करनाल के युवक की अमेरिका में मौत:ट्रक खाई में गिरा, परिवार का इकलौता बेटा, पिता ने जमीन बेचकर भेजा था विदेश | ACTPnews

करनाल के युवक की अमेरिका में मौत:ट्रक खाई में गिरा, परिवार का इकलौता बेटा, पिता ने जमीन बेचकर भेजा था विदेश

अमेरिका के कैलिफोर्निया में करनाल के एक युवक की रोड एक्सीडेंट में मौत हो गई। युवक ट्रक ड्राइवर था। हादसे के दौरान उसका ट्रक अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरा। घटना की सूचना जैसे ही परिवार तक पहुंची, घर में मातम छा गया। परिजन अब शव को भारत लाने के लिए सरकार से मदद मांग रहे हैं और इसके लिए फंड भी जुटाया जा रहा है। गांव बालरागड़ान निवासी गौरव कुमार अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए करीब 2 साल पहले अमेरिका गया था। उसे विदेश भेजने के लिए उसके पिता रामफल ने जमीन तक बेच दी और कर्ज भी लिया। परिवार ने करीब 50 लाख रुपए खर्च किए। गौरव डंकी रूट से कई महीनों में अमेरिका पहुंचा था। काम बदलने के बाद दोबारा ट्रक चलाना शुरू किया अमेरिका पहुंचने के बाद गौरव ने शुरुआत में करीब छह महीने तक ट्रक चलाया। बाद में वह एक स्टोर पर काम करने लगा, लेकिन वहां इनकम कम होने के कारण उसने फिर से ट्रक चलाने का फैसला लिया। परिवार को उम्मीद थी कि इससे घर की आर्थिक हालत सुधरेगी। 26 मई को आखिरी बार घर किया था कॉल जानकारी के अनुसार, 26 मई को गौरव ट्रक लेकर निकला था। रास्ते में एक रेस्टोरेंट पर चाय पीने के लिए रुका और उसने घर फोन कर बताया कि वह ट्रक चला रहा है और कुछ देर बाद फिर बात करेगा। यह कॉल उसकी जिंदगी की आखिरी कॉल साबित हुई। ट्रक का बैलेंस बिगड़ा, खाई में गिरने से मौत रेस्टोरेंट से निकलने के बाद वह कुछ ही दूरी चला था कि अचानक ट्रक का संतुलन बिगड़ गया और ट्रक खाई में जा गिरा। इस हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई। 27 मई को दोपहर करीब ढाई बजे परिवार को फोन आया, जिसमें पुलिस ने हादसे और मौत की जानकारी दी। इकलौता बेटा था, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ गौरव कुमार अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी एक बहन है, जिसकी शादी हो चुकी है। पिता रामफल ने बताया कि गौरव हर सुबह करीब 8 बजे घर फोन करता था और परिवार के सभी सदस्यों से बात करता था, लेकिन 26 मई की कॉल आखिरी साबित हुई। शव को भारत लाने के लिए फंड जुटा रहा परिवार गौरव का पार्थिव शरीर अभी अमेरिका में ही है। परिवार उसे भारत लाकर अंतिम संस्कार करना चाहता है, ताकि उसे अपने गांव की मिट्टी नसीब हो सके। इसके लिए ऑनलाइन फंड जुटाया जा रहा है और सरकार से भी आर्थिक मदद की गुहार लगाई गई है।



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