Tag: हईपप
-

मजरूह सुल्तानपुरी, जिन्हें नेहरू के खिलाफ लिखने पर जेल हुई:पापा कहते हैं बड़ा नाम करेगा…, पहला नशा…, जैसे गाने लिखे, आखिरी गाना शाहरुख पर | ACTPnews
‘मैं अकेले ही चला था जानिब-ए-मंजिल मगर, लोग साथ आते गए और कारवां बनता गया।’ इन पंक्तियों को सुनकर लगता है कि इन्हें लिखने वाला शख्स शायद जिंदगी की गहराइयों में डूबा कोई बेहद संजीदा और गंभीर शायर होगा। लेकिन यही मजरूह जब फिल्मों के लिए लिखने बैठे, तो उनकी कलम ने मोहब्बत के ऐसे…
Latest News
Search the Archives
Access over the years of investigative journalism and breaking reports
You May Have Missed













