राम-मंदिर में चोरी के मामले में PMO ने मांगी रिपोर्ट:भाजपा नेता ने लिखा था लेटर; अखिलेश बोले- चढ़ावा कांड का सरगना कौन? | ACTPnews

राम-मंदिर में चोरी के मामले में PMO ने मांगी रिपोर्ट:भाजपा नेता ने लिखा था लेटर; अखिलेश बोले- चढ़ावा कांड का सरगना कौन?

अयोध्या के भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने मंगलवार को राम मंदिर में चढ़ावे से कथित चोरी की शिकायत प्रधानमंत्री मोदी से की है। उन्होंने PMO को लेटर लिखकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं सूत्रों की मानें तो पूरे मामले में PMO ने भी रिपोर्ट मांगी है। उधर, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने फिर राम मंदिर में कथित चोरी का मुद्दा उठाया है। उन्होंने X पर इसे ‘चढ़ावा चोरी कांड’ बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और सच्चाई सामने लाने की मांग की। अखिलेश यादव ने पूछा कि आखिर देश की सनातन आस्था से खिलवाड़ करने वालों के पीछे कौन लोग हैं? चढ़ावे में कथित चोरी करने वालों को कौन बचा रहा है? इस पूरे मामले के तार किन लोगों से जुड़े हैं और इसकी जिम्मेदारी किसकी है? अखिलेश बोले- सीसीटीवी जारी करने में क्या दिक्कत है? अखिलेश ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने में क्या दिक्कत है। साथ ही उन्होंने निजी कंपनियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए और पूछा कि चढ़ावे की गिनती जैसे संवेदनशील काम में ट्रस्ट और सरकारी बैंक के बीच निजी कंपनियों को शामिल करने का फैसला किसने लिया। अयोध्या में सपा के पूर्व विधायक व मंत्री रहे पवन पांडेय ने रविवार, 7 जून को दावा किया था कि राम मंदिर में चढ़ावे में से 5-7 करोड़ तक की चोरी की गई है। अगर चोरी नहीं हुई है तो ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय प्रभु श्रीराम की कसम खाकर कहें कि आरोप झूठे हैं। अगर बात सच है तो एफआईआर करवाएं। इससे पहले अखिलेश ने X पर लिखा था कि सरकार की चुप्पी संदिग्ध है। कोर्ट को खुद इस मामले का संज्ञान लेना चाहिए। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने इन आरोपों को निराधार बताया था और कहा था कि पाई-पाई का हिसाब रखा जाता है। अखिलेश ने लिखा- पूरे देश के भाजपाइयों की घिग्घी बंध गई
अखिलेश यादव ने कहा, आखिर ट्रस्टी कहना क्या चाहते हैं किसी को समझ नहीं आ रहा है। हेराफेरी में संलिप्त लोगों को हिरासत में लेने की खबरें अखबारों, टीवी चैनलों पर प्रसारित की जा रही हैं। पहले पुलिस कुछ नहीं कहती, लेकिन बाद में खंडन करती है। जनता के आक्रोश को देखकर पूरे देश के भाजपाइयों की घिग्घी बंध गई है। सबसे पहले अखिलेश ने ही उठाया था मुद्दा… ‘रुपए गायब होना मंदिर ट्रस्ट के लिए शर्मनाक’ अखिलेश ने 7 जून को अपने X पोस्ट में लिखा, पूरी दुनिया में भगवान राम के उपासकों के लिए ये एक बेहद संवेदनशील खबर है। राम मंदिर के चढ़ावे की करोड़ों रुपए की रकम गायब मिली है। अखिलेश ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और सरकार को भी घेरा। लिखा, करोड़ों रुपए गायब होना मंदिर ट्रस्ट के लिए अत्यंत शर्मनाक स्थिति है। कोई भी सफाई देने के लिए सामने नहीं आना चाहता है। सपा अध्यक्ष ने कोर्ट से स्वत: संज्ञान लेने की मांग की। कहा कि इसका सीधा संबंध वैश्विक स्तर पर समस्त सनानती समाज की प्रभु राम में गहरी आस्था से जुड़ा है। सरकार की चुप्पी संदिग्ध है। अखिलेश ने चंपत राय को भी घेरा अखिलेश ने चंपत राय की सफाई पर भी पलटवार किया। अखिलेश ने X पर लिखा, स्पष्टीकरण ही स्पष्ट नहीं है। लगता है ये इनके लिए हर हफ्ते की साधारण बात है, और इतनी अधिक साधारण है कि ये इसे अब ‘उल्लेखनीय’ भी नहीं मानते हैं। चेहरे के भाव और देह की भाषा हताशा और निराशा से भरी है। ट्रस्ट के सभी सदस्यों को एक साथ बैठाकर स्पष्टीकरण दिया जाए और आंकडों के मिलान के लिए सीसीटीवी के साक्ष्य का सहारा लिया जाए। जैसे ही सारे ट्रस्टी एक साथ बैठेंगे तो सच तत्काल बाहर आ जाएगा, क्योंकि उनमें हर कोई एक जैसा नहीं है। इस हेराफेरी की शंका के केंद्र में जब कोई एक व्यक्ति विशेष है ही नहीं तो फिर किसी एक के स्पष्टीकरण का क्या महत्व है। ये भी स्पष्ट किया जाए कि 40 सेकंड का स्पष्टीकरण आने में इतने घंटे क्यों लगे और स्पष्टीकरण के नाम पर 1 मिनट बोलना भी भारी क्यों पड़ रहा है। प्रदेश सरकार की चुप्पी की तरह ये सफ़ाई भी संदिग्ध है। ऐसा लग रहा है जैसे स्पष्टीकरण के नाम पर शाब्दिक औपचारिकता निभाई जा रही है। संपूर्ण विश्व का सनातन समाज, इस बेहद कमजोर स्पष्टीकरण से और भी अधिक शंकित और आहत हुआ है। अयोध्या के भाजपा नेता ने पीएम मोदी को लेटर लिखा अयोध्या के भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने प्रधानमंत्री को लेटर लिखा है। उन्होंने कहा- राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में चढ़ावे, दान और मंदिर प्रशासन से जुड़े किसी भी विवाद या आरोप पर पारदर्शिता आवश्यक है। यदि आरोप निराधार हैं तो जांच के माध्यम से सच्चाई सामने लाई जाए और यदि कहीं अनियमितता हुई है तो दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती की व्यवस्था जानिए… राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती बैंक कर्मचारी ट्रस्ट के लोगों की मौजूदगी में करते हैं। यह काम सीसीटीवी की निगरानी में होता है। दान की रकम को रजिस्टर पर चढ़ाया जाता है। फिर उसे राम मंदिर परिसर में ही बने लॉकर में रख दिया जाता है। अगले दिन रुपए बैंक में जमा कर दिए जाते हैं। ट्रस्ट का मुख्य खाता अयोध्या धाम के भारतीय स्टेट बैंक में है। चढ़ावे की रकम के ऑडिट का पूरा काम टीसीएस (टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज) की निगरानी में किया जाता है। राम मंदिर में चढ़ावा कितना आता है। इसकी जानकारी ट्रस्ट की बैठक में ही दी जाती है। आखिरी बार दिसंबर 2025 में चढ़ावे की जानकारी दी गई थी। नेताओं ने क्या कहा, जानिए… —————- यह खबर भी पढ़िए:- वृंदावन- बांके बिहारी मंदिर के पास मकान का छज्जा गिरा:9 घायल, 4 की हालत गंभीर; पड़ोसी बोला- बंदर के कूदने से टूटा वृंदावन में मंगलवार शाम बांके बिहारी मंदिर के पास गली नंबर-5 में एक मकान का जर्जर छज्जा अचानक गिर गया। हादसे के समय वहां श्रद्धालुओं की भीड़ थी। छज्जा गिरने से 9 लोग घायल हो गए, जिनमें 4 की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसा सुधीर गोस्वामी के मकान में हुआ। पड़ोसी शिवकुमार का कहना है कि छज्जे पर पहले से दरार थी। बंदर के कूदने से गिर गया। पढ़ें पूरी खबर…



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