रिपोर्ट- ट्रम्प-जिनपिंग की मुलाकात से पहले ताइवान में डर:जापान-साउथ कोरिया को चिंता, चीन से डील के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति नरम न पड़ जाएं | ACTPnews

रिपोर्ट- ट्रम्प-जिनपिंग की मुलाकात से पहले ताइवान में डर:जापान-साउथ कोरिया को चिंता, चीन से डील के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति नरम न पड़ जाएं

ट्रम्प और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की 24 सितंबर को होने वाली मुलाकात से पहले ताइवान में डर बढ़ गया है। ताइवान को आशंका है कि चीन के साथ कोई बड़ा आर्थिक समझौता करने के लिए ट्रम्प उसके मुद्दे पर नरम रुख अपना सकते हैं। जापान और साउथ कोरिया समेत अमेरिका के सहयोगी देशों को भी यही चिंता सता रही है। रॉयटर्स के मुताबिक, ट्रम्प ने मई में ताइवान को अमेरिकी हथियारों की बिक्री को चीन से डील के लिए ‘सौदेबाजी का जरिया’ बताया था। अब जिनपिंग फिर ताइवान का मुद्दा ट्रम्प के सामने उठा सकते हैं। ऐसे में ताइवान को डर है कि ट्रम्प चीन से कोई बड़ी डील निकालने के चक्कर में कहीं उसके मुद्दे पर पीछे न हट जाएं। अमेरिका के किसी नरम बयान से भी बीजिंग को ताइवान पर दबाव बढ़ाने का हौसला मिल सकता है। चीन के लिए ताइवान सबसे बड़ा मुद्दा चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है। चीन ने साफ कहा है कि ताइवान उसके लिए बेहद अहम मुद्दा है। चीन ने कभी यह भी नहीं कहा कि वह ताइवान को अपने साथ मिलाने के लिए ताकत का इस्तेमाल नहीं करेगा। ट्रम्प और शी की मुलाकात से पहले ताइवान भी अमेरिका के सामने अपनी चिंता रख चुका है। ताइवान के सीनियर अधिकारी शेन यू-चुंग ने सोमवार को कहा कि वे चाहते हैं कि ऐसी कोई स्थिति न बने जिससे ताइवान को नुकसान हो। वहीं, ताइवान के विदेश मंत्री लिन चिया-लुंग ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका कई बार साफ कर चुका है कि ताइवान को लेकर उसकी नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है। हालांकि, अमेरिका के एक थिंक टैंक की अधिकारी एमा चैनलेट-एवरी के मुताबिक अमेरिका के करीबी देशों में इस बात को लेकर काफी चिंता है कि ट्रम्प चीन के साथ रिश्तों को किस दिशा में ले जाएंगे। ट्रम्प बोले- चीन ने ताइवान पर हमला न करने का भरोसा दिया ट्रम्प पहले कह चुके हैं कि शी जिनपिंग ने उन्हें भरोसा दिया है कि जब तक ट्रम्प राष्ट्रपति हैं, चीन ताइवान पर हमला नहीं करेगा। वहीं, ट्रम्प से पहले राष्ट्रपति रहे जो बाइडेन ने भी कहा था कि अगर चीन ताइवान पर हमला करता है तो अमेरिका उसकी रक्षा करेगा। हालांकि, ट्रम्प ने अब तक ऐसा साफ तौर पर नहीं कहा है कि चीन के ताइवान पर हमला करने पर अमेरिका उसकी मदद करेगा। वहीं, बीजिंग में हुए एक रक्षा कार्यक्रम में अमेरिका में चीन के पूर्व राजदूत कुई तियानकाई ने मंगलवार को कहा कि ताइवान का चीन के साथ मिलना इलाके में शांति ला सकता है और यह अमेरिका के लिए भी अच्छा होगा। खबर लगातार अपडेट हो रही है…



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