मशहूर प्लेबैक सिंगर एस. जानकी का रविवार शाम राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया है। मैसूर के एक निजी अस्पताल में शनिवार शाम जानकी का निधन हो गया था। वह 88 साल की थीं। जानकी का अंतिम संस्कार मैसूर के एचडी कोटे तालुका स्थित उनके पैतृक फार्महाउस पर तेलुगु ब्राह्मण रीति-रिवाज से किया गया। शाम 5:48 बजे उनकी पोती अप्सरा ने चिता को मुखाग्नि दी। एस. जानकी को शुक्रवार रात सांस लेने में तकलीफ हुई थी। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। देखें अंतिम संस्कार की 4 तस्वीरें अंतिम दर्शन के लिए लोग पहुंचे, देखें 4 तस्वीरें सिंगर ने 48 हजार से ज्यादा गाने गाए थे एस. जानकी ने अपने करियर में 48 हजार से ज्यादा गाने रिकॉर्ड किए। इनमें ज्यादातर हिंदी, कन्नड़, तमिल, तेलुगु और मलयालम भाषाओं में हैं। एस. जानकी को ‘बोल बेबी बोल (मेरी जंग), प्रभु मोरे अवगुण (सुर संगम), ओ मारिया (सागर), गोपाला-गोपाला (हमसे है मुकाबला) जैसे हिंदी गानों के लिए जाना जाता है। एस. जानकी को चार नेशनल फिल्म अवॉर्ड और कई राज्य-स्तरीय सम्मानों से नवाजा गया है। पीएम मोदी ने एस. जानकी को श्रद्धांजलि दी एस. जानकी के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दुख जताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि एस. जानकी की आवाज ने हर भावना को खूबसूरती से लोगों तक पहुंचाया। राष्ट्रपति मुर्मू ने उन्हें भारतीय संगीत जगत की अमूल्य धरोहर बताया। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने भी उनके निधन को संगीत जगत की अपूरणीय क्षति बताया। वहीं, एक्टर रजनीकांत ने भी उनके निधन पर दुख जताया। पद्मभूषण ठुकरा दिया था जानकी ने 1957 में अपने सिंगिंग करियर की शुरुआत की थी। उनका पहला हिंदी गाना साल 1958 में आई फिल्म ‘मिस 58’ में था, जिसका संगीत जी. रामनाथन ने तैयार किया था। 2013 में भारत सरकार ने उन्हें पद्म भूषण देने की घोषणा की, लेकिन उन्होंने यह सम्मान स्वीकार नहीं किया। उनका कहना था कि दक्षिण भारतीय कलाकारों को अक्सर राष्ट्रीय स्तर पर देर से पहचान मिलती है और उन्हें यह सम्मान बहुत देर से दिया गया। उन्होंने यह भी कहा था कि दक्षिण भारतीय कलाकारों को उनका उचित हक नहीं मिलता है। संगीत जगत की जानकी अम्मा, 60 साल गाने गाए एस. जानकी को संगीत की दुनिया में जानकी अम्मा के नाम से जाना जाता था। वे हमेशा कहती थीं कि सिंगिंग ईश्वर का दिया हुआ उपहार है। वे अपनी सफलता का श्रेय संगीतकारों और गीतकारों को भी देती थीं। उनकी और एसपी बालसुब्रह्मण्यम की जोड़ी भारतीय फिल्म संगीत की सबसे सफल जोड़ियों में मानी जाती है। दोनों ने साथ मिलकर हजारों डुएट गाए। करीब छह दशक तक एक्टिव रहने के बाद उन्होंने 2017 में स्वयं घोषणा की कि अब वे नई रिकॉर्डिंग नहीं करेंगी। उनका कहना था, ‘मैं बहुत गा चुकी हूं, अब आराम करना चाहती हूं।’ उन्होंने मैसूर में एक कार्यक्रम के साथ अपने गायन करियर को विराम दिया। जनवरी में बेटे का निधन हुआ था एस जानकी की शादी साल 1959 में वी. रामप्रसाद से हुई थी। साल 1997 में हार्ट अटैक के कारण उनका निधन हो गया। वहीं, उनके इकलौते बेटे मुरली कृष्ण अपना ऑडियो बिजनेस चलाते थे। जनवरी 2026 में 65 साल की उम्र में मुरली का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। ………….. यह खबर भी पढ़ें… फिल्ममेकर भारतीराजा का 84 साल की उम्र में निधन: राजेश खन्ना की फिल्म समेत 40 से ज्यादा फिल्में बनाई थीं; 6 नेशनल अवार्ड मिले फिल्ममेकर भारतीराजा का लंबी बीमारी और उम्र संबंधी दिक्कतों के कारण 10 जून, 2026 को 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। भारतीराजा को छह राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, चार साउथ फिल्मफेयर पुरस्कार, छह तमिलनाडु राज्य फिल्म पुरस्कार और एक नंदी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। पूरी खबर यहां पढ़ें…
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गायिका एस जानकी का अंतिम संस्कार हुआ:पोती ने चिता को मुखाग्नि दी; 'बोल बेबी बोल', 'यार बिना चैन' समेत 48 हजार गाने गाए थे | ACTPnews

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