इंडिया टीवी के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा आज हिंदी रत्न सम्मान समारोह 2026 में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन के जन्मदिवस पर 1 अगस्त को हर वर्ष दिल्ली के हिंदी भवन के द्वारा हिंदी रत्न सम्मान प्रदान किया जाता है। इस बार प्रसून जोशी को हिंदी रत्न से सम्मानित किया गया। रजत शर्मा ने इस वर्ष का हिंदी रत्न सम्मान प्रख्यात गीतकार और प्रसार भारती के अध्यक्ष प्रसून जोशी को प्रदान किया। इस मौके पर प्रसून जोशी ने कहा कि रजत जी हमारे वरिष्ठ हैं, उनके हाथ से ये सम्मान मिलना मेरे लिए गर्व का विषय है।
प्रसून जोशी को सम्मान देने को बताया गौरव का विषय
वहीं, रजत शर्मा ने कहा कि प्रसून जोशी को सम्मान देना मेरे लिए गौरव का विषय है। उन्होंने भारत वर्ष में हिंदी के गौरव को बढ़ाया है। ‘तेरे जैसा कोई मिला ही नहीं, कैसे मिलता कहीं पे था ही नहीं।’
हिंदी भवन में आने को बताया भावुक पल
रजत शर्मा बोले, ‘हिंदी भवन में आना मेरा लिए एक इमोशनल क्षण भी है। मैं जब 6-7 साल का था तब से हिंदी भवन से जुड़ा हूं। मेरे दादा हिंदी भवन में लाइब्रेरियन थे। उनकी सैलरी से हमारा घर चलता था। वो मेरे लिए किताबें लाया करते थे, जिन्हें मैं पढ़ता था। मैं हिंदी माध्यम से ही पढ़ रहा था। लेकिन SRCC कॉलेज गया तो वहां पर सब अंग्रेजी में चलता था। उसी दौरान जेपी आंदोलन शुरू हो गया था। आंदोलन की भाषा हिंदी ही होती है और मैं आंदोलन में बहुत आगे था। जिसके बाद मुझे दिक्कत नहीं हुई।’
अंग्रेजी भाषा सीखी लेकिन पहला शो हिंदी में किया
रजत शर्मा ने आगे कहा, ‘मेरी भाषा हिंदी थी लेकिन मैंने अंग्रेजी भी सीखी। कॉलेज के बाद जब पत्रकारिता शुरू की तो हिंदी में की। 2 साल तक पत्रकारिता में हिंदी में अच्छा लिखता था, लेकिन कोई उसे पूछता नहीं था। फिर मैंने अंग्रेजी में लिखना शुरू कर दिया तो एडिटर भी बना। लेकिन जब टीवी का पहला शो किया तो हिंदी में किया।’
शो हिंदी में नहीं होता तो इतना बड़ा हिट नहीं होता
रजत शर्मा ने बताया कि अपना पहला शो मैं खुशवंत जी के साथ रिकॉर्ड करना चाह रहा था। और तीसरे नंबर पर लालू जी की रिकॉर्डिंग थी। लेकिन लालू जी ने सुबह 10 बजे फोन कर दिया कि हम अभी आ जाते हैं रिकॉर्डिंग के लिए। मैंने कहा कि आपकी रिकॉर्डिंग 4 बजे है। फिर किसी तरह से लालू जी का शो रिकॉर्ड किया। अगर वो शो हिंदी में नहीं होता तो इतना बड़ा हिट शो नहीं होता।
हिंदी आज बहुत सशक्त है
रजत शर्मा ने कहा, ‘प्रसून जोशी ने अंग्रेजी वालों के बीच रहकर हिंदी का मान बढ़ाया है। वो इस अवार्ड को सही मायने में डिजर्व करते हैं। अब हिंदी निरीह की भाषा नहीं है, सरकार के मुखिया की भाषा है। आज हिंदी बहुत सशक्त है, मजबूत है। मैं एक उदाहरण देना चाहता हूं कि आज हिंदी न्यूज चैनल की व्यूअरशिप अंग्रेजी न्यूज चैनल से 140 प्रतिशत अधिक है।’
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