आकाशदीप का साला बोला- जीजा हमारे DSP हैं:10 लाख के पंडाल में तिलक, दिल्ली से पहुंचे मेकअप आर्टिस्ट; कल मेहंदी, 24 जून को होगी शादी | ACTPnews

आकाशदीप का साला बोला- जीजा हमारे DSP हैं:10 लाख के पंडाल में तिलक, दिल्ली से पहुंचे मेकअप आर्टिस्ट; कल मेहंदी, 24 जून को होगी शादी

भारतीय टीम के क्रिकेटर आकाश दीप के विवाह समारोह की रस्में शुरू हो चुकी हैं। रविवार को आकाश दीप का तिलक समारोह आयोजित हुआ। इस मौके पर करीब 10 लाख रुपए का पंडाल तैयार किया गया था। इसमें 20 हजार से अधिक लोग शामिल हुए। तिलक सामारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, जिसमें भोजपुरी सिंगर गुंजन सिंह और काजल राघवानी भी शामिल हुईं। कार्यक्रम में आकाशदीप डांस करते नजर आए। आकाश दीप के घर को बॉलीवुड थीम पर सजाया गया है। दूल्हा-दुल्हन के मेकअप के लिए दिल्ली से मेकअप आर्टिस्ट बुलाए गए हैं। शादी समारोह में क्रिकेट जगत की कई हस्तियों के शामिल हो सकते हैं। मंगलवार (23 जून) को मेहंदी की रस्म होगी। 24 जून को वे वाराणसी में डेहरी-ऑन-सोन निवासी अक्षिता राज के साथ सात फेरे लेंगे। हाल ही में बिहार सरकार ने आकाश दीप को DSP पद पर नियुक्त किया है। इससे परिवार की खुशी और बढ़ गई है। आकाश दीप के होने वाले साले ने कहा, “मेरे जीजा भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी हैं और अब DSP भी बन गए हैं। इससे पूरे परिवार का सम्मान बढ़ा है और घर में खुशी का माहौल है।” आकाशदीप के तिलक समारोह की कुछ तस्वीरें देखिए… आकाशदीप की कौन है दुल्हनिया आकाश दीप की होने वाली दुल्हन अक्षिता राज मानिकपुर की रहने वाली हैं। वह इंद्रपुरी थाना क्षेत्र के मानिकपुर निवासी अमित कुमार सिंह (बबलू जी) और रेणु सिंह की बेटी हैं। अक्षिता ने बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मेसरा से BCA और MCA की पढ़ाई की है। शिक्षा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन को देखते हुए संस्थान की ओर से उन्हें नौकरी का प्रस्ताव भी मिला था। हालांकि, इसी दौरान शादी की बातचीत आगे बढ़ने के कारण उन्होंने वह नौकरी जॉइन नहीं की। दोनों परिवारों की सहमति से यह रिश्ता तय हुआ है। बताया जा रहा है कि आकाश दीप और अक्षिता राज का विवाह पूरी तरह पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार परिवार के बड़े-बुजुर्गों की मौजूदगी में तय किया गया है। 10 लाख के पंडाल, सतरंगी रौशनी से नहाया आकाशदीप का घर शादी की रस्मों को लेकर गांव में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। रोहतास के एक टेंट व्यवसायी की ओर से भव्य पंडाल तैयार कराया गया है। आयोजन स्थल पर चार अलग-अलग पंडाल बनाए गए हैं। इनकी अनुमानित लागत करीब 10 लाख रुपए बताई जा रही है। समारोह में आने वाले मेहमानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए वीआईपी (VIP) मेहमानों के लिए अलग पंडाल बनाया गया है। वहीं, स्थानीय लोगों और ग्रामीणों के लिए भी अलग व्यवस्था की गई है। सभी पंडालों में कूलर, सोफा, टेबल और कुर्सियों की व्यवस्था की गई है, ताकि गर्मी के मौसम में मेहमानों को किसी तरह की असुविधा न हो। आकाशदीप के घर की कुछ तस्वीरें देखिए… सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए बनाया गया विशेष मंच तिलक समारोह को यादगार बनाने के लिए आयोजन स्थल पर कलाकारों के लिए विशेष मंच तैयार किया गया था। इस मंच पर देर रात तक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुए, जिसका मेहमान और ग्रामीण आनंद उठाया। परिवार की ओर से समारोह को खास बनाने के लिए हर छोटी-बड़ी व्यवस्था का ध्यान रखा गया था। आकाशदीप के होने वाले साले ने अपनी खुशी व्यक्त की। उन्होंने बताया कि पहली मुलाकात के दौरान भी गर्व महसूस हुआ था, लेकिन तिलक चढ़ाने के समय खुशी का अनुभव कुछ अलग ही था। उनके अनुसार, भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी और अब डीएसपी बने आकाशदीप से पूरे परिवार का सम्मान बढ़ा है। आकाशदीप के बचपन के मित्र धर्मेंद्र ने उनके खेल के प्रति समर्पण और कड़ी मेहनत की सराहना की। उन्होंने कहा कि एक समय था जब गांव के बच्चे दूसरे राज्यों के खिलाड़ियों से प्रेरणा लेते थे, लेकिन आज उनके अपने गांव का बेटा भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व कर रहा है। धर्मेंद्र ने आकाशदीप की सफलता को पूरे गांव के लिए गर्व का क्षण बताया। बहनों ने कहा- बचपन से पढ़ाई और खेल में रहे आगे आकाशदीप की बहन ब्यूटी और खुशी ने बताया, हमलोगों में सबसे ज्यादा तेज आकाशदीप ही रहा है। वो बचपन से ही पढ़ाई और खेल दोनों में बेहतर करता था। आज पूरा परिवार उस पर गर्व करता है। भारतीय क्रिकेट टीम तक पहुंच बनाना और फिर डीएसपी पद पर नियुक्ति मिलना परिवार, गांव, जिला और पूरे बिहार के लिए गौरव की बात है। आकाशदीप के छोटे भाई प्रिंस, उनके करीबी मित्र वैभव और सतीश शादी की तैयारियों में जुटे हुए हैं। परिवार के अन्य सदस्य भी अपनी-अपनी जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं। नियुक्ति के बाद क्या सुविधाएं मिलेंगी DSP पद पर नियुक्ति मिलने के बाद दोनों खिलाड़ियों को राज्य सरकार के निर्धारित वेतनमान का लाभ मिलेगा। उन्हें वेतन स्तर-9 के तहत वेतन, ग्रेड पे तथा अन्य सरकारी भत्ते उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके साथ ही सरकारी सेवा से जुड़े अन्य लाभ भी मिलेंगे। सरकार ने नियुक्ति के साथ कुछ शर्तें भी तय की हैं। चरित्र सत्यापन और अन्य आवश्यक जांच पूरी होने तक नियुक्ति प्रारंभिक तौर पर छह महीने के लिए अस्थायी रहेगी। सभी रिपोर्ट संतोषजनक मिलने के बाद ही सेवा को नियमित किया जाएगा। खिलाड़ियों को निभानी होगी यह अहम शर्त खेल कोटे के तहत नौकरी पाने वाले खिलाड़ियों को एक बांड भरना होगा। इसके अनुसार नियुक्ति के बाद अगले पांच वर्षों तक उन्हें सक्रिय खिलाड़ी के रूप में विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेना होगा। यदि वे निर्धारित अवधि तक खेल गतिविधियों से जुड़े नहीं रहते हैं तो उनकी सेवा स्थायी नहीं की जाएगी। दस्तावेजों की होगी कड़ी जांच बिहार राज्य खेल प्राधिकरण द्वारा दोनों खिलाड़ियों के खेल प्रमाणपत्रों का सत्यापन किया जा चुका है। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि भविष्य में शैक्षणिक, आवासीय या खेल उपलब्धियों से संबंधित कोई भी दस्तावेज गलत या फर्जी पाया जाता है तो नियुक्ति तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी जाएगी। साथ ही संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई भी की जाएगी। स्थायी निवासी होने की भी होगी पुष्टि नियमों के अनुसार खेल कोटे से सरकारी नौकरी पाने के लिए बिहार का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है। इसी वजह से दोनों खिलाड़ियों के आवासीय प्रमाणपत्रों की भी विस्तृत जांच की जाएगी। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही अंतिम नियुक्ति आदेश जारी किया जाएगा।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports