Highlights
- अमेरिका के C-17A सैन्य विमान के मॉस्को के एयरपोर्ट पर पहुंचने का दावा किया गया है।
- विमान ने वॉशिंगटन से उड़ान भरकर चार्ल्सटन और रीगा में ठहराव किया।
- विमान के मॉस्को पहुंचने का मकसद और उसमें मौजूद सामान की जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है।
मॉस्को: रूस की राजधानी मॉस्को में सोमवार सुबह अमेरिकी वायुसेना का एक Boeing C-17A Globemaster III सैन्य परिवहन विमान उतरने की खबर सामने आई है। ऑनलाइन एयर ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम के हवाले से रूसी समाचार एजेंसी TASS ने यह जानकारी दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, विमान करीब सुबह 10 बजे मॉस्को के समय के अनुसार रूस पहुंचा। बताया जा रहा है कि यह विमान अमेरिका के वॉशिंगटन डीसी के पास स्थित एंड्र्यूज एयरफोर्स बेस से रवाना हुआ था। रूस पहुंचने से पहले इसने कई जगहों पर ठहराव किया।
क्रेमलिन ने किया जानकारी से इनकार
उपलब्ध फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, विमान ने पहले चार्ल्सटन इंटरनेशनल एयरपोर्ट/एयरफोर्स बेस पर लैंड किया और इसके बाद लातविया की राजधानी रीगा पहुंचा। इसके बाद अमेरिकी सैन्य विमान ने रीगा से सीधे रूसी क्षेत्र की ओर उड़ान भरी। यूरोपीय संघ के हवाई यातायात नियंत्रण से जुड़े एक सूत्र ने भी TASS को बताया कि अमेरिकी सैन्य विमान लातविया से रवाना होकर सीधे रूस की ओर गया था। हालांकि क्रेमलिन की तरफ से कहा गया है कि उसे इस जहाज के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
C-17A ग्लोबमास्टर III कितना खास है?
Boeing C-17A Globemaster III अमेरिकी वायुसेना का एक प्रमुख भारी-भरकम सैन्य परिवहन विमान है। इसका इस्तेमाल सैनिकों और अलग-अलग तरह के सैन्य सामान को तेजी से एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने के लिए किया जाता है। हालांकि, मॉस्को पहुंचने वाले इस खास विमान के मिशन की वजह अभी आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आई है। यह भी नहीं बताया गया है कि विमान में किस तरह का सामान मौजूद था। न अमेरिकी रक्षा मंत्रालय यानी पेटागन और न ही रूसी विदेश मंत्रालय ने इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी दी है।
क्या यह किसी खास मिशन का हिस्सा है?
अभी यह साफ नहीं है कि विमान की मॉस्को यात्रा राजनयिक कामकाज, कैदियों की अदला-बदली या किसी अन्य द्विपक्षीय प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़ी है या नहीं। इस संबंध में भी अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है। इससे पहले अल जजीरा ने Flightradar24 के हवाले से बताया था कि अमेरिकी वायुसेना का एक ट्रांसपोर्ट विमान मंगलवार को मॉस्को के व्नुकोवो एयरपोर्ट पर उतरा। हालांकि, क्रेमलिन ने कहा कि उसके पास इस विमान या उसके मॉस्को पहुंचने की कोई जानकारी नहीं है।
रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद बदले हवाई नियम
रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद अमेरिका और उसके यूरोपीय सहयोगी देशों ने मॉस्को पर कई आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं। इसके साथ ही रूस और पश्चिमी देशों के बीच हवाई आवाजाही पर भी बड़े प्रतिबंध लागू हैं। रूस के विमानों को अमेरिका और यूरोपीय संघ के हवाई क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति नहीं है। इसी तरह रूस ने भी उन देशों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर रखा है जिन्हें वह ‘शत्रु देश’ मानता है। ऐसे माहौल में अमेरिकी सैन्य परिवहन विमान का मॉस्को पहुंचना खासा असामान्य घटनाक्रम माना जा रहा है। फिलहाल सारी दुनिया की नजरें इस खास घटनाक्रम पर लगी हुई हैं। (ANI से इनपुट्स के साथ)
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