राम मंदिर ट्रस्ट को लेकर निर्मोही अखाड़ा पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, पुनर्गठन और वित्तीय लेन-देन की फोरेंसिक ऑडिट कराने की मांग | ACTPnews

राम मंदिर ट्रस्ट को लेकर निर्मोही अखाड़ा पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, पुनर्गठन और वित्तीय लेन-देन की फोरेंसिक ऑडिट कराने की मांग


नई दिल्लीः अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े मामले में निर्मोही अखाड़ा ने सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका दाखिल की है। अखाड़े का कहना है कि 2019 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के करीब सात साल बाद भी उसका सही तरीके से पालन नहीं हुआ है। याचिका में कहा गया है कि केंद्र सरकार ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन तो किया, लेकिन इसमें ऐसे लोगों को शामिल किया गया जिनका राम जन्मभूमि से कोई ऐतिहासिक, धार्मिक या कानूनी संबंध नहीं है। अखाड़े ने यह भी आरोप लगाया है कि ट्रस्ट के कुछ सदस्यों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं, जिससे राम मंदिर की छवि पर असर पड़ा है।

ट्रस्ट में प्रतिनिधित्व दिए जाने की मांग 

निर्मोही अखाड़ा का कहना है कि किसी भी मंदिर का संचालन उसके पारंपरिक सेवायत (शेबैत) के बिना नहीं हो सकता। इसलिए ट्रस्ट में अखाड़े को उचित भूमिका और प्रतिनिधित्व दिया जाना चाहिए। याचिका में सुप्रीम कोर्ट से कई अहम मांगें की गई हैं। इसमें श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को एक सार्वजनिक ट्रस्ट के रूप में दोबारा गठित करने, ट्रस्टियों की नियुक्ति के लिए साफ नियम बनाने और निर्मोही अखाड़े को उचित जगह देने की मांग शामिल है।

राम मंदिर ट्रस्ट के सभी वित्तीय लेन-देन का फोरेंसिक ऑडिट कराने की मांग

इसके अलावा अखाड़े ने कहा है कि मंदिर में सभी पूजा, सेवा और भोग रामानंदी परंपरा के अनुसार कराए जाएं। याचिका में श्री रामलला विराजमान की मूल मूर्तियों को फिर से स्थापित करने की भी मांग की गई है। निर्मोही अखाड़ा ने सुप्रीम कोर्ट से यह भी मांग की है कि 2019 के फैसले के पालन की जांच के लिए एक स्वतंत्र समिति बनाई जाए और राम मंदिर ट्रस्ट के सभी वित्तीय लेन-देन का फोरेंसिक ऑडिट कराया जाए।

कोर्ट से की गई ये भी मांग

अखाड़े ने कोर्ट से आग्रह किया है कि वह केंद्र सरकार को ट्रस्ट डीड में उचित संशोधन करने और ‘रामानंदी बैरागी संप्रदाय’ के सदस्यों वाले एक निगरानी बोर्ड को शामिल करके ‘बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज़’ (न्यासी मंडल) का पुनर्गठन करने का निर्देश दे। साथ ही, यह भी मांग की गई है कि ट्रस्टियों का चयन उच्च सत्यनिष्ठा वाले उन लोगों में से किया जाए जिनका श्री राम जन्मभूमि या रामानंदी परंपराओं से ऐतिहासिक, कानूनी या धार्मिक संबंध रहा हो। 

बता दें कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच एसआईटी कर रही है। चोरी करने के आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और उसके भतीजे मनीष यादव से पुलिस रिमांड में पूछताछ की जा रही है। 

ये भी पढ़ेंः राम मंदिर में चोरी की सबसे बड़ी वजह क्या रही? SIT की रिपोर्ट में सामने आई बड़ी जानकारी

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