इंटरनेशनल भारतीय पैरा खिलाड़ी चिराग त्यागी की शनिवार को गाजियाबाद में हत्या कर दी गई। वह बेंगलुरु में हुई इंडियन ओपन पैरा एथलेटिक्स इंटरनेशनल प्रतियोगिता में गोल्ड जीतकर घर लौट रहे थे। इस जीत के साथ उन्होंने एशियन पैरा गेम्स में क्वालिफाई किया था। चिराग का शव हिंडन क्षेत्र में साईं उपवन में मिला। उनकी पीठ पर गोली का निशान मिला है। चिराग त्यागी गाजियाबाद के रहने वाले थे। वह 100 और 400 मीटर दौड़ में भाग लेते थे। चिराग ने नेशनल और इंटरनेशनल मंचों पर शानदार प्रदर्शन कर देश का गौरव बढ़ाया। एसीपी उपासना पांडेय ने मृतक की प्रेमिका, कोच और परिजनों से पूछताछ की। गोल्ड मेडल जीतकर घर लौट रहे थे
बेंगलुरु के श्री कांतिरवा स्टेडियम में 26 से 28 मई तक 8वीं इंडियन ओपन पैरा एथलेटिक्स इंटरनेशनल प्रतियोगिता हुई थी। इसमें गाजियाबाद के 6 पैरा खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पदक जीते। साथ ही एशियन पैरा गेम्स के लिए क्वालीफाई किया था। एशियन गेम्स जापान में 18 से 24 अक्टूबर के बीच होंगे। जिला पैरा एसोसिएशन के सचिव मोनू कुमार ने बताया कि प्रतियोगिता में चिराग त्यागी ने 400 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक और 1500 मीटर में रजत पदक जीता था। इसी के बाद वह घर लौट रहे थे। चाचा बोले- सुबह फोन कर बताया था, घर आ रहा हूं
चिराग के चाचा राजेश त्यागी ने बताया- भतीजे ने आखिरी बार घर पर सुबह 8:10 पर खुद फोन किया था। उसने कहा था कि मैं घर आ रहा हूं। उसने पहले अपने पापा को फोन किया। पापा का फोन नहीं उठा तो उसने फिर उसने मेरे छोटे भाई को बताया। जब भी चिराग दिल्ली से घर आता था, तो फोन करके आता था। वह बता देता था कि मैं आ रहा हूं। लेकिन, आज चिराग का फोन आन के बाद पुलिस का फोन आया कि भतीजे का शव मिला है। पुलिस अधिकारी मर्डर मानकर जांच कर रहे हैं। हमें किसी पर शक नहीं है। एसीपी उपासना पांडे ने बताया- हत्या के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल सका है। पुलिस सभी संभावित एंगल से जांच कर रही है। आसपास लगे सीसीटीवी की फुटेज खंगाली जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों पर स्थिति साफ होगी। चिराग त्यागी परिवार में इकलौते बेटे थे
गाजियाबाद के मुरादनगर थाना क्षेत्र के बसंतपुर सेथली गांव में रहने वाले मनोज त्यागी किसान हैं। चिराग त्यागी उनके इकलौते बेटे थे। चिराग त्यागी के सगे चाचा दीपक त्यागी ने बताया- एक सप्ताह पहले चिराग घर से बेंगलुरु में कैंप में गए थे। वहां एक सप्ताह रुकने के बाद 29 मई को दिल्ली पहुंचे थे। वहां वह नेहरू स्टेडियम में रुके थे। आज सुबह चिराग से फोन पर मेरी बात हुई थी। भतीजे चिराग ने मुझे बताया था कि मैं 3 बजे तक घर आऊंगा। लेकिन, दोपहर बाद उसका मोबाइल फोन स्विच ऑफ हो गया। इसके बाद गाजियाबाद की कोतवाली पुलिस ने सूचना दी कि चिराग के साथ घटना हो गई है, आप लोग थाने आ जाइए। यहां पता चला कि चिराग की हत्या कर दी गई है। शव कोतवाली क्षेत्र के साईं उपवन के पास मिला है। चाचा ने बताया है कि यह हत्या है। हमारे गांव में या अन्य किसी से कोई रंजिश नहीं है। वहीं, बेटे की मौत का पता चलते ही पिता मनोज त्यागी और मां निशा त्यागी बेसुध हो गए। जानिए चिराग का प्रदर्शन
चिराग त्यागी भारत के होनहार पैरा-धावक (Runner) थे। वह राष्ट्रीय स्तर पर यूपी का प्रतिनिधित्व करते थे। वे मुख्य रूप से T-12 कैटेगरी (दृष्टिबाधित / Visual Impairment एथलीटों की श्रेणी) के अंतर्गत दौड़ प्रतियोगिताओं में भाग लेते थे। T12 कैटेगरी में खेलते थे चिराग त्यागी
T12 कैटेगरी उन पैरा एथलीटों की होती है, जिनकी आंखों की रोशनी बहुत कम होती है। लेकिन, पूरी तरह से दृष्टिहीन नहीं होते। एक सामान्य व्यक्ति जो चीज 60 मीटर दूर से आसानी से देख सकता है, T12 खिलाड़ी उसे देखने के लिए बहुत पास, करीब 2 मीटर या उससे कम दूरी तक जाना पड़ सकता है। इन खिलाड़ियों को सामने की चीजें कुछ हद तक दिखती हैं, लेकिन आसपास का हिस्सा (साइड विजन) बहुत कम दिखाई देता है। उनका देखने का दायरा इतना सीमित हो सकता है कि वे मानो एक पतली सुरंग (टनल) के अंदर से देख रहे हों। —————————– यह खबर भी पढ़ें योगी, रक्षामंत्री के साथ युद्धपोत के अंदर गए, लखनऊ में राजनाथ सिंह ने CM की तारीफ की रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ में शनिवार को सीएम योगी की तारीफ की। उन्होंने कहा- यूपी कभी वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया के नाम से जाना जाता था। इन्वेस्टर्स यहां आने से डरते थे। लेकिन अब यूपी बदल चुका है। यहां पढ़ें पूरी खबर
Source link
इंटरनेशनल पैरा एथलीट चिराग त्यागी की गोली मारकर हत्या:एशियन पैरा गेम्स क्वालिफायर में गोल्ड जीतकर लौट रहे थे, गाजियाबाद में मिला शव | ACTPnews

Previous Post
Next Post
Leave a Reply
Latest News
Search the Archives
Access over the years of investigative journalism and breaking reports











