कांग्रेस के पूर्व सांसद और कामगार प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदित राज ने हाल ही में आए चुनावी नतीजों के लिए एक बार फिर ईवीएम को जिम्मेदार बताया है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश से किसी दलित को राज्यसभा भेजा जाना चाहिए। भोपाल में ‘दैनिक भास्कर’ से बात करते हुए उदित राज ने बसपा प्रमुख मायावती को क्रूर महिला कहा तो कॉकरोच जनता पार्टी को सोशल मीडिया तक ही सीमित बताया। पढ़िए, सियासी सवालों पर उदित राज के जवाब… भास्कर: कॉकरोच जनता पार्टी का कहना है कि उन्हें विपक्ष से भी निराशा मिलती है, क्योंकि विपक्ष मुद्दों को जोर-शोर से उठा नहीं पाता? उदित राज: वे लोग केवल सोशल मीडिया पर मुद्दे उठा रहे हैं, जबकि विपक्ष सड़क पर लड़ रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी के 10 आदमी भी अभी जमीन पर या जंतर-मंतर पर नहीं आए हैं। युवाओं में भारी आक्रोश है और लोग उनसे जुड़ रहे हैं, यह बात ठीक है लेकिन वे खुद को इतना बड़ा न आंकें। लड़ाई हमेशा जमीन पर और वोट की ताकत से होती है, वे तो अभी सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित हैं। भास्कर: आप इन सोशल मीडिया वाले युवाओं को कांग्रेस पार्टी से कैसे जोड़ेंगे? उदित राज: यह एक तरह का व्यंग्य (सारकास्टिक) है। इसे शुरू करने वाले तीन युवाओं में से एक यूके में है, एक जर्मनी में और एक अमेरिका में है। वे तो भारत में भी नहीं हैं। जो लोग सोशल मीडिया पर उनके साथ जुड़े हैं, वे ऑलरेडी कांग्रेस और विपक्ष के साथ हैं। यह आक्रोश उन्हीं का व्यक्त हो रहा है। भास्कर: सोशल मीडिया पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का ट्रेंड बहुत बढ़ रहा है, इस पर आपकी क्या राय है? उदित राज: इस पर ज्यादातर बेरोजगार लोग सक्रिय हैं। जिस तरह से चीफ जस्टिस ने भी कटाक्ष किया था कि जो लोग आरटीआई या सोशल मीडिया और मीडिया में एक्टिव हैं, वे कोई सरकारी मुलाजिम या नौकर तो हैं नहीं, वे सब बेरोजगार लोग ही हैं। कुछ लोग स्वेच्छा से कर रहे हैं, बाकी मजबूरी में कर रहे हैं। अब सोशल मीडिया पर एक पार्टी बनी और उसी से यह सरकार डर गई, जिसके बाद उनका ‘एक्स’ अकाउंट ही क्लोज कर दिया गया। इसे लेकर जनरेशन-जी के युवाओं में बहुत बड़ा आक्रोश है। भास्कर: देश में अब तक 89 पेपर लीक हो चुके हैं? उदित राज: मैं इन युवाओं से एक अपील करूंगा कि उनकी जिंदगी तो खत्म हो ही रही है, बल्कि बहुतों की जिंदगी खत्म हो चुकी है। देश में 89 पेपर लीक हो चुके हैं। महाराष्ट्र में एक छोटा सा कोचिंग संस्थान चलाने वाले के यहां से 19 प्रतियोगी छात्र एम्स में एडमिशन प्राप्त कर लेते हैं। अब हमें यह संदेह है कि पिछले 12 साल में जिन लोगों ने सरकारी नौकरियां प्राप्त की हैं, उनमें से कितने सही हैं और कितने गलत? छात्र एक बार परीक्षा दे देता है, तो दूसरी बार वह थक सा जाता है। मैं खुद आईआरएस (IRS) अफसर रहा हूं, मुझे पता है कि एक बार एग्जाम खत्म हो जाए तो खुद को दोबारा तैयार करना बहुत मुश्किल होता है। बच्चे मजबूर होकर कोटा और दिल्ली जा रहे हैं, जिससे उनका खर्च लगातार बढ़ रहा है। भास्कर: अभी हाल ही में राजेंद्र पाल गौतम लखनऊ गए थे, लेकिन मायावती ने उनके लिए अपने दरवाजे तक नहीं खोले? उदित राज: राजेंद्र पाल गौतम का कहना है कि वे व्यक्तिगत रूप से शिष्टाचार के नाते मिलने गए थे, कांग्रेस पार्टी की तरफ से नहीं गए थे। जब वे कांग्रेस की तरफ से गए ही नहीं थे, तो इसमें चर्चा की क्या बात है? जहां तक मायावती जी का सवाल है, वह बहुत ही अव्यावहारिक महिला हैं। उनमें क्रूरता बहुत है, सज्जनता नहीं है। वे बीजेपी के चंगुल में इस कदर फंसी हुई हैं कि वहां से निकलना उनके लिए नामुमकिन है। अब कोई भी दल यह सोचे कि वह बीएसपी से मिलकर चुनाव लड़ सकता है या सहयोग का लेन-देन कर सकता है, तो यह संभव नहीं है। भास्कर: एमपी की तीन सीटों पर राज्यसभा के चुनाव हैं। दिग्विजय सिंह चुनाव लड़ने से मना कर चुके हैं और दलित को राज्यसभा भेजने की मांग उठ रही है? उदित राज: मैं भी इस मांग का पूरी तरह समर्थन करता हूं कि मध्य प्रदेश से किसी दलित को राज्यसभा भेजा जाना चाहिए। भास्कर: कामगार प्रकोष्ठ में आगे की क्या रणनीति है? उदित राज: हमने अपने साथियों से कहा है कि वे जिलों और प्रदेशों में जाकर जन जागरण करें। जो लोग आज हमारे साथ शामिल हुए हैं, उनके साथ मिलकर निजीकरण की नीतियों के खिलाफ हमारा संघर्ष जारी रहेगा। मनरेगा की पूरी तरह से वापसी होनी चाहिए और बीजेपी की इस जनविरोधी सरकार को उखाड़ फेंकना चाहिए। भास्कर: अगर यही सब चलता रहा, तो आगे के चुनावों में कांग्रेस के पक्ष में परिणाम कैसे आएंगे? उदित राज: क्या यह चिंता सिर्फ कांग्रेस पार्टी की ही है? देश के हर नागरिक को आजादी चाहिए। हर नागरिक आजाद होना चाहिए ताकि वह अपनी बात रख सके और अपने हिसाब से जिंदगी जी सके। यह नागरिकों का भी फर्ज है, क्योंकि उनका भविष्य भी खतरे में है। उन्हें भी हमारा साथ देना चाहिए, हम तो अपनी तरफ से लड़ ही रहे हैं। इंडियन जस्टिस पार्टी का गठन कर चुके हैं उदित दिल्ली की जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) से पढ़े भारतीय राजस्व सेवा (IRS) के पूर्व अधिकारी डॉ. उदित राज ने दलितों और पिछड़ों के अधिकारों के लिए 2003 में अपनी नौकरी छोड़कर इंडियन जस्टिस पार्टी का गठन किया था। 2014 में उन्होंने अपनी पार्टी का भाजपा में विलय किया और उत्तर-पश्चिम दिल्ली सीट से सांसद बने। 2019 में भाजपा से टिकट न मिलने के बाद कांग्रेस में शामिल हो गए। कांग्रेस के असंगठित कामगार और कर्मचारी विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वे अखिल भारतीय अनुसूचित जाति/जनजाति संगठन परिसंघ के अध्यक्ष भी हैं। ये खबर भी पढ़ें… कॉकरोच जनता पार्टी का पुराना X अकाउंट ब्लॉक, नया बनाया डिजिटल संगठन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का ‘X’ अकाउंट गुरुवार को ब्लॉक कर दिया गया। संगठन ने इसके कुछ देर बाद नया अकाउंट बनाया। इसका नाम ‘कॉकरोच इज बैक’ रखा गया और बायो में लिखा- “कॉकरोच डोंट डाय” यानी कॉकरोच मरते नहीं। पढ़ें पूरी खबर…
Source link
‘कॉकरोच’ सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित:उदित राज बोले- कॉकरोच जनता पार्टी से जुड़े लोग कांग्रेस में ही हैं; मायावती क्रूर और अव्यावहारिक | ACTPnews

Previous Post
Next Post
Leave a Reply
Latest News
Search the Archives
Access over the years of investigative journalism and breaking reports









