ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई से जुड़े लंदन के दो आलीशान अपार्टमेंट बिक्री के लिए रखे गए हैं। द संडे टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें से एक लग्जरी पेंटहाउस को 2016 में करीब ₹242.53 करोड़ में खरीदा गया था। इसे अब करीब ₹153.17 करोड़ में बेचा जा रहा है। यानी खरीद कीमत के मुकाबले इसकी मौजूदा मांग करीब ₹89.36 करोड़ कम है। दोनों अपार्टमेंट के रिकॉर्ड में ईरानी बैंकर अली अंसारी मालिक के तौर पर दर्ज हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अंसारी बैंक का लोन नहीं चुका पाए जिसके कारण यह प्रॉपर्टी इस वक्त रिसीवरशिप में है। प्रॉपर्टी रिसीवरशिप में होने का मतलब है कि जब कोई मकान मालिक बैंक का लोन नहीं चुका पाते तो प्रॉपर्टी का मैनेजमेंट एक निष्पक्ष तीसरे शख्स (जिसे ‘रिसीवर’ कहते हैं) को सौंप दिया जाता है। ताकि वह उसे बेचकर या किराए पर देकर बैंक का पैसा वसूल कर सके। बिक्री के ब्रोशर में ईरान से कनेक्शन नहीं प्रॉपर्टी की बिक्री के लिए जारी ब्रोशर में इसके राजनीतिक या ईरान से जुड़े कनेक्शन का कोई जिक्र नहीं किया गया है। हालांकि, इसमें बताया गया है कि प्रॉपर्टी रिसीवरशिप में है। इसलिए इसकी पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं है। खरीदारों को सौदा करने से पहले प्रॉपर्टी से जुड़ी सभी जरूरी जानकारियां खुद जांचने की सलाह दी गई है। डेली मेल के मुताबिक दोनों प्रॉपर्टी इजराइली दूतावास के बेहद करीब हैं। यहां से दूतावास के पिछले हिस्से का नजारा दिखता है और दूरी 50 मीटर से भी कम है। प्रॉपर्टी का मालिक अंसारी मुजतबा का मुख्य फाइनेंसर अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने जुलाई में इन दोनों प्रॉपर्टी के मालिक अली अंसारी पर प्रतिबंध लगाए थे। अमेरिका ने उन्हें मुजतबा खामेनेई का मुख्य फाइनेंसर बताया था। अमेरिका के मुताबिक, अंसारी दुनिया भर में ऐसी संपत्तियों के बड़े नेटवर्क को संभालते हैं जिनसे मुजतबा खामेनेई और ईरानी शासन से जुड़े दूसरे लोगों को फायदा पहुंचता है। ब्रिटेन भी अंसारी पर पहले प्रतिबंध लगा चुका है। ब्रिटिश सरकार ने उन पर ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को आर्थिक मदद देने का आरोप लगाया था। इन प्रतिबंधों के तहत ब्रिटेन में उनकी संपत्तियां फ्रीज कर दी गई थीं और उनके ब्रिटेन में प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी। हालांकि, अंसारी ने इन आरोपों से इनकार किया है। कर्मचारियों ने खामेनेई या अंसारी को वहां नहीं देखा रिपोर्ट के मुताबिक, पैलेस ग्रीन डेवलपमेंट में काम करने वाले कर्मचारियों ने अपार्टमेंट खरीदे जाने के बाद से न तो अली अंसारी और न ही मुजतबा खामेनेई को वहां देखा है। मुजतबा खामेनेई भी लंबे समय से सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं। फरवरी में उनके पिता की अमेरिकी-इजराइली हवाई हमले में मौत के बाद से उन्होंने कोई सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं किया और न ही कोई बयान दिया है। इस वजह से उनके मौजूदा ठिकाने और हालात को लेकर स्थिति साफ नहीं है। दोनों पेंटहाउस की कीमत 459 करोड़ रुपए दोनों प्रॉपर्टी की कुल कीमत 3.6 करोड़ पाउंड यानी करीब ₹459.54 करोड़ है। इन्हें 2014 और 2016 में अलग-अलग खरीदा गया था। ————— यह खबर भी पढ़ें… ट्रम्प ने ईरान के मैप पर खुद की फोटो लगाई:सोशल मीडिया पर एक घंटे में 7 पोस्ट किए, लिखा- बाय-बाय खार्ग अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने ईरान के खिलाफ सोशल मीडिया पर करीब 1 घंटे में एक के बाद एक 7 पोस्ट किए। पूरी खबर पढ़ें…
Source link
रिपोर्ट- ईरानी सुप्रीम लीडर के लंदन वाले दोनों फ्लैट बिकेंगे:लोन नहीं चुका पाने पर बेचने की नौबत; ₹242 करोड़ का पेंटहाउस ₹153 करोड़ में बिकेगा | ACTPnews

Previous Post
Next Post
Leave a Reply
Latest News
Search the Archives
Access over the years of investigative journalism and breaking reports
You May Have Missed
-

4 राज्यों की 6 सीटों पर उपचुनाव की घोषणा, 6 अक्टूबर को मतदान, जानें नंदीग्राम में कब पड़ेंगे वोट | ACTPnews
-

मिर्जापुर: द फिल्म के गाने शूरवीर पर विवाद खत्म:राजस्थानी सिंगर का आरोप था- बिना इजाजत इस्तेमाल किया गाना लिया, राज्य की छवि बिगाड़ी, कैसे सुलझा मामला | ACTPnews
-
-

नरेंद्र मोदी का करिश्मा फिर चर्चा में, लेकिन यूपी की जमीन पर कितना असर? Coffee Par Kurukshetra में देखें पूरी चर्चा | ACTPnews
-









