ईरान ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट उसकी सबसे बड़ी ताकत है और इस पर उसका अधिकार बना रहेगा। ईरानी संसद स्पीकर मोहम्मद बाकर गालीबाफ ने कहा कि अमेरिका के साथ हुए समझौता ज्ञापन (MoU) में समुद्री सेवाओं के टोल में 60 दिनों की छूट सिर्फ अस्थायी व्यवस्था है। ईरानी सरकारी मीडिया से बातचीत में गालीबाफ ने कहा कि होर्मुज ईरान के क्षेत्रीय जल का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका यह कहकर विवाद पैदा नहीं कर सकता कि ईरान ने इस स्ट्रेट का सैन्यीकरण कर दिया है। गालीबाफ ने कहा, “ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर अपना अधिकार नहीं छोड़ा है। इसमें कोई बदलाव नहीं होगा। हम किसी भी परिस्थिति में अपने इस रुख से पीछे नहीं हटेंगे।” उन्होंने होर्मुज को युद्ध के दौरान ईश्वर का दिया उपहार बताया। पिछले 24 घंटे के 4 बड़े अपडेट्स… 1. होर्मुज में फिर बढ़ी जहाजों की आवाजाही: समुद्री निगरानी करने वाली कंपनी केप्लर के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को होर्मुज से कुल 40 जहाज गुजरे। इनमें से 16 जहाजों ने ईरान के समुद्री मार्ग का इस्तेमाल किया। 2. ईरान की शर्त- पहले फंसे 6 अरब डॉलर दो: ईरान चाहता है कि विदेशों में फंसी उसकी करीब 6 अरब डॉलर (करीब 57 हजार करोड़ रुपए) की संपत्ति पहले जारी की जाए। इसके बाद ही वह शांति समझौते के अगले चरण पर आगे बढ़ेगा। 3. पजशकियान बोले- समझौता सुप्रीम लीडर की मंजूरी से हुआ: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने कहा कि अमेरिका के साथ हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) ईरान के सुप्रीम लीडर की मंजूरी से हुआ है। 4. खामेनेई के अंतिम संस्कार के लिए सबसे बड़ा सुरक्षा इंतजाम: ईरान अपने सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के लिए अब तक की सबसे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था कर रहा है। ईरान पीस डील से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
Source link
ईरान बोला- होर्मुज हमारी सबसे बड़ी ताकत, पीछे नहीं हटेंगे:टोल में 60 दिन की छूट अस्थायी, इस पर हमारा अधिकार रहेगा | ACTPnews

Previous Post
Next Post
Leave a Reply
Latest News
Search the Archives
Access over the years of investigative journalism and breaking reports








