यूरोप इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है। इसका असर अब केवल लोगों के स्वास्थ्य तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचे पर भी साफ दिखने लगा है। पश्चिमी यूरोप का रेल नेटवर्क अस्त-व्यस्त हो गया है। फ्रांस में कई परमाणु रिएक्टर बंद कर दिए गए हैं या उनकी क्षमता घटा दी गई है, क्योंकि वे नदियों में अत्यधिक गर्म पानी छोड़ रहे हैं। फ्रांस के एक ऑटोमोबाइल प्लांट में यूनियन नेताओं ने फैक्ट्री फ्लोर पर असहनीय गर्मी का हवाला देते हुए हड़ताल का ऐलान किया है। फ्रांस और इटली में बिजली घरों के बंद होने से सैकड़ों इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि गर्मी का यह दौर जारी रहा तो कई यूरोपीय देशों की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है और मृत्यु दर भी बढ़ सकती है। शहरों में स्थिति और गंभीर है। मोटी दीवारों वाली पुरानी इमारतें दिनभर की गर्मी सोखकर रात तक छोड़ती रहती हैं, जिससे अपार्टमेंट भट्ठी जैसे बन गए हैं। गर्मी से परेशान लोग आधी रात के बाद पार्कों का रुख कर रहे हैं। एयर कंडीशनर खरीदने की होड़ मची है। कई लोग राहत के लिए होटलों में तक ठहर रहे हैं। पेरिस में राजनीतिक पर्यावरण के विशेषज्ञ फ्रांस्वा जेमेने कहते हैं, “हर कोई यही पूछ रहा है कि हम इस स्थिति के लिए तैयार क्यों नहीं थे। ”एक सप्ताह से अधिक समय से जारी इस हीटवेव ने ब्रिटेन, फ्रांस और स्पेन में तापमान के कई रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। दुनिया के सबसे तेजी से गर्म हो रहे महाद्वीप की अधिकांश इमारतें और बुनियादी ढांचा ठंडे मौसम को ध्यान में रखकर बनाए गए थे। पुराने भवनों में गर्मी सोखने वाली निर्माण सामग्री का इस्तेमाल हुआ है। उनमें बाहरी शटर जैसी व्यवस्थाएं भी कम हैं, जिससे गर्मी इमारतों के भीतर ही कैद होकर मुश्किलें और बढ़ा रही है। यूरोप का इंफ्रास्ट्रक्चर सर्दी से बचाव के लिए बना है, बढ़ती गर्मी के लिए यह तैयार नहीं फ्रांस के स्वास्थ्य मंत्री स्टीफेनी रिस्ट के अनुसार कार्डिएक अरेस्ट के मामलो में चार गुना बढ़ोतरी हुई है। पहले 5 से 10 मामले आते थे, अब 20 से 30 आ रहे हैं। 2023 की एक स्टडी बताती है कि गर्मी से मौत का खतरा फ्रांस, स्पेन और इटली में ज्यादा है। इन देशों को ज्यादा नुकसान जर्मन इंश्योरेंस कंपनी अलायंज की रिपोर्ट में इटली, फ्रांस,जर्मनी व स्पेन को गर्मी की वजह से सर्वाधिक आर्थिक नुकसान की बात कही गई है। चार न्यूक्लियर रिएक्टर बंद गर्मी की वजह से तापमान इतना बढ़ गया कि फ्रांस में चार परमाणु बिजली घरों के रिएक्टर तक बंद करने पड़े हैं। जर्मनी, ब्रिटेन में कई ट्रेनें रद्द गर्मी बढ़ने से जर्मनी, स्विटजरलैंड और ब्रिटेन में ट्रेनें रद्द करना पड़ी हैं। कुछ अन्य देशों में ट्रेन के ऑनबोर्ड सिस्टम गर्मी नहीं झेल पा रहे हैं। गर्मी से बचने की योजनाएं फ्रांस ने 52 उपायों के साथ पिछले साल 388 पेज की योजना जारी की है। लंदन में इस सप्ताह गर्मी से बचाने का प्लान पेश किया गया है।
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गर्मी से मौतें बढ़ने का अधिक खतरा यूरोपीय देशों में:फ्रांस में कार्डिएक अरेस्ट के मामले चार गुना बढ़े; कई देशों में ट्रेन, न्यूक्लियर प्लांट बंद | ACTPnews

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