शिवराजकुमार ने हिंदी को कहा राष्ट्रीय भाषा:विवाद होने पर माफी मांगी, कहा- हिंदी उनकी भाषा, हमारे लिए हमारी भाषा कन्नड़ सबसे जरूरी; जानिए पूरा विवाद | ACTPnews

शिवराजकुमार ने हिंदी को कहा राष्ट्रीय भाषा:विवाद होने पर माफी मांगी, कहा- हिंदी उनकी भाषा, हमारे लिए हमारी भाषा कन्नड़ सबसे जरूरी; जानिए पूरा विवाद

कन्नड़ स्टार शिवराजकुमार ने हिंदी को ‘राष्ट्रीय भाषा’ कहने वाले अपने पुराने बयान पर माफी मांगी है। सोशल मीडिया पर आलोचना के बाद उन्होंने सफाई दी कि वह भारतीय भाषाओं को लेकर उलझ गए थे। शिवराजकुमार ने कहा कि उनका मतलब हिंदी को ‘राष्ट्रीय भाषाओं में से एक’ कहना था, लेकिन उन्होंने गलत शब्द का इस्तेमाल कर दिया। उन्होंने यह बात अपनी आने वाली फिल्म ‘ओरिजिनल मॉन्स्टर’ के प्रमोशन के दौरान कही थी। मीडिया से बातचीत में शिवराजकुमार ने कहा, “मैंने हिंदी को राष्ट्रीय भाषा कहा। यह भाषाओं में से एक है। हमारे लिए हमारी भाषा यानी कन्नड़ हमेशा महत्वपूर्ण है। पता नहीं, मैं भारतीय भाषाओं में से एक को लेकर उलझ गया था। मैं माफी मांगता हूं, मुझे नहीं पता था।” उन्होंने आगे कहा, “उनकी भाषा हिंदी है और हमारी भाषा कन्नड़ है। उनकी भाषा उनके लिए महत्वपूर्ण है। इसी तरह हमारी भाषा हमारे लिए महत्वपूर्ण है।” कैसे शुरू हुआ विवाद? विवाद शिवराजकुमार के उस पुराने बयान के बाद शुरू हुआ, जब उनसे पैन-इंडिया प्रोजेक्ट के लिए हिंदी डायलॉग बोलने को लेकर सवाल पूछा गया था। तब उन्होंने कहा था, “क्यों? हिंदी मेरी दूसरी भाषा है। मैं हिंदी बोल सकता हूं। आपको क्या लगा? यह आसान भाषा है, राष्ट्रीय भाषा है। हमें यह कैसे नहीं पता होगा? हमें पता है।” उनके इस बयान पर इंटरनेट पर मिली-जुली प्रतिक्रिया आई। सोशल मीडिया यूजर्स के एक वर्ग ने हिंदी को ‘राष्ट्रीय भाषा’ कहने पर उनकी आलोचना की। वहीं, कुछ फैन्स ने उनका बचाव भी किया। शिवाराजकुमार का बयान इसलिए भी विवादों में आ गया, क्योंकि लंबे समय से साउथ में भाषा पर विवाद और बहस जारी है। कर्नाटक में बड़ी संख्या में लोग हिंदी और अंग्रेजी के बढ़ते चलन का विरोध कर रहे हैं। वह मानते हैं कि कन्नड़ कर्नाटक की प्राथमिक सार्वजनिक भाषा होनी चाहिए, जबकि हिंदी और अंग्रेजी का बढ़ता इस्तेमाल स्थानीय भाषा के लिए जगह कम कर सकता है। कर्नाटक में ये विवाद तब सबसे बड़ा हुआ, जब लोकल संगठनों ने साइन बोर्ड में कन्नड़ लिखना अनिवार्य कर दिया और हिंदी, अंग्रेजी के साइनबोर्ड तोड़े। संजय दत्त भी मराठी बोलने से इनकार कर विवादों में महाराष्ट्र में मराठी भाषा को लेकर चल रहे विवाद के बीच बॉलीवुड एक्टर संजय दत्त ने मराठी में बोलने से इनकार कर दिया। रविवार को मुंबई में आयोजित दही हांडी कार्यक्रम में उन्होंने कहा, “मैं 6 साल तक येरवडा जेल में रहा, तब भी मराठी भाषा नहीं सीख पाया।” संजय दत्त के बयान पर अब विवाद हो गया है। यह कार्यक्रम ठाणे में शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता और महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने आयोजित किया था। संजय दत्त मंच पर हिंदी में बोल रहे थे। इस पर मंत्री ने उन्हें मराठी में बोलने के लिए कहा, लेकिन 67 साल के एक्टर ने ऐसा करने से मना कर दिया। इस पर भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता ने प्रताप सरनाईक पर निशाना साधते हुए कहा कि ऑटो ड्राइवरों पर तो मराठी बोलने का दबाव बनाया जाता है। बीजेपी विधायक ने शिवसेना मंत्री पर निशाना साधा संजय दत्त के बयान पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक नरेंद्र मेहता ने प्रताप सरनाईक पर सवाल उठाए। नरेंद्र मेहता ने कहा, “अगर कोई कलाकार मराठी नहीं जानता तो उस पर आप हंसते हैं, लेकिन दूसरी तरफ आम रिक्शा चालकों पर मराठी भाषा को लेकर दबाव बनाया जाता है। यह कैसा न्याय है? एकनाथ शिंदे ने उन्हें कभी कुछ करने नहीं दिया। वहां डमी मंत्री की जरूरत है, इसलिए वे हैं।” मराठी न बोलने पर सोशल मीडिया पर हुए ट्रोल संजय दत्त के मराठी बोलने से इनकार के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई। एक यूजर ने लिखा, “सिर्फ संजय दत्त या सलमान खान ही किसी मंत्री को इस तरह मना कर सकते हैं और फिर भी मुस्कुरा सकते हैं।” एक यूजर ने लिखा, “मतलब साफ है, मराठी भाषा का अनिवार्य होना सिर्फ शहर के ऑटो-रिक्शा और टैक्सी वालों के लिए है, बड़े लोगों के लिए नहीं।” एक ने कहा, “विडंबना देखिए, काश शहर के ऑटो वाले भी ऐसा कह पाते और भारी जुर्माने से बच पाते।” कुछ लोग मराठी न बोलने पर संजय दत्त को ट्रोल भी कर रहे हैं। एक ने कहा, “आप पूरी जिंदगी महाराष्ट्र में रहे, फिर भी आपको मराठी नहीं आती। यह शर्मनाक है।”



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