अयोध्या राम मंदिर में आए चढ़ावे में 7 करोड़ रुपए की चोरी के दावे पर सियासत जारी है। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने गुरुवार को एटा में कहा- ‘राम मंदिर में शिला पूजन के समय से ही चोरी हो रही है। कितने आरोप लग चुके हैं। जब मंदिर बनने लगा तो प्लॉट बिकने लगे। दो-दो मिनट में प्लॉट करोड़ के हो जाते थे। वहां पहले से ही चंपत राय बैठे हैं। चंपत का मतलब ही होता है लेकर भाग जाना।’ चंपत राय मंदिर ट्रस्ट के महामंत्री हैं। इधर, खुद को मंदिर का पूर्व लेखा प्रभारी बताने वाले महिपाल सिंह ने दैनिक भास्कर से कहा- मंदिर में चोरी कोई नई बात नहीं थी, यह रोजाना होती थी। मैंने खुद चोरी पकड़ी थी। इसकी शिकायत चंपत राय और गोपाल जी से की थी। अगले ही दिन चंपत राय ने मुझे हटा दिया। मंदिर में लगे CCTV कैमरों की 8 महीने पुरानी फुटेज डिलीट करवा दी गई। चंपत राय मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं में मनमर्जी चलाते हैं। अगर कोई विरोध करता है, तो उसे हटा दिया जाता है। इस बीच राम मंदिर आंदोलन से जुड़े भाजपा नेता और बजरंग दल के संस्थापक विनय कटियार लखनऊ से अयोध्या पहुंचे हैं। उन्होंने कहा- जिस तरह के आरोप सामने आ रहे, उनकी सच्चाई सामने आनी चाहिए। इसलिए जांच जरूरी है। जब मामला करोड़ों लोगों की श्रद्धा और विश्वास से जुड़ा हो, तब पारदर्शिता सबसे महत्वपूर्ण होती है। जांच होगी तो वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। मैं इसकी जानकारी लेने आया हूं। सपा प्रमुख और पूर्व मंत्री ने चोरी का मुद्दा उठाया था सपा सरकार में मंत्री रह चुके पवन पांडेय ने रविवार, 7 जून को दावा किया था कि राम मंदिर से 5 से साढ़े 7 करोड़ रुपए तक की चोरी की गई है। अखिलेश ने भी कहा था कि मामले पर सरकार की चुप्पी संदिग्ध है। कोर्ट को मामले का संज्ञान लेना चाहिए। इस पर ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय ने सफाई देते हुए कहा था- अभी तक ऐसी कोई भी बात सामने नहीं आई है। विवाद बढ़ा तो भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने 9 जून को प्रधानमंत्री को लेटर लिखकर CBI जांच की मांग की। अगले दिन यानी 10 जून को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने मंदिर ट्रस्ट से मामले की रिपोर्ट मांग ली। राम मंदिर भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने भी बुधवार को ट्रस्ट के सदस्यों के साथ बैठक की। इसमें चढ़ावे की राशि, उसके उपयोग और लेखा-जोखा जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। महिपाल सिंह बोले- चढ़ावा कहां जमा होता है, सिर्फ चंपत राय को पता शंकराचार्य बोले- चार लोगों की गिरफ्तारी की बातें आ रही हैं शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि जिन लोगों ने अखिलेश यादव पर ‘टोंटी चोर’ होने का आरोप लगाया था, उन्हें अब राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े तथ्यों पर जवाब देना चाहिए। पहले चंपत राय ने सफाई दी थी कि कोई गड़बड़ी नहीं है, लेकिन अब पैसा बरामद होने और चार लोगों की गिरफ्तारी की खबरें आ रही हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि अयोध्या के साधु-संत भी नियमित चोरी की बात कह रहे हैं। महंत बोले- ट्रस्ट पर सवाल उठाने वाले दूध के धुले नहीं भाजपा नेता ने लेटर लिखकर कहा था- CBI, ED से जांच कराई जाए अयोध्या के भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने लेटर लिखा था- राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में चढ़ावे, दान और मंदिर प्रशासन से जुड़े किसी भी विवाद या आरोप पर पारदर्शिता आवश्यक है। अगर आरोप निराधार हैं, तो जांच के माध्यम से सच्चाई सामने लाई जाए। चोरी के दावे पर नेताओं ने क्या कहा, जानिए… कौन हैं चंपत राय? महिपाल ने जिस टिन्नू का जिक्र किया, उनके बारे में जानिए राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती की व्यवस्था जानिए… राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती बैंक कर्मचारी ट्रस्ट के लोगों की मौजूदगी में करते हैं। यह काम सीसीटीवी की निगरानी में होता है। दान की रकम को रजिस्टर पर चढ़ाया जाता है। फिर उसे राम मंदिर परिसर में ही बने लॉकर में रख दिया जाता है। अगले दिन रुपए बैंक में जमा कर दिए जाते हैं। ट्रस्ट का मुख्य खाता अयोध्या धाम के भारतीय स्टेट बैंक में है। चढ़ावे की रकम के ऑडिट का पूरा काम टीसीएस (टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज) की निगरानी में किया जाता है। राम मंदिर में चढ़ावा कितना आता है। इसकी जानकारी ट्रस्ट की बैठक में ही दी जाती है। आखिरी बार दिसंबर 2025 में चढ़ावे की जानकारी दी गई थी। मंदिर पर 2,475 करोड़ रुपए खर्च 13 दिसंबर, 2025 को मंदिर ट्रस्ट की बैठक में जानकारी सामने आई थी कि अब तक ट्रस्ट को कुल 4,575 करोड़ रुपए मिले हैं। पिछले 5 साल 9 महीने में मंदिर निर्माण, श्रीराम जन्मभूमि परिसर के विस्तार, जमीन और भवन की खरीद सहित अन्य कई कामों पर 2,475 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। तब ट्रस्ट के पास लगभग 2100 करोड़ रुपए बचे थे। राम मंदिर में रोजाना एक करोड़ रुपए से ज्यादा का दान राम मंदिर में भगवान रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा 22 जनवरी, 2024 को हुई थी। बीते दो सालों में राम मंदिर की तस्वीर तेजी से बदली है। मंदिर की आय का मुख्य स्रोत दान और बैंक डिपॉजिट पर मिलने वाला ब्याज है। ग्लोबल वेल्थ इंडेक्स-2026 की एक रिपोर्ट के अनुसार, मंदिर की अचल संपत्तियों में लगभग 70 एकड़ का मुख्य परिसर और उसके आसपास की अधिग्रहित भूमि है। साथ ही निर्माणाधीन मंदिर की भव्य संरचना (जिसकी निर्माण लागत ही ₹1,800 करोड़ से अधिक है), इसकी कुल संपत्ति को ₹6,000 करोड़ से ₹8,000 करोड़ के पार ले जाती है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट 5 फरवरी 2020 को बना था —————- ये खबर भी पढ़ेंः- नौकरी जॉइन करने से 2 दिन पहले पति की हत्या:5 साल का अफेयर, 4 महीने पहले शादी; पत्नी बोली- भाई मुझे भी मारना चाहता था ‘शादी के बाद हम दोनों काफी खुश थे, लेकिन घर वाले नाराज थे। भाई और मामा हमें जान से मारने की धमकी दे रहे थे। इसलिए हमने घर छोड़ दिया। मुजफ्फरनगर में एक रिश्तेदार के घर रहने लगे। पति कहते थे- सब सही हो जाएगा। उसकी SSF में नौकरी लग गई थी। आज (11 जून) ज्वाइनिंग थी, लेकिन उन लोगों ने पहले ही उसकी जिंदगी छीन ली।’ ये बातें पुलिस भर्ती परीक्षा देने सहारनपुर आई आकांक्षा ने रोते हुए कहीं। जिनके पति शिवकुमार की मंगलवार को परीक्षा केंद्र से 500 मीटर दूर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आकांक्षा ने अपने भाई, पिता, मामा और रिश्तेदारों पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है। पढ़ें पूरी खबर…
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शंकराचार्य बोले- राम मंदिर में शुरू से चोरी हो रही:पूर्व कर्मचारी का दावा- CCTV फुटेज डिलीट करवाए; अयोध्या पहुंचे विनय कटियार बोले- जांच हो | ACTPnews

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