नई दिल्लीः केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बुधवार को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के शिक्षा मंत्रियों के एक सम्मेलन को संबोधित किया। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा “…29 जुलाई हम सभी के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के छह साल पूरे होने का दिन है। मंत्रियों को संबोधित करते हुए उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की आने वाली छठी सालगिरह राष्ट्रीय शैक्षिक पहलों के अगले चरण के लिए एक लॉन्चपैड का काम करेगी।
राज्य के मंत्रियों और अधिकारियों को संबोधित करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उन निर्देशों पर प्रकाश डाला जिनमें प्रमुख फ्लैगशिप कार्यक्रमों जैसे समग्र शिक्षा 3.0, निपुण भारत 2.0 और पीएम पोषण को तेज़ी से आगे बढ़ाने और अटल टिंकरिंग लैब्स जैसे इनोवेशन हब का विस्तार करने की बात कही गई है।
पीएम मोदी ने दिया था ये सुझाव
इससे पहले, प्रधानमंत्री ने सुझाव दिया था कि हमें आने वाले दिनों के लिए योजना बनानी चाहिए और समग्र शिक्षा 3.0, निपुण भारत 2.0 और पीएम पोषण जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं के कार्यान्वयन को और गति देनी चाहिए। हमें अटल टिंकरिंग लैब्स जैसी पहलों का विस्तार करने की भी आवश्यकता है। इस पृष्ठभूमि में, शिक्षा मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों का यह दो दिवसीय सम्मेलन बहुत महत्वपूर्ण है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 29 जुलाई 2020 को हुआ था लागू
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह सम्मेलन यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति के कार्यान्वयन के छह वर्षों का आकलन करने और आगामी शैक्षणिक चक्रों के लिए लक्ष्य निर्धारित करने के लिए एक रणनीतिक समीक्षा का काम करता है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की घोषणा 29 जुलाई, 2020 को की गई थी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 स्कूली शिक्षा के साथ-साथ उच्च शिक्षा (जिसमें तकनीकी शिक्षा भी शामिल है) में विभिन्न सुधारों का प्रस्ताव करती है।
मुख्य शैक्षिक योजनाओं के नए संस्करणों को लागू करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है, जिसमें निपुण भारत 2.0 के तहत बुनियादी साक्षरता, समग्र शिक्षा 3.0 के तहत स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर और पीएम पोषण के माध्यम से पोषण संबंधी सहायता शामिल है। देश भर के छात्रों में STEM शिक्षा और व्यावहारिक कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए क्षेत्रीय और ग्रामीण स्कूलों में अटल टिंकरिंग लैब्स का विस्तार करने की योजनाएँ तैयार की गईं।
बता दें कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पेपर लीक मामले को लेकर विपक्ष के निशाने पर हैं। राहुल गांधी समेत विपक्षी दल उनके इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं। सोनम वांगचुक भी इस मुद्दे को लेकर अनशन कर रहे हैं।
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