Rajat Sharma’s Blog : जांबाज़ कैप्टन स्मित राष्ट्रीय सम्मान के हक़दार | ACTPnews

Rajat Sharma's Blog : जांबाज़ कैप्टन स्मित राष्ट्रीय सम्मान के हक़दार


174 यात्रियों को मौत के मुंह से निकालने वाले जांबाज़ पायलट Captain स्मित ने कहा कि सब बजरंगबली की कृपा से हुआ, हनुमान जी ने सबको बचाया। Captain स्मित ने कहा कि वो प्लेन के फर्श पर ख़ून से लथपथ पड़े थे, प्लेन अनियंत्रित होकर आसमान से नीचे की तरफ़ जा रहा था। स्मित को मुसाफ़िरों की ज़िंदगी की फ़िक्र थी, वक़्त बहुत कम था। वो हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे। स्मित ने हिम्मत जुटाई, कॉकपिट का दरवाज़ा खोल दिया, इसके बाद सारे लोगों ने मदद की और plane crash होने से बच गया।

कैप्टन  स्मित ने प्रधानमंत्री मोदी को बताया कि उन ख़ौफ़नाक पलों में क्या हुआ, कैसे हुआ और उन्हें एक और 9/11 होने से बचाने की ताक़त कहां से मिली। स्मित बार-बार कह रहे थे, उन्होंने अपना फ़र्ज़ निभाया लेकिन प्रधानमंत्री ने कहा कि कैप्टन स्मित ने अपनी जान की परवाह किए बग़ैर जो किया, वो पूरी दुनिया के लिए जांबाज़ी की मिसाल है। स्मित ने साबित कर दिया कि हिन्दुस्तानी किसी की जान नहीं लेता, बल्कि अपनी जान जोखिम में डालकर दूसरों को ज़िंदगी देता है।

मोदी ने स्मित को बताया कि पूरे देश में उनके जल्दी स्वस्थ होने के लिए प्रार्थनाएं हो रही हैं, हवन हो रहे हैं। बातचीत के दौरान कई बार स्मित भावुक हुए। कई बार रोए, कई बार हंसे। स्मित मच्छार इस वक्त अबू धाबी के military hospital में हैं, घाव गहरे हैं, सिर से लेकर पांव तक बैंडेज बंधी है, दर्द भी असहनीय है लेकिन हौसला पहाड़ जैसा है, इरादे फौलादी हैं। दुनिया भर के अख़बारों ने The Wall Street Journal, Washington post, लंदन के The Times और Guardian ने भारतीय पायलट को लिए ‘Hero’ की headline दी है।

दुनिया के हर अख़बार के front page पर  स्मित मच्छार की तस्वीर है। वो पूरी दुनिया के लिए hero हैं, लेकिन स्मित ने कहा कि उनके आदर्श तो प्रधानमंत्री मोदी हैं। ये बात कुछ लोगों को पसंद नहीं आएगी। स्मित ने कहा कि संकट के समय हनुमान चालीसा का पाठ किया, बजरंगबली की कृपा से 174 लोग बच पाए, अब ये बात भी कुछ लोगों को तीर की तरह चुभ सकती है। 

स्मित गुजरात के अमरेली के हैं, ये बात भी कुछ लोगों को परेशान करेगी। पर सच तो ये है कि भारत के कैप्टन स्मित मच्छार इन सब बातों से ऊपर उठकर एक national hero हैं। भारत का गौरव हैं। सरकार को उनके पराक्रम को पुरस्कृत करना चाहिए, उन्हें राष्ट्रीय सम्मान मिलना चाहिए।

इजरायलियों के लिए भी स्मित देवदूत से कम नहीं हैं, वहां भी कैप्टन स्मित को उनकी बहादुरी के लिए सम्मानित किए जाने की मांग हो रही है। इजरायल के हर रास्ते, हर गली में कैप्टन स्मित की जांबाजी को सेलिब्रेट किया जा रहा है। तेल अवीव में इंडिया-इजरायल फेस्टिवल का आयोजन हुआ, स्टेज पर स्मित की बड़ी तस्वीर लगाई गई। हजारों लोगों ने खड़े होकर भारतीय पायलट के लिए तालियां बजाईं।।

कॉकपिट में ख़ून : ये  साज़िश किसने की?

इजरायल के लोग चाहते हैं कि हमलावर को तो सजा मिले ही, साथ ही जिसने भी उसे भेज कर प्लेन क्रैश कराने की  साजिश रची, उसे भी न बख्शा जाए। इजरायल के पीएम नेतन्याहू ने कहा कि इस घटना के पीछे जिसका भी हाथ होगा, उसे इसकी बहुत महंगी कीमत चुकानी पड़ेगी। नेतन्याहू ने कहा कि इतना तो साफ हो गया है कि को-पायलट प्लेन को क्रैश कराना चाहता था, उसका बैकग्राउंड islamic radicalization (इस्लामिक उग्रवाद) का है, लेकिन अभी जांच चल रही है, इसलिए ये साजिश किसने रची, इसका खुलासा जांच पूरी होने के बाद होगा।

उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दे दी। उन्होंने कहा कि अगर ये ईरान ने किया होगा, तो उस पर जबरदस्त हमला करेंगे। जिस co-pilot ने स्मित को चाक़ू मारा, प्लेन क्रैश करने की साज़िश रची, उसकी जांच हो रही है। नेतन्याहू ने बस इतना कहा है कि इस pilot का Islamic radical connection हो सकता है। लेकिन बड़ा सवाल ये है कि इज़रायल की intelligence इस co-pilot को लेकर fail कैसे हो गई ? जो hijacker प्लेन को crash कराने के चक्कर में था, Mossad की नज़र में क्यों नहीं आया ?खाड़ी के देशों से इज़राइल के लिए fly करने वाले crew की नागरिकता  क्या होगी, इसको लेकर कड़े नियम हैं। Flydubai के साथ जो contract है, उसके मुताबिक़, pilots सिर्फ़ उन मुल्क़ों के नागरिक हो सकते हैं, जिनके साथ इज़राइल के diplomatic relations हैं।

ओमान और इज़राइल के बीच ऐसे रिश्ते नही हैं। तो फिर एक ओमानी pilot कैसे विमान पर सवार हुआ? Mossad ऐसे लोगों की vetting करता है। जब flight दुबई से उड़ी, उसी वक्त हमलावर co-pilot की नागरिकता की जानकारी सामने आ जानी चाहिए थी। लापरवाही कहां हुई ? कैसे हुई ? ये सच्चाई भी थोड़े दिन में सामने आ जाएगी।

पुतिन:  मोदी दुनिया के विश्वसनीय लीडर

कैप्टन स्मित से बातचीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि भारत मारने वाला नहीं, बचाने वाला देश है। यही बात कल रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी दोहराई। मास्को के एक इवेंट में कहा, भारत हमेशा से दुनिया को शांति का रास्ता दिखाता आया है। पुतिन ने नरेंद्र मोदी के यूक्रैन peace plan की जमकर तारीफ की। कहा कि नरेंद्र मोदी ग्लोबल लीडर है और उनके पक्के दोस्त हैं और वो दुनिया के उन चंद नेताओं में शुमार हैं जो उन्हें सामने बैठाकर यूक्रेन के साथ युद्ध खत्म करने की बात कहते हैं।

पुतिन ने कहा कि यूक्रेन के साथ जंग खत्म करने को लेकर नरेंद्र मोदी के पास बहुत अच्छे विचार हैं, बेहतरीन समाधान हैं। पुतिन ने कहा कि मोदी का मानना है कि रास्ता बातचीत से निकले, कोई भी फैसला किसी देश पर थोपा ना जाए। जो लोग नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर सवाल उठाते हैं, उन्हें  पुतिन की बात सुननी चाहिए। पुतिन का ये कहना कि यूक्रेन से युद्ध रुकवाने के लिए मोदी के पास ज़बरदस्त ideas हैं, एक बहुत बड़ी तारीफ है।

पुतिन मान रहे हैं कि मोदी neutral position लेते हैं, मोदी की leadership का acceptance है। नरेंद्र मोदी ने मेरे एक show में कहा था कि वो दुनिया के बड़े-बड़े leaders से आंख में आंख डालकर, बराबरी के level पर बात करते हैं, मोदी उन नेताओं में से नहीं हैं, जो दुनिया के किसी ताक़तवर leader की ख़ुशामद करें, इसीलिए world leaders मोदी का सम्मान करते हैं और ये भारत का मान बढ़ाता है, दुनिया के सामने भारत की शक्ति को दर्शाता है।

देखें: ‘आज की बात, रजत शर्मा के साथ’ 02 अक्टूबर, 2026 का पूरा एपिसोड

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