ट्रम्प के दामाद ने यूक्रेनी राष्ट्रपति से मुलाकात की:पुतिन से चर्चा के एक दिन बाद कीव पहुंचे; रूस से युद्ध खत्म कराने पर चर्चा | ACTPnews

ट्रम्प के दामाद ने यूक्रेनी राष्ट्रपति से मुलाकात की:पुतिन से चर्चा के एक दिन बाद कीव पहुंचे; रूस से युद्ध खत्म कराने पर चर्चा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर और दूत स्टीव विटकॉफ ने रविवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से अहम बातचीत की। यह बातचीत रूस के साथ चल रहे युद्ध को खत्म कराने की अमेरिकी कोशिशों को आगे बढ़ाने के लिए हुई। दोनों की यह कीव की पहली यात्रा थी। इससे एक दिन पहले उन्होंने मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की थी। बैठक के बाद विटकॉफ ने कहा, हमने बहुत सार्थक और महत्वपूर्ण बातचीत की। यह काफी गंभीर चर्चा थी। हम इससे बहुत उत्साहित हैं और जब तक जरूरत होगी, बातचीत जारी रखेंगे। कुशनर ने कहा कि इस यात्रा से अमेरिकी डेलिगेशन को काफी कुछ सीखने को मिला है। उम्मीद है कि इससे शांति की कोशिशों को आगे बढ़ाने के नए रास्ते मिलेंगे। मुलाकात की तस्वीरें… बैठक में यूरोपीय देशों का डेलिगेशन भी मौजूद रहा अमेरिकी दूतों की बातचीत के साथ ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी के प्रतिनिधियों के साथ भी चर्चा हुई। जेलेंस्की ने यूरोपीय देशों की मौजूदगी का स्वागत किया। उन्होंने कहा, “हम आभारी हैं कि यूरोपीय देश आज हमारे साथ हैं और हम देशों के ऐसे गठबंधन का हिस्सा हैं। हम सभी एक ही पक्ष में हैं।” अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ट्रेन से कीव पहुंचा। वहां प्लेटफॉर्म पर ‘पीस एक्सप्रेस’ लिखा हुआ था। जेलेंस्की ने बताया कि यूक्रेन ने अमेरिकी दूतों के आने के लिए अपने एयरपोर्ट तैयार किए थे, लेकिन रूसी हमलों के कारण हवाई यात्रा संभव नहीं हो सकी। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के मुताबिक, अमेरिकी दूतों ने ठोस योजनाओं पर चर्चा की है। इन योजनाओं का ऐलान आने वाले हफ्तों में किया जाएगा। वहीं, रूस के राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन ने भी बताया कि अमेरिकी दूतों ने युद्ध खत्म करने के लिए कुछ विचार सामने रखे हैं, लेकिन उनकी जानकारी नहीं दी। राष्ट्रपति ने विटकॉफ-कुशनर को मशहूर मोजेक दिखाया जेलेंस्की ने विटकॉफ और कुशनर को कीव के सेंट सोफिया कैथेड्रल में 11वीं सदी का मशहूर ‘वर्जिन ओरन्स’ मोजेक दिखाया। इसे ‘अटूट दीवार’ भी कहा जाता है। मान्यता है कि हाथ फैलाकर खड़ी वर्जिन मैरी कीव की रक्षा करती हैं और जब तक उनका मोजेक सुरक्षित है। इसलिए शहर भी सुरक्षित रहेगा। यह मोजेक यूक्रेन के लिए सिर्फ धार्मिक कलाकृति नहीं बल्कि कीव की सुरक्षा, मजबूती और सदियों पुरानी पहचान का प्रतीक है। युद्ध के बीच इसे दिखाना यूक्रेन की अपनी विरासत और पहचान की अहमियत को सामने रखने वाला संदेश भी माना जा सकता है। रूस 3 दिन यूक्रेन पर हमला नहीं करेगा रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर 72 घंटे तक हमले रोकने का आदेश दिया है। क्रेमलिन ने शनिवार को इसकी जानकारी दी थी। पुतिन ने यह आदेश तब दिया जब अमेरिका के दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराने के लिए मॉस्को पहुंचे थे। दोनों रुकी हुई शांति वार्ता को फिर शुरू कराने की कोशिश कर रहे हैं। रूस ने हाल में कीव पर हमले बढ़ाए रूस और यूक्रेन के बीच शांति वार्ता अभी किसी नतीजे तक नहीं पहुंची है। इस बीच, कीव समेत यूक्रेन के कई शहरों पर रूसी हवाई हमले तेज हुए हैं। यूक्रेन भी रूस के अंदर लगातार ड्रोन हमले कर रहा है। शुक्रवार को एक रूसी ड्रोन ने कीव में यूक्रेन की सुरक्षा एजेंसी SBU के मुख्यालय को निशाना बनाया। SBU रूस के अंदर किए जाने वाले यूक्रेन के कई लंबी दूरी के हमलों में भी भूमिका निभाती है। उधर, यूक्रेन रूस के सैन्य ठिकानों के अलावा तेल रिफाइनरियों और ई-कॉमर्स केंद्रों को भी निशाना बना रहा है। यूक्रेन का कहना है कि इन हमलों का मकसद रूस की युद्ध क्षमता और उसकी अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाना है। शनिवार को जेलेंस्की ने कहा कि रूस ने रात में कीव और बोरिस्पिल एयरपोर्ट पर भी हमला किया। उन्होंने कहा कि ये हमले उस वक्त हुए, जब अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के यूक्रेन पहुंचने की तैयारी चल रही थी। जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन ने रूस के इन हमलों को गंभीरता से लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि रूस का हवाई क्षेत्र अब ड्रोन और मिसाइलों की वजह से खतरनाक हो चुका है। हालांकि, अमेरिकी दूतों की शांति कोशिशों के लिए यूक्रेन की तरफ से कोई खतरा नहीं है। ईरान जंग की वजह से अमेरिका का यूक्रेन पर फोकस हटा अमेरिका लंबे समय से रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराने की कोशिश में जुटा है। हालांकि, पिछले छह महीनों में इन कोशिशों की रफ्तार कुछ धीमी हुई है। इसकी एक वजह अमेरिका का ईरान युद्ध पर ज्यादा फोकस करना भी बताई गई है। विटकॉफ और कुशनर इससे पहले जनवरी में मॉस्को पहुंचे थे। तब दोनों ने क्रेमलिन में पुतिन से मुलाकात की थी। एक बार फिर शनिवार को दोनों के मॉस्को पहुंचने पर रूसी दूत किरिल दिमित्रीव ने उनका स्वागत किया था। —————— यह खबर भी पढ़ें… रिपोर्ट-पुतिन को जंग खत्म करने पर सत्ता जाने का डर:डोनबास पर कब्जा जरूरी, इसके बिना लड़ाई रोकी तो उन्हें फांसी पर लटका दिया जाएगा रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को डर है कि अगर उन्होंने पूरा डोनबास अपने कब्जे में लिए बिना यूक्रेन युद्ध खत्म कर दिया, तो रूस के ताकतवर लोगों में उनके खिलाफ नाराजगी बढ़ सकती है। इससे उनकी सत्ता पर भी खतरा आ सकता है। पूरी खबर पढ़ें…



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