ईरानी पार्लियामेंट के नेशनल सिक्योरिटी कमीशन के चीफ इब्राहिम अजीजी ने अमेरिका को एक नई वॉर्निंग दी है। इब्राहिम अजीजी के मुताबिक, अगर अमेरिकी सैनिक, ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई की हाल की ‘कभी न भूलने वाले सबक’ वाली बात का मतलब सही से समझ गए, तो मिडिल-ईस्ट से भागने में वे एक भी पल नहीं गंवाएंगे।
इब्राहिम अजीजी ने की अमेरिकी सैनिकों को डराने की कोशिश
अमेरिका और ईरान में बढ़ते तनाव के बीच, इब्राहिम अजीजी ने एक X पोस्ट में लिखा, ‘अगर अमेरिका के सैनिक सच में यह समझ गए कि हमारे समझदार सुप्रीम लीडर का कभी न भूलने वाले सबक का क्या मतलब है, तो वे भागने में एक भी पल बर्बाद नहीं करेंगे।’
मोजतबा ने दी अमेरिका को सबक सिखाने की धमकी
दरअसल, इब्राहिम अजीजी का बयान ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा के उस स्टेटमेंट के बाद आया, जिसमें मोजतबा ने चेतावनी दी कि अमेरिका को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
अब जब अमेरिकी दुश्मन जंग को और बढ़ाने की कोशिश कर रहा है, जिसमें उसे और ज्यादा नुकसान और अपमान झेलना पड़ेगा, तो उसे यह जान लेना चाहिए कि ईरान की जनता और ‘रेजिस्टेंस फ्रंट’ के पास उसके लिए ऐसे सबक हैं जिन्हें वह कभी नहीं भूल पाएगा: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई
मोजतबा ने अमेरिका को बताया ‘बड़ा शैतान’
गौरतलब है कि मोजतबा खामेनेई ने ईरान की जनता को संबोधित करते हुए अमेरिका पर तीखा जुबानी हमला बोला और उसे ‘बड़ा शैतान’ बताया। साथ ही, मोजतबा ने 17 जून, 2026 को हुए 14 सूत्री अंतरिम शांति समझौते पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर को ‘पूरी तरह से बेकार’ बताया। इसके अलावा, मोजतबा ने वॉर्निंग दी कि अगर अमेरिका, ईरान पर हमले जारी रखता है तो ईरान और उसका Resistance Front उसे कभी ना भूलने वाला सबक सिखाएं।
पूरे 8 दिन भी नहीं टिक पाया अंतरिम शांति समझौता
जान लें कि 17 जून को अमेरिका और ईरान के बीच हस्ताक्षर हुए अंतरिम शांति समझौते के 1 महीने के अंदर ही दोनों देश भीषण जंग की तरफ बढ़ गए हैं। इस दौरान, दोनों कई रेड लाइन क्रॉस की। समझौते पर साइन होने के 8वें दिन ही ईरान ने होर्मुज में शिप पर हमला किया और उसके बाद वार-पलटवार का ऐसा सिलसिला शुरू हुआ जो अब भी लगातार चल रहा है।
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