ऑपरेशन सिंदूर में भारत के शहीद 6 जवानों के नाम शुक्रवार को सार्वजनिक किए। इसके एक दिन बाद कांग्रेस नेता पवन खेड़ा कहा, ‘सरकार ने इन जवानों की शहादत एक साल तक सार्वजनिक नहीं की। उन्हें वह सम्मान नहीं मिला, जिसके वे हकदार थे।’ पवन खेड़ा ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के संसद में दिए गए बयान का वीडियो X पर शेयर किया। इसमें राजनाथ सिंह ने एक सवाल के जवाब में कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर में किसी जवान को नुकसान नहीं हुआ। पोस्ट में पवन खेड़ा ने लिखा- दो ही संभावनाएं हैं। या तो रक्षा मंत्री को उस समय छह जवानों की शहादत की जानकारी नहीं थी या उन्होंने संसद को गुमराह किया। दोनों ही स्थितियां गंभीर हैं। रक्षा मंत्रालय ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि शहीदों को शुरू से सम्मान दिया गया और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के संसद में दिए गए बयान को संदर्भ से काटकर पेश किया जा रहा है। ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए 6 जवान… रक्षा मंत्रालय बोला- आरोप तथ्यात्मक रूप से गलत रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि कुछ मीडिया रिपोर्ट और सोशल मीडिया पोस्ट में यह गलत दावा किया जा रहा है कि छह शहीदों को पहली बार अब सार्वजनिक सम्मान मिला है। यह दावा तथ्यात्मक रूप से गलत है। ‘वार मेमोरियल पर नाम दर्ज करने की तय प्रक्रिया है’ रक्षा मंत्रालय ने कहा कि राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीदों के नाम दर्ज करने की एक तय प्रक्रिया और प्रोटोकॉल है। सभी नाम उसी प्रक्रिया के तहत दर्ज किए जाते हैं। इसलिए यह कहना कि नाम दर्ज करने में देरी हुई या शहीदों को अब पहली बार सम्मान मिला है, सही नहीं है। मंत्रालय ने कहा कि सरकार ने शहीदों के परिवारों को शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य सभी निर्धारित सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। छहों शहीद राष्ट्रीय नायक हैं। उनका बलिदान हमेशा सम्मान के साथ याद रखा जाएगा। राजनाथ के बयान पर भी दी सफाई रक्षा मंत्रालय ने कहा कि सोशल मीडिया पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के संसद में दिए गए भाषण के एक हिस्से को संदर्भ से अलग करके पेश किया गया। इससे यह गलत संदेश देने की कोशिश की गई कि उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर में किसी भारतीय सैनिक के शहीद न होने की बात कही थी। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि राजनाथ सिंह का बयान ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना के पायलटों के मारे जाने के दावों का खंडन करने के लिए था। मंत्रालय के मुताबिक, सोशल मीडिया पर उनके बयान के एक हिस्से को संदर्भ से अलग करके पेश किया गया। पूरा भाषण देखने पर स्पष्ट है कि उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता और भारतीय सशस्त्र बलों के पराक्रम का जिक्र किया था। 6 मई 2025: सेना ने PoK में 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े 9 आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए थे। भारत सरकार ने कहा था कि इन हमलों में 100 से ज्यादा आतंकियों को मार गिराया था। इसके बाद 10 मई को भारत और पाकिस्तान के सैन्य अभियान महानिदेशकों (DGMO) के बीच बातचीत के बाद दोनों देशों ने सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति जताई थी। भारत की एयरस्ट्राइक में कई पाकिस्तानी एयरबेस तबाह हुए थे भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के कई एयरबेस तबाह किए थे। प्राइवेट कंपनी मक्सर (Maxar) के सैटेलाइट ने इन तबाह एयरबेस की फोटोज जारी की थीं। मक्सर ने पाकिस्तान के जिनकी फोटोज जारी की, उनमें सरगोधा, नूर खान, भोलारी और सुक्कुर के एयरबेस थे। फोटोज में साफ देखा जा सकता है कि हमले के पहले और बाद में वहां क्या स्थिति थी। सेना ने बताया था कहां-कहां की थी एयरस्ट्राइक सेना ने 7 मई 2025 की सुबह बताया था कि पाकिस्तान और पीओके में 9 टारगेट पहचाने गए थे। इन्हें हमने तबाह कर दिया। लॉन्चपैड, ट्रेनिंग सेंटर्स टारगेट किए गए। इनके नाम हैं.. …………… ये खबर भी पढ़ें… ऑपरेशन सिंदूर के 6 शहीदों के नाम पहली बार सार्वजनिक:5 सेना, 1 एयरफोर्स का जवान, 2 को वीरता सम्मान मिला; वॉर मेमोरियल में नाम दर्ज ऑपरेशन सिंदूर में भारत के 6 जवान शहीद हुए थे। केंद्र सरकार ने 13 महीनों बाद पहली बार आधिकारिक तौर पर इनके नाम सार्वजनिक किए। इन नामों को नेशनल वॉर मेमोरियल की वेबसाइट के ‘रोल ऑफ ऑनर’ में शामिल किया गया है। पूरी खबर पढ़ें…
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कांग्रेस बोली-सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर के शहीदों की जानकारी छिपाई:रक्षा मंत्रालय बोला- शहीदों को शुरू से सम्मान मिला, राजनाथ का बयान गलत संदर्भ में दिखाया | ACTPnews

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