अब देश में बनेंगे 405 डिफेंस आइटम:इनमें कोस्ट गार्ड के 16 आइटम, 3070 करोड़ का कारोबार होगा; रक्षा मंत्रालय ने लिस्ट जारी की | ACTPnews

अब देश में बनेंगे 405 डिफेंस आइटम:इनमें कोस्ट गार्ड के 16 आइटम, 3070 करोड़ का कारोबार होगा; रक्षा मंत्रालय ने लिस्ट जारी की

रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को 405 स्ट्रैटेजिक आइटम्स की छठी लिस्ट जारी की, जिनका प्रोडक्शन देश में ही होगा। इनमें अलग-अलग मशीनों के हिस्से, स्पेयर पार्ट्स, कंपोनेंट, सब-सिस्टम और कच्चा माल शामिल है। अगर ये सामान देश की कंपनियां ही बनाती हैं तो कुल 3,070 करोड़ रुपए का कारोबार हो सकता है। इस पूरी कवायद का मकसद रक्षा उपकरणों का आयात घटाना और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है। लिस्ट में कोस्ट गार्ड की 16 और रक्षा क्षेत्र की सरकारी कंपनियों (DPSU) के 389 आइटम शामिल हैं। इनमें सूची में युद्धपोत, Konkurs-M, Invar और MRSAM जैसे मिसाइल सिस्टम भी हैं। एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर, लाइट यूटिलिटी हेलिकॉप्टर, सुखोई-30MKI, लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट और AL-31FP इंजन जैसे एयर प्लेटफॉर्म शामिल हैं। आर्मर्ड प्लेटफॉर्म में T-72, T-90 और BMP-II शामिल हैं। डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स में रडार, सोनार, फायर कंट्रोल और सैटेलाइट कम्युनिकेशन सिस्टम शामिल हैं। हाई एक्सप्लोसिव एंटी-टैंक गोला-बारूद और दूसरे जरूरी उपकरण भी लिस्ट का हिस्सा हैं। स्वदेशीकरण के बाद भारतीय उद्योगों से खरीदे जाएंगे सामान रक्षा मंत्रालय के तहत जारी लिस्ट में हर आइटम के स्वदेशीकरण के लिए एक संकेतात्मक समयसीमा दी गई है। किसी वस्तु का देश में सफल विकास होने के बाद उसे भारतीय उद्योग से खरीदा जाएगा। DPSUs और ICG स्वदेशीकरण के लिए अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल करेंगे। इनमें उनकी मेक प्रक्रिया और इन-हाउस डेवलपमेंट शामिल हैं। इस काम में उद्योग, खासकर MSME की भागीदारी होगी। मंत्रालय ने कहा कि इससे आयात पर निर्भरता घटाने में भी मदद मिलेगी। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक इससे भारतीय उद्योग के लिए अवसर बढ़ने घरेलू प्रोडक्शन सिस्टम मजबूत होने, इन्वेस्टमेंट और इनीशिएटिव को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। 2020 में शुरू हुआ था SRIJAN पोर्टल अगस्त 2020 में SRIJAN डिफेंस पोर्टल शुरू किया था। यह ऐसा प्लेटफॉर्म है, जहां DPSUs और सर्विस हेडक्वार्टर (SHQs) रक्षा वस्तुओं को देश में विकसित और बनाने के लिए उद्योग, MSMEs और स्टार्ट-अप्स के सामने रखते हैं। मंत्रालय के मुताबिक, पोर्टल शुरू होने के बाद से जून 2026 तक DPSUs और SHQs ने स्वदेशीकरण के लिए 33,000 से ज्यादा रक्षा वस्तुएं उद्योग के सामने रखी हैं। इनमें पहली पांच सकारात्मक स्वदेशीकरण सूचियों के तहत अधिसूचित 5,012 वस्तुएं भी शामिल हैं। पिछले पांच साल में 15,700 से ज्यादा रक्षा वस्तुओं का सफल स्वदेशीकरण किया गया है। इससे करीब 9,000 करोड़ रुपए के आयात की जगह घरेलू उत्पादन होने का अनुमान है। मंत्रालय ने बताया कि DPSUs ने मार्च 2026 तक घरेलू विक्रेताओं को करीब 10,000 करोड़ रुपए के खरीद ऑर्डर दिए हैं। इसमें इन-हाउस उत्पादन से जुड़े ऑर्डर भी शामिल हैं।



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