नेपाल में भीषण फ्लैश फ्लड के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और यहां मृतकों का आंकड़ा 1,200 के पार पहुंच गया है। इस बीच, नेपाल के पड़ोस में यानी तिब्बत में धरती कांपी है। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 5 मापी गई है।
धरती से 14 किलोमीटर नीचे था भूकंप का केंद्र
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, तिब्बत में यह भूकंप गुरुवार दोपहर 1 बजकर 46 मिनट पर आया। इस भूकंप का केंद्र धरती से 14 किलोमीटर नीचे था। इसका अक्षांश 31.479 उत्तर और देशांतर 80.370 पूर्व था।
नेपाल में सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
गौरतलब है कि तिब्बत के पड़ोस में ही नेपाल में आए विनाशकारी सैलाब से मरने वालों का आकंड़ा 1,243 पहुंच गया है। वहीं, 5 हजार से ज्यादा लोग अभी भी लापता है, जिनमें सैकड़ों की संख्या में भारतीय भी शामिल हैं जो कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर गए थे। वहीं, आपदा के बाद नेपाल में सेना और पुलिस का सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
राहत-बचाव कार्य में जुटी भारतीय सेना
भारतीय सेना की एक्सपर्ट रेस्क्यू टीम भी हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की टनल में फंसे लोगों को रेस्क्यू करने में जुटी है। इस बीच, भारत ने 11 एक्सपर्ट की टीम के साथ साढ़े 5 टन राहत सामग्री और दवाओं की 5वीं खेप नेपाल भेजी है। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने आपदा के इस मौके पर भारत की मदद के लिए धन्यवाद कहा है।
नेपाली PM ने याद दिलाया जलवायु परिवर्तन का खतरा
जान लें कि नेपाल में आए इस महासैलाब की वजहों की तलाश शुरू हो गई है। बुधवार को नेपाली संसद में पीएम बालेन शाह ने नेपाल त्रासदी के लिए जलवायु परिवर्तन को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि भोटकोशी नदी में आई बाढ़ सामान्य बारिश से नहीं आई थी। बालेन शाह बोले कि हिमालयी इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए क्लाइमेट चेंज से खतरे बढ़ रहे हैं।
नेपाल में नारायणी और त्रिशूली नदियों का जलस्तर बढ़ा
बता दें कि नेपाल में बाढ़ के बाद चितवन में नारायणी और त्रिशूली नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। लगातार बारिश के बाद सुन कोशी, बूढ़ी गंडकी और महाकाली नदियों का जलस्तर डेंजर लेवल से ऊपर पहुंच गया है। प्रशासन ने मध्य, पश्चिमी और पूर्वी नेपाल के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा है और तुरंत सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की है। इससे पहले चीन के सिचुआन प्रांत में भूकंप के तेज झटके लगे थे। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.0 मापी गई थी।
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