पेपर लीक रोकने के लिए परीक्षा सिस्टम बदलने की तैयारी:नीलेकणि टास्क फोर्स ने लोगों से सुझाव मांगे; 13 सितंबर तक दे सकेंगे राय | ACTPnews

पेपर लीक रोकने के लिए परीक्षा सिस्टम बदलने की तैयारी:नीलेकणि टास्क फोर्स ने लोगों से सुझाव मांगे; 13 सितंबर तक दे सकेंगे राय

केंद्र सरकार की छह सदस्यीय हाई-पावर्ड टास्क फोर्स ने सार्वजनिक परीक्षाओं में व्यापक सुधार के लिए लोगों से सुझाव मांगे हैं। छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों, शैक्षणिक संस्थानों और नागरिक संगठनों से भी राय मांगी गई है। इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता वाली यह टास्क फोर्स खास तौर पर एनटीए की परीक्षाओं के संचालन, सुरक्षा, परीक्षा डिजाइन और व्यवस्था में सुधार पर काम कर रही है। केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय के मुताबिक, टास्क फोर्स का लक्ष्य परीक्षा व्यवस्था को सुरक्षित, पारदर्शी, निष्पक्ष और भविष्य के लिए तैयार बनाना है। इसमें परीक्षा में गड़बड़ी रोकने, संस्थागत व्यवस्था मजबूत करने, तकनीक के इस्तेमाल और छात्रों की परेशानियां कम करने जैसे मुद्दों पर सुझाव लिए जा रहे हैं। 13 सितंबर तक दे सकते हैं सुझाव सुझाव 13 सितंबर तक अंग्रेजी, हिंदी या क्षेत्रीय भाषाओं में दिए जा सकते हैं। इसके लिए सरकार ने वेबसाइट, फोन, वॉट्सऐप और ईमेल के जरिए सुझाव भेजने की व्यवस्था की है। सुझाव examreforms-taskforce.dopt.gov.in पर भेजे जा सकते हैं। इसके अलावा 1800-180-4747 पर फोन करके या 7827042830 पर वॉट्सऐप में ‘hptf’ लिखकर भी राय दी जा सकती है। इन सुझावों के आधार पर टास्क फोर्स सरकार को परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए अपनी सिफारिशें देगी। जुलाई में बनी नीलेकणि की अध्यक्षता में टास्क फोर्स केंद्र ने नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में टास्क फोर्स जुलाई में बनाई थी। इसका गठन जंतर-मंतर पर पेपर लीक के आरोपों और परीक्षा व्यवस्था में बदलाव की मांग को लेकर हुए छात्रों के विरोध के बीच किया गया था। टास्क फोर्स में नीलेकणि के अलावा पूर्व इंटेलिजेंस ब्यूरो निदेशक तपन डेका, पूर्व इसरो चेयरमैन एस. सोमनाथ, IIT मद्रास के निदेशक वी. कामकोटि, पूर्व शिक्षा सचिव अनिता करवाल और लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ अमृत लाल मीणा शामिल हैं। पेपर लीक विवाद के बाद NTA में 3 नए अफसर पेपर लीक विवाद के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) में शुक्रवार को तीन नए अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। आईपीएस अधिकारी रवि कुमार सिंह और आईएएस अधिकारी प्रसन्ना वेंकटेश वी. को निदेशक बनाया गया है। वहीं, आईआरएस अधिकारी अमित समदरिया को संयुक्त निदेशक नियुक्त किया गया है। पेपर लीक पर पीएम को इंस्टाग्राम पर वीडियो मैसेज जारी करना पड़ा पीएम मोदी ने 23 जुलाई की रात 12 बजे X हैंडल पर 2.56 मिनट का वीडियो मैसेज जारी किया था। पीएम ने कहा था कि पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है। लाखों छात्रों, उनके माता-पिता के लिए पीड़ादायक है। इसलिए पेपर लीक से अब तक, पिछले ढाई महीनों में कई कदम उठाए हैं। गुनहगारों को पकड़ा है, वे जेल में हैं। हमारी जिम्मेदारी थी कि छात्रों का साल बर्बाद न हो, इसलिए कम समय में 22 लाख छात्रों का एग्जाम कराया। हम इतने से संतोष करने वाले नहीं हैं। इसलिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का निर्देश दिया है। संसद में एंटी पेपर लीक बिल लाया गया, दोनों सदनों से पास सरकार पेपर लीक से जुड़ा संशोधन बिल मानसून सत्र में लाई। दोनों सदनों से इसे पास कराया गया। 1 अगस्त को राष्ट्रपति से मंजूरी मिलने के बाद यह कानून भी बन गया। सरकार ने कहा कि यह कानून केवल नेशनल टेस्टिंग एजेंसी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि UPSC, कर्मचारी चयन आयोग, बैंकिंग और बाकी पब्लिक एग्जाम पर भी लागू होगा। क्या है नीट पेपर लीक मामला, अब तक 13 अरेस्ट 3 मई 2026 को हुई NEET-UG 2026 परीक्षा का पेपर लीक हुआ। सरकार और NTA ने NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द कर दी और दोबारा परीक्षा कराई। इस दौरान देश भर में कई छात्रों ने सुसाइड किया। पेपर लीक को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक महीने तक कॉकरोच जनता पार्टी ने प्रदर्शन किया। सोनम वांगचुक ने 26 दिन तक अनशन किया। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। फिलहाल पेपर लीक मामले की जांच CBI कर रही है। इसमें महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली समेत कई राज्यों में पड़ताल हुई। अबतक 13 आरोपी पकड़े गए हैं। CBI जल्द ही इस चार्जशीट फाइल कर सकती है। —————————— यह खबर भी पढ़ें… राहुल बोले- रील 21वीं सदी का नशा है: मजदूरी करो, लेकिन नौकरी नहीं मिल सकती राहुल गांधी ने कहा, ‘सिस्टम ने युवाओं को चक्रव्यूह में फंसा दिया है। इनसे कहा जाता है कि आपको जितनी रील बनाना है, बनाओ। मजदूरी करो। 21वीं सदी का नशा लो, लेकिन नौकरी नहीं मिल सकती है।’ पूरी खबर पढ़ें…



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