रांची के RSS कार्यालय में बम फेंकने का मामला:आरोपियों की दिल्ली भागने की थी कोशिश‎, आतंकी संगठन से जुड़े होने की हुई पुष्टि | ACTPnews

रांची के RSS कार्यालय में बम फेंकने का मामला:आरोपियों की दिल्ली भागने की थी कोशिश‎, आतंकी संगठन से जुड़े होने की हुई पुष्टि

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमला करने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें सैफ अंसारी, अमन अंसारी और सायम सुजान शामिल हैं। भागने के दौरान गुरुवार को सैफ अंसारी का हाफ एनकाउंटर हुआ था। एनआईए अधिकारियों की पूछताछ में सैफ और अमन के आतंकी संगठन आईएसआई व टीटीएच (तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान) से जुड़े होने की पुष्टि हुई है। उनके मोबाइल से आतंकी संगठन से जुड़े होने के साक्ष्य मिले हैं। यह भी जानकारी मिली है कि दोनों ने संगठन के इशारे पर रांची समेत पूरे झारखंड में दहशत फैलाने के उद्देश्य से आरएसएस कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंका था। सायम सुजान उनकी मदद कर रहा था। आरोपियों ने पुलिस और एनआईए को कई महत्वपूर्ण जानकारियां भी दी हैं। 50 हजार में तय हुआ था सौदा
जांच एजेंसियों के समक्ष सैफ अंसारी ने बताया कि वह कुछ महीने पहले काम के सिलसिले में दुबई गया था। वहां उसकी मुलाकात टीटीएच के सदस्य राणा हुसैन और शाहबाज आलम उर्फ भट्ठी से हुई। सैफ के मुताबिक, संगठन से जुड़ने के बाद उसे बम बनाने और हमला करने का प्रशिक्षण दिया गया। मंगलवार की देर रात पेट्रोल बम फेंकने के बाद तीनों आरोपी मेन रोड स्थित कर्बला चौक पहुंचे। सैफ‎ अंसारी और अमन अंसारी अपने सहयोगी सायम‎ सुजान के साथ रात भर कर्बला चौक और‎ पथलकुदवा में बेखौफ घूमते रहे। पुलिस की कोई ‎हलचल नहीं देख तीनों इतने बेफिक्र थे कि फुलबगान‎ स्थित घर जाकर आराम से सो गए। बुधवार की सुबह‎ जगने के बाद सैफ को मोबाइल पर चल रहे वीडियो ‎से पुलिस की गतिविधियों की जानकारी मिली। शहर छोड़कर भागने का प्लान बनाया
दोपहर बाद जब दोनों का सीसीटीवी फुटेज सोशल‎ मीडिया में वायरल हुआ और केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा‎ जांच शुरू करने की जानकारी मिली तो बचने के‎लिए शहर छोड़कर भागने का प्लान बनाया। इसके ‎बाद सैफ अंसारी और अमन अंसारी रेलवे स्टेशन‎ पहुंचे। पुलिस की सख्ती देख दिल्ली भागने का प्लान ‎बनाया। दोनों रांची से नई दिल्ली जाने वाली झारखंड‎ स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस में सवार हो गए। लेकिन, इससे‎ पहले ही पुलिस ने दोनों आरोपियों को गझंडी रेलवे‎ स्टेशन (कोडरमा) से गिरफ्तार कर लिया। दोनों की ‎निशानदेही पर तीसरा आरोपी भी पकड़ा गया।‎ थाने की खिड़की से भाग निकला सैफ‎
गिरफ्तार तीनों आरोपियों को चुटिया थाना की हाजत से निकालकर पूछताछ के‎लिए गुरुवार की सुबह कोतवाली थाना लाया गया। जांच एजेंसी द्वारा थोड़ी देर ‎तक पूछताछ किए जाने के बाद सैफ अंसारी ने शौचालय जाने की इच्छा जताई।‎ एसआईआरबी का एक जवान उसे लेकर थाने के शौचालय में गया। सैफ‎ शौचालय के अंदर घुस गया और जवान दरवाजे पर खड़ा रहा। सैफ ने जवान‎ को चकमा देने के लिए शौचालय के नल का पानी खोल दिया और खुद खिड़की‎ तोड़कर बाहर छलांग लगा दी। सैफ वहां से भागकर रातू रोड पहुंच गया। इधर,‎ काफी देर तक जब आरोपी बाहर नहीं निकला तो जवान ने शौचालय का गेट खोला। इसके बाद जवान के होश उड़ गए। थाना के शौचालय से सैफ के भागने की जानकारी सुबह करीब 11.30 बजे कोतवाली थानेदार को ‎मिली। थानेदार ने सभी वरीय अधिकारियों को इसकी जानकारी दी।‎ चान्हो में हुआ हाफ एनकाउंटर‎
पुलिस विभिन्न जगहों पर जांच शुरू की और दोपहर 2.30 बजे मांडर टोल प्लाजा के पास बस पर ‎सवार होकर जा रहा सैफ पकड़ा गया। आरोपी को ‎वहां से पूछताछ के लिए चामा पिकेट ले जाने के दौरान रास्ते में चान्हो स्थित लुकईया ढोडहा के पास ‎पुलिस की गाड़ी खराब हो गई। इस दौरान आरोपी ने चान्हो थानेदार टिंकू रजक का सर्विस रिवाल्वर ‎लूटकर भागने लगा। आरोपी ने एक गोली भी चलाई,‎जिसमें थानेदार बाल-बाल बच गए। पुलिस ने भी‎ गोली चलाई जो आरोपी के पैर में लगी। घायल को ‎रिम्स में भर्ती कराया गया है।‎ एटीएस करेगी इस केस का अनुसंधान‎
पेट्रोल बम कांड में शामिल अपराधियों का तार अंतरराष्ट्रीय‎ गिरोह से जुड़े होने की जानकारी मिलने के बाद रांची‎ एसएसपी ने आगे का अनुसंधान झारखंड एटीएस से कराने‎ का आग्रह किया था। उनके आग्रह पर पुलिस मुख्यालय ने ‎इसकी स्वीकृति दे दी है। स्वीकृति मिलने के बाद इस केस को‎ झारखंड एटीएस को ट्रांसफर कर दिया गया है।‎‎



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