत्ति उनके पक्ष में कर दी थी।
दूसरी ओर कुलसुम खान की बहन नसरीन सांगा खुद को जमीन की पुश्तैनी मालिक बताते हुए उस पर अपना अधिकार जता रही हैं।
2. कुलसुम खान के निधन के बाद बढ़ा विवाद
दिसंबर 2025 में कुलसुम खान के निधन के बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। सायरा वाड्रा पक्ष ने आरोप लगाया कि विवादित फार्म पर जबरन कब्जा कर लिया गया। वहीं नसरीन सांगा का दावा है कि उनका परिवार वर्ष 1939 से इस जमीन पर रह रहा है और वह अपनी पुश्तैनी संपत्ति पर काबिज हैं।
3. मामला प्रशासन और सिविल कोर्ट तक पहुंचा
विवाद बढ़ने पर प्रशासन ने दोनों पक्षों को दस्तावेजों के साथ तलब किया। एडीएम पंकज उपाध्याय ने यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए और स्पष्ट किया कि अंतिम फैसला न्यायालय करेगा। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए खान फार्म पर भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया। इसी बीच सिविल कोर्ट ने 11 जून को यथास्थिति/स्थगन (स्टे) के आदेश दिए।

इस मामले में एक्स पर भाजपा ने पोस्ट कर कांग्रेस पर निशाना साधा था।
विवाद ने लिया राजनीतिक रंग
भूमि विवाद जल्द ही राजनीतिक मुद्दा भी बन गया। सायरा वाड्रा पक्ष की ओर से जबरन कब्जे का आरोप लगाए जाने के बाद कांग्रेस विधायक तिलक राज बेहड़ समर्थकों के साथ खान फार्म पहुंचे। उन्होंने कार्रवाई नहीं होने पर ट्रक के नीचे आकर आत्मदाह की चेतावनी दी थी।
दूसरी ओर भाजपा ने इस मामले को लेकर कांग्रेस पर हमला बोला। पार्टी ने एक्स पर पोस्ट कर प्रियंका गांधी वाड्रा से पूरे मामले पर सार्वजनिक जवाब मांगा और आरोप लगाया कि कांग्रेस से जुड़े लोगों ने जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया। भाजपा ने यह भी सवाल उठाया कि क्या किसी भूमि विवाद में राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल किया जाना उचित है।
अब इस बहुचर्चित भूमि विवाद में सभी की निगाहें 6 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई पर हैं।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने इस पोस्ट से सवाल उठाए थे।
BJP बोली- कब्जे की कोशिश हुई
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने 2 जुलाई को एक्स पर पोस्ट कर आरोप लगाया था कि ऊधम सिंह नगर के किच्छा स्थित खान फार्म एस्टेट की जमीन कुलसुम खान के नाम दर्ज है और वहां उनकी 90 वर्षीय बहन नसरीन रहती हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रियंका गांधी वाड्रा की जेठानी सायरा वाड्रा इस जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रही हैं।
भंडारी ने कहा कि चूंकि मामला सिविल विवाद का है और कानूनी प्रक्रिया के जरिए जमीन पर कब्जा संभव नहीं हुआ, इसलिए कांग्रेस विधायक तिलक राज बेहड़ करीब 100 लोगों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान 90 वर्षीय नसरीन खान को धमकाया गया और जान से मारने की धमकी दी गई। भाजपा ने इन आरोपों को लेकर प्रियंका गांधी वाड्रा से सार्वजनिक जवाब भी मांगा था।

प्रियंका गांधी वाड्रा कांग्रेस। फाइल फोटो
कौन हैं प्रियंका गांधी वाड्रा?
प्रियंका गांधी वाड्रा कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव और पार्टी की प्रमुख नेताओं में शामिल हैं। वह पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी की बेटी तथा राहुल गांधी की बहन हैं। उनके पति रॉबर्ट वाड्रा व्यवसायी हैं। सायरा वाड्रा, रॉबर्ट वाड्रा के बड़े भाई स्वर्गीय रिचर्ड वाड्रा की पत्नी हैं। इसी रिश्ते से सायरा वाड्रा, प्रियंका गांधी वाड्रा की जेठानी हैं। वर्तमान में प्रियंका गांधी वाड्रा कांग्रेस संगठन और चुनावी राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
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ऊधम सिंह नगर के किच्छा में स्थित खान फार्म की जमीन को लेकर दो दावेदार सामने आए हैं। बुधवार को जमीन पर कब्जे को लेकर तनाव का माहौल बन गया। इस दौरान किच्छा से कांग्रेस विधायक तिलकराज बेहड़ सहित कई कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता खान फार्म पहुंचे और मुख्य गेट पर धरना शुरू कर दिया। पढ़ें पूरी खबर…







