दावा- अरुणाचल में चीनी घुसपैठ की बात झूठी:पड़ोसी देश की हरकतों पर भारतीय सेना की नजर; विदेश मंत्रालय बोला- अरुणाचल हमारा अटूट हिस्सा | ACTPnews

दावा- अरुणाचल में चीनी घुसपैठ की बात झूठी:पड़ोसी देश की हरकतों पर भारतीय सेना की नजर; विदेश मंत्रालय बोला- अरुणाचल हमारा अटूट हिस्सा

अरुणाचल प्रदेश में भारतीय सेना के सूत्रों ने दावा किया कि चीनी घुसपैठ की बातें झूठी हैं। ANI की रिपोर्ट के मुताबिक सेना ने मंगलवार को कहा कि सेना और भारत तिब्बत सीमा पुलिस लगातार चीन की हरकतों पर नजर रखे हुए है और सोशल मीडिया पर किए जा रहे घुसपैठ के दावे गलत हैं। विदेश मंत्रालय (MEA) ने भी कहा कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अटूट हिस्सा है। MEA ने यह बात चीन की ओर से अरुणाचल प्रदेश के स्थानों को चीनी नाम देने की कोशिशों के बीच कही है। चीन के LAC पार कर घुसपैठ का दावा किया गया था मीडिया रिपोर्ट्स में स्थानीय लोगों दावा किया थीं कि चीन के सैनिक अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सुबनसिरी जिले में घुस आए थे। बताया गया था कि चीनी सैनिकों ने LAC पार कर पुकार ला और ओल्लो इलाके में प्रवेश किया। इस पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि 6 अगस्त को भारत-चीन सीमा मामलों पर सलाह और तालमेल के लिए बनी डब्ल्यूएमसीसी की 36वीं बैठक हुई थी। इस बैठक में दोनों देशों ने खुलकर बातचीत की। LAC पर मौजूदा हालात की भी समीक्षा की गई। भारत ने कहा कि सीमा इलाकों में शांति और सुकून बना रहना जरूरी है। यही दोनों देशों के रिश्तों को आगे बढ़ाने के लिए भी जरूरी है। चीन अरुणाचल को ‘साउथ तिब्बत’ बताता रहा है ANI के मुताबिक, चीन अरुणाचल प्रदेश पर ‘साउथ तिब्बत’ के नाम से दावा करता रहा है। 1960 की सीमा वार्ता में चीन ने अरुणाचल प्रदेश की करीब 69,000 वर्ग किमी जमीन पर दावा किया था। भारत ने चीन के इस दावे को कई बार खारिज किया है। भारत सरकार ने शुक्रवार को अरुणाचल प्रदेश की 27 जगहों और उनकी भौगोलिक विशेषताओं को आधिकारिक नक्शे पर दर्ज किया था। इस पर चीन ने कहा कि भारत का अरुणाचल प्रदेश की 27 जगहों को अपने मैप पर दिखाना गलत है। यह अमान्य’ है। चीन अरुणाचल की जगहों के नाम जारी करता रहा है चीन ने कई बार अरुणाचल प्रदेश की जगहों के चीनी नामों की सूची जारी करता रहा है। वह अरुणाचल प्रदेश को जांगनान कहता है भारत ने चीन की इन कोशिशों को लगातार खारिज किया है। भारत का कहना है कि इनका भारत की राज्य पर संप्रभुता पर कोई असर नहीं पड़ता।



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