‘दिमागी नक्सल’ पर BJP की मीम वॉर:मुन्ना भैया, रॉकी भाई से लेकर KGF तक के सीन इस्तेमाल, सोशल मीडिया पर विरोध | ACTPnews

‘दिमागी नक्सल’ पर BJP की मीम वॉर:मुन्ना भैया, रॉकी भाई से लेकर KGF तक के सीन इस्तेमाल, सोशल मीडिया पर विरोध

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण में इस्तेमाल ‘दिमागी नक्सल’ शब्द को बीजेपी ने सोशल मीडिया कैंपेन का हिस्सा बना दिया है। पार्टी की अलग-अलग राज्य इकाइयां फिल्मों और वेब सीरीज के चर्चित सीन से ‘दिमागी नक्सल’ पर मीम बना रही हैं। इनमें मिर्जापुर के मुन्ना भैया और कलीन भैया से लेकर KGF और सिंघम के सीन शामिल हैं। हालांकि, कैंपेन का सोशल मीडिया पर विरोध भी हो रहा है। बीजेपी की सोशल मीडिया टीम ने शुरू की मीम वॉर 26 अगस्त को बीजेपी छत्तीसगढ़ ने ‘अवेंजर्स असेंबल’ पोस्ट कर दूसरे राज्यों की पार्टी इकाइयों को भी अभियान से जुड़ने का संदेश दिया था। इसके बाद बीजेपी के कई राज्य स्तरीय सोशल मीडिया अकाउंट्स ने एक के बाद एक मीम पोस्ट किए। इन पोस्ट में फिल्मों और वेब सीरीज के लोकप्रिय किरदारों और सीन को राजनीतिक संदेश से जोड़ा गया। BJP इन मीम्स के जरिए युवाओं, खासकर Gen Z तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश कर रही है। मुन्ना भैया के सीन से लेकर ‘सिंघम’ तक सबसे ज्यादा चर्चा मिर्जापुर के मुन्ना भैया वाले मीम की हुई। इसमें मुन्ना भैया एक छात्र को थप्पड़ मारते नजर आते हैं और बीजेपी ने छात्र को ‘दिमागी नक्सल’ के तौर पर दिखाया। बीजेपी छत्तीसगढ़ ने संदेश दिया कि ‘दिमागी नक्सल’ बनने के बजाय देश की प्रगति में योगदान देना चाहिए। इसके बाद बीजेपी ने सिंघम के एक सीन का इस्तेमाल किया। इसमें अभिनेता अजय देवगन के किरदार को एक गुंडे की पिटाई करते दिखाया गया और इसे ‘छत्तीसगढ़ स्टाइल’ में दिमागी नक्सल के इलाज से जोड़ा गया। दिल्ली बीजेपी ने मिर्जापुर के कलीन भैया वाले सीन से कैंपेन को आगे बढ़ाया। वहीं, गोवा BJP ने तारक मेहता का उल्टा चश्मा के एक सीन को राजनीतिक मीम में बदल दिया। KGF के मीम पर सबसे ज्यादा विवाद बीजेपी कर्नाटक के शेयर किए KGF के एक सीन पर सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा सवाल उठे। इसमें रॉकी और उसके साथी पहाड़ी से विरोधियों पर गोलियां चलाते नजर आते हैं। बीजेपी ने इस सीन को एडिट कर अलग-अलग राज्य इकाइयों को हमलावरों और ‘दिमागी नक्सल’ को उनके विरोधियों के तौर पर पेश किया। पोस्ट में लिखा गया कि ‘दिमागी नक्सल’ के खिलाफ पूरी ताकत से अभियान जारी रहेगा। इस पोस्ट के बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स ने बीजेपी पर हिंसक राजनीतिक भाषा को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि Gen Z या युवाओं को ‘दिमागी नक्सल’ कहा जा रहा है तो फिल्मों के हिंसक सीन के जरिए जवाब देना क्या सही है। विपक्ष और सोशल मीडिया यूजर्स ने भी उठाए सवाल कैंपेन को लेकर विपक्ष और कई सोशल मीडिया यूजर्स ने बीजेपी की आलोचना की। एक यूजर ने कहा कि लोकतंत्र में विचारों का जवाब विचारों से दिया जाना चाहिए, गोलियों या हिंसा के संकेतों से नहीं। पूर्व बीजेपी विधायक विक्रम सिंह की बेटी यशस्विनी राजे सिंह ने भी अभियान पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने देश में हिंसक राजनीतिक बयानबाजी को सामान्य बनाने में भूमिका निभाई है। हर राज्य इकाई दूसरी की पोस्ट को आगे बढ़ा रही पिछले कुछ दिनों में बीजेपी के सोशल मीडिया कैंपेन में एक पैटर्न देखने को मिला है। एक राज्य इकाई ‘दिमागी नक्सल’ पर मीम पोस्ट करती है, दूसरी उसी पोस्ट पर प्रतिक्रिया देती है और तीसरी नया मीम जोड़ देती है। BJP IT सेल से जुड़े एक सदस्य के मुताबिक, इसका मकसद अलग-अलग राज्यों के सोशल मीडिया नेटवर्क को एक साथ सक्रिय करना है। इससे एक राज्य की पोस्ट दूसरे राज्यों के यूजर्स तक भी पहुंच सकती है और पार्टी का राजनीतिक नैरेटिव ज्यादा लोगों तक ले जाया जा सकता है। Instagram पर भी अभियान बढ़ाने की तैयारी BJP का यह कैंपेन X तक सीमित नहीं रहने वाला है। रिपोर्ट के मुताबिक, पार्टी की सोशल मीडिया टीम का अगला फोकस Instagram है, जहां Gen Z की बड़ी मौजूदगी है। पार्टी की रणनीति लोकप्रिय फिल्मों और पॉप कल्चर के वायरल सीन को राजनीतिक संदेश से जोड़कर ज्यादा युवाओं तक पहुंच बनाने की है। बीजेपी के एक नेता ने इस अभियान को अभी सिर्फ ‘ट्रेलर’ बताया है।



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