पंजाब SC कमीशन ने केंद्रीय मंत्री को किया तलब:4 जून को रवनीत बिट्टू को होना होगा पेश, संगरूर पुलिस ने दाखिल की रिपोर्ट | ACTPnews

पंजाब SC कमीशन ने केंद्रीय मंत्री को किया तलब:4 जून को रवनीत बिट्टू को होना होगा पेश, संगरूर पुलिस ने दाखिल की रिपोर्ट

पंजाब में निकाय चुनाव के दौरान केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू द्वारा एससी वर्ग को लेकर की गई टिप्पणी मामले में उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। आयोग ने उन्हें तलब करते हुए 4 जून को पेश होने के लिए कहा है। हालांकि, बिट्टू पहले ही सार्वजनिक रूप से माफी मांग चुके हैं। इस संबंध में जानकारी देते हुए पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष जसवीर सिंह गढ़ी ने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें पता चला है कि रवनीत सिंह बिट्टू ने धूरी दौरे के दौरान जातिवादी शब्दों का प्रयोग किया था, जिसके संबंध में एसएसपी संगरूट से रिपोर्ट मांगी गई थी, लेकिन आयोग ने आज पुलिस द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट से असहमति व्यक्त की है। अब पढ़िए 4 मिनट की बातचीत:- मामले में अब तक क्या-क्या हुआ… 26 मई : संगरूर के धूरी में नगर परषिद चुनाव के लिए वोटिंग के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू की पुलिसकर्मियों के साथ तीखी बहस हुई। बहस के दौरान ड्यूटी पर तैनात एक पुलिस इंस्पेक्टर ने खुद को किसान का बेटा बताया तो बिट्टू ने उसे टोकते हुए पूछा कि क्या एससी (अनुसचित जाति) के लोग बुरे होते हैं। ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। 29 मई : पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने मामले पर संज्ञान लेते हुए इसे गंभीर माना। आयोग के अध्यक्ष ने संगरूर के SSP को मामले की जांच कर 1 जून तक रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया। 30 मई : वाल्मीकि और दलित समाज के विभिन्न संगठनों ने बयान के विरोध में कई जगह प्रदर्शन किए। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय राज्य मंत्री के पुतले फूंके। उन्होंने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। 31 मई: केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्‌टू ने अमृतसर में अपने विवादित बयान को लेकर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह हाथ जोड़कर और सिर झुकाकर अनुसूचित जाति (एससी) समुदाय के उन सभी लोगों से माफी मांगते हैं, जिनकी भावनाएं उनके बयान से आहत हुई हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि केंद्रीय मंत्री के पद पर रहते हुए उनके मुंह से ऐसे शब्द नहीं निकलने चाहिए थे। बिट्टू ने कहा कि उस समय माहौल तनावपूर्ण था, लेकिन सामाजिक सद्भाव और भाईचारा उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि पंजाब एससी कमीशन के अध्यक्ष उन्हें बुलाते हैं, तो वह आयोग के सामने व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर भी माफीनामा देने के लिए तैयार हैं।



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