मंदसौर के जॉइंट कलेक्टर के खिलाफ वसूली वारंट:भरण-पोषण नहीं देने पर फैमिली कोर्ट का फैसला; साढ़े 5 लाख नहीं दिए तो हो सकते हैं गिरफ्तार | ACTPnews

मंदसौर के जॉइंट कलेक्टर के खिलाफ वसूली वारंट:भरण-पोषण नहीं देने पर फैमिली कोर्ट का फैसला; साढ़े 5 लाख नहीं दिए तो हो सकते हैं गिरफ्तार

इंदौर की फैमिली कोर्ट ने मंदसौर के जॉइंट कलेक्टर राहुल चौहान के खिलाफ वसूली वारंट जारी किया है। मामला चौहान और उनकी पत्नी निर्मला के बीच तलाक और भरण पोषण के केस से जुड़ा है। कोर्ट ने बुधवार को कहा- जिम्मेदार प्रशासनिक पद पर कार्यरत अधिकारी से अदालत के आदेशों का पालन करने की अपेक्षा अधिक होती है। भरण पोषण की राशि का भुगतान नहीं करने पर चौहान के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया जाएगा। दरअसल, निर्मला ने फैमिली कोर्ट में याचिका लगाई थी कि अदालत के आदेश के बावजूद चौहान ने नियमित रूप से भरण-पोषण राशि का भुगतान नहीं किया। उनके ऊपर 5 लाख 56 हजार रुपए की राशि बकाया है। पिछली सुनवाई में उन्होंने केवल 40 हजार रुपए जमा किए हैं। राहुल चौहान फिलहाल मंदसौर जिले की गरोठ तहसील में जॉइंट कलेक्टर हैं। मामले की अगली सुनवाई 20 जुलाई 2026 तय की गई है। कोर्ट ने हर महीने 20 हजार रुपए देने को कहा था निर्मला चौहान के वकील प्रवीण कचोले ने बताया कि केस 31 अप्रैल 2023 से फैमिली कोर्ट में है। जहां 4 मई 2026 को हर महीने 20 हजार रुपए का भरण पोषण के लिए आदेश दिया गया था। राहुल ने तब से सिर्फ एक बार पिछली पेशी में 40 हजार रुपए भरे हैं। बुधवार को सुनवाई के दौरान राहुल चौहान कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए। उनके वकील विनोद पाटीदार ने अदालत को बताया कि उन्हें अपने मुवक्किल की ओर से आगे की पैरवी या उपस्थिति को लेकर कोई निर्देश नहीं मिले हैं। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा- प्रतिपक्ष की ओर से प्रभावी उपस्थिति नहीं है और न्यायालय के आदेश के बावजूद भरण-पोषण की शेष राशि का भुगतान भी नहीं किया गया। ये गंभीर मामला है। अगली तारीख पर उन्हें कोर्ट में पेश होना होगा। पत्नी ने लगाए हैं दहेज प्रताड़ना के आरोप निर्मला चौहान ने 27 नवंबर 2025 को राहुल चौहान के खिलाफ इंदौर के महिला थाने में दहेज प्रताड़ना की FIR दर्ज कराई थी। इसमें लिखवाया था- मेरी शादी 16 दिसंबर 2018 को हुई थी। तब राहुल चौहान ट्रेनी डिप्टी कलेक्टर थे। शादी दोनों परिवार की मर्जी से हुई थी। मेरी मां ने हैसियत के अनुसार दहेज दिया था। शादी के अगले दिन से ही मेरे पति कम दहेज मिलने की बात कहते हुए मारपीट करने लगे। कुछ दिन बाद मेरी मां ने जमीन रजिस्ट्री के लिए 50 हजार रुपए मेरे ससुर को दिए। इसके बाद मैं पति के साथ खरगोन में रहने लगी। पति ने साथ रखने से इनकार कर दिया निर्मला ने पुलिस को बताया था कि जून 2019 में राहुल UPSC की तैयारी करने दिल्ली मुझे साथ लेकर गए। मैं भी PSC की तैयारी कर रही थी। वहां भी उन्होंने दहेज के लिए प्रताड़ित किया। मैंने विरोध जताया तो 31 जुलाई 2019 को मुझे मेरी मां के घर छोड़कर चले गए। तलाक देने की धमकी दी। सितंबर 2019 में वे मुझे अपने साथ खरगोन ले आए लेकिन प्रताड़ना का सिलसिला नहीं थमा। 21 सितंबर 2019 को राहुल ने यह कहते हुए मेरा मोबाइल तोड़ दिया कि मां ने दहेज में लाखों रुपए नहीं दिए हैं। मैंने आपत्ति जताई तो मारपीट की। फिर घर से निकाल दिया। इसके बाद मैंने खरगोन थाने में शिकायत दर्ज कराई और मां के साथ इंदौर लौट आई। दो-तीन बार परामर्श केंद्र ने समझौते का प्रयास किया लेकिन पति ने मुझे रखने से इनकार कर दिया। इसके बाद राहुल ने 2022 में तलाक का केस लगा दिया, जो 2023 में खारिज हो गया था।



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