ओडिशा के जगतसिंहपुर जिले में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। महानदी में डूब रहे अपने 14 वर्षीय बेटे की जान बचाने के लिए एक पिता बिना अपनी परवाह किए नदी में कूद गया। बेटे की जान तो बच गई, लेकिन पिता खुद तेज बहाव की चपेट में आ गए। करीब तीन घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद उनका शव नदी से बरामद किया गया। मृतक की पहचान 38 वर्षीय ईश्वर बारिक के रूप में हुई है। वह पारादीप लॉक थाना क्षेत्र के निमिडिही गांव के रहने वाले थे।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, रविवार को ईश्वर बारिक अपने 14 वर्षीय बेटे निनु बारिक और गांव के कुछ अन्य लोगों के साथ कांवड़ यात्रा के लिए महानदी से जल लेने गए थे। वे पारादीप के बाहरी इलाके स्थित भूतमुंडई पुल के पास नदी किनारे पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि जल भरने के दौरान निनु नदी में उतर गया। इसी दौरान तेज बहाव के कारण उसका संतुलन बिगड़ गया और वह पानी में बहने लगा। बेटे को डूबता देखकर ईश्वर बारिक ने बिना समय गंवाए तुरंत नदी में छलांग लगा दी। उनका मकसद किसी भी तरह अपने बेटे की जान बचाना था। हालांकि नदी का बहाव काफी तेज था। पिता और बेटा दोनों ही पानी की तेज धारा में बहने लगे। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने शोर सुनते ही तुरंत बचाव का प्रयास शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद लोगों ने निनु को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन ईश्वर बारिक नदी की तेज धारा में लापता हो गए।
तीन घंटे तक तलाश के बाद मिला शव
घटना की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सर्च ऑपरेशन शुरू किया। बचाव दल ने करीब तीन घंटे तक नदी में लगातार तलाश की। इसके बाद महानदी से ईश्वर बारिक का शव बरामद किया गया। इस घटना के बाद परिवार में मातम छा गया और गांव में शोक का माहौल है।कुजंग अग्निशमन केंद्र के लीडिंग फायरमैन जगन्नाथ पंडा ने कहा- “हमें सूचना मिली कि पिता पुत्र डूब गए हैं।हमारे पहुंचने के बाद डूबते हुए पुत्र को हमनें रेस्क्यू कर लिया । बहुत कष्ट करने पर लगभग 3 घंटे के बाद हम पिता को रेस्क्यू कर पाए। डॉक्टर अब इनकी जांच करेंगे। लोगों ने बड़ी हिम्मत के साथ कम किया है। रात में रेस्क्यू करना बहुत कष्टदायक होता है। पिता पुत्र पानी में डूब चुके थे। बाढ़ का पानी आया है जिसकी वजह से पानी का बहाव तेज है। रेस्क्यू करने में बहुत असुविधाएं हुई हैं।”
प्रशासन ने जल लेने पर लगा रखा है प्रतिबंध
यह हादसा ऐसे समय हुआ है जब बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने नदी घाटों से कांवड़ियों के जल लेने पर रोक लगा रखी है। इसके बावजूद भूतमुंडई पुल के पास श्रद्धालुओं की आवाजाही जारी थी। इसी दौरान यह दुखद घटना सामने आई। बाढ़ के कारण महानदी और उसकी सहायक नदियों में जलस्तर बढ़ा हुआ है और कई स्थानों पर तेज बहाव बना हुआ है। इसी को देखते हुए जगतसिंहपुर जिला प्रशासन ने महानदी और उसकी सहायक नदियों के घाटों पर कांवड़ियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके।
प्रशासन ने लोगों से की अपील
फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग पूरे मामले की जानकारी जुटा रहे हैं। वहीं, यह घटना तेज बहाव वाली नदियों के पास सावधानी बरतने की जरूरत को सामने लाती है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बाढ़ के दौरान जारी प्रतिबंधों का पालन करें और सुरक्षा नियमों की अनदेखी न करें, ताकि इस तरह की दुखद घटनाओं से बचा जा सके। (रिपोर्ट: शुभम कुमार)
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