नरेंद्र मोदी ने 10 जून को सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। आज उनके कार्यकाल के 4,399 दिन पूरे हो गए। इसे लेकर चारधाम यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ में उनके नाम से विशेष पूजा-अर्चना की गई। केदारनाथ में बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) और तीर्थ पुरोहितों ने प्रधानमंत्री मोदी के नाम से जलाभिषेक किया। इसके बाद मंदिर प्रांगण में यज्ञ आयोजित कर उनकी दीर्घायु की कामना की गई। वहीं, बद्रीनाथ धाम में विशेष महाभिषेक, हवन और पूजा-अर्चना की गई। गंगोत्री धाम में विधायक सुरेश सिंह चौहान ने पीएम के नाम से विशेष पूजा-अर्चना और गंगा आरती कराई। इसके अलावा यमुनोत्री धाम में तीर्थ पुरोहितों ने पहली आरती पीएम मोदी के नाम से की। 19 अप्रैल से शुरू हुई थी चारधाम यात्रा, 34 लाख लोग पहुंचे चारधाम यात्रा की शुरूआत अक्षय तृतीया के दिन 19 अप्रैल को पहले गंगोत्री और फिर यमुनोत्री के कपाट खुलने से हुई थी। गंगोत्री में पहली पूजा पीएम मोदी के नाम की हुई थी, जिसमें सीएम पुष्कर सिंह धामी शामिल हुए थे। इसके 3 दिन बाद यानी 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट खुले थे। इसके एक दिन बाद यानी 23 अप्रैल को बद्रीनाथ के कपाट खुले थे। राज्य आपदा परिचालन केंद्र के मुताबिक, 52 दिनों में अब तक 34 लाख से ज्यादा लोग दर्शन कर चुके हैं। इनमें सबसे ज्यादा केदारनाथ में 14 लाख, फिर बद्रीनाथ में 10 लाख, गंगोत्री में करीब 6 लाख और यमुनोत्री में 5 लाख 40 हजार से ज्यादा लोग दर्शन कर चुके हैं। 183 लोगों की मौत, केदारनाथ यात्रा में सबसे ज्यादा जान गई यात्रा सीजन में अब तक चारों धामों और हेमकुंड साहिब मार्ग को मिलाकर 183 तीर्थयात्रियों की मौत हो चुकी है। इनमें 173 मौतें बीमारी के कारण हुई हैं, जबकि 10 मौतें अन्य कारणों से हुई हैं। केदारनाथ धाम में सबसे ज्यादा 88 मौतें हुई हैं। इनमें 82 श्रद्धालुओं की मौत बीमारी के कारण हुई, जबकि 6 मौतें अन्य कारणों से हुई हैं। साथ ही 3 यात्री घायल भी हुए हैं। बद्रीनाथ धाम में अब तक कुल 55 श्रद्धालुओं की मौत हुई है। इनमें 53 मौतें स्वास्थ्य खराब होने के कारण और 2 मौतें अन्य कारणों से हुई हैं। वहीं, यमुनोत्री धाम में अब तक 23 श्रद्धालुओं की मौत हुई है। इनमें 22 मौतें बीमारी के कारण और 1 मौत अन्य कारण से हुई है। गंगोत्री धाम में सबसे कम 17 श्रद्धालुओं की मौत हुई है। इनमें 16 मौतें स्वास्थ्य खराब होने के कारण और 1 मौत अन्य कारण से हुई है। मौतों के पीछे हाई एल्टीट्यूड, हार्ट अटैक और पुरानी बीमारियां स्वास्थ्य विभाग के अनुसार चारधाम यात्रा में अब तक हुई अधिकांश मौतें स्वास्थ्य खराब होने, हार्ट अटैक और हाई एल्टीट्यूड सिकनेस जैसी समस्याओं के कारण हुई हैं। यात्रा मार्ग ऊंचाई वाले क्षेत्रों से होकर गुजरता है, जहां ऑक्सीजन का स्तर कम होने और लगातार चढ़ाई की वजह से बुजुर्गों और पहले से बीमार यात्रियों की तबीयत बिगड़ने के मामले सामने आ रहे हैं। यात्रा से पहले जारी की गई थी एडवाइजरी चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले सरकार ने कई समीक्षा बैठकें की थीं। सभी विभागों को यात्रा शुरू होने से पहले तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए थे। सरकार का दावा है कि यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सेवाओं, डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। यात्रियों के लिए एडवाइजरी भी जारी की गई थी, जिसमें बुजुर्गों, हाई ब्लड प्रेशर, शुगर और हृदय रोग से पीड़ित लोगों को स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी गई थी। स्वास्थ्य मंत्री ने भी यात्रियों से सावधानी बरतने और शरीर में परेशानी होने पर तुरंत रुकने की अपील की है। चारों धामों के बारे में जानिए… —————————————— ये खबर भी पढ़ें… दैनिक भास्कर चारधाम यात्रा गाइड:केदारनाथ-बद्रीनाथ जाने का प्लान कर रहे हैं तो ये गाइड आपके सबसे काम की है, इसे बिना पढ़े न जाएं क्या आप भी उत्तराखंड की चारधाम यात्रा 2026 में जाने का प्लान कर रहे हैं, अगर हां तो दैनिक भास्कर की इस ‘चारधाम यात्रा गाइड’ में आपको मिलेगी पूरी जानकारी। इस गाइड में सभी काम की सूचनाएं एक जगह हैं। (पढ़ें पूरी खबर)
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नेहरू से आगे निकले मोदी, चारों धामों में हुई पूजा:लगातार सबसे लंबे समय तक इलेक्टेड पीएम बने; केदारनाथ में हवन, बद्रीनाथ में हुआ यज्ञ | ACTPnews

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