बंगाल में TMC नेता घूस के पैसे लौटा रहे:सरकारी लाभ के बदले लिए थे; नादिया में महिलाओं की योजना में 173 पुरुषों के नाम | ACTPnews

बंगाल में TMC नेता कट-मनी लौटा रहे:सरकारी योजना के लाभार्थियों से कमीशन लिए थे; नादिया में लक्ष्मीर भंडार योजना में 173 पुरुषों के नाम

पश्चिम बंगाल से तृणमूल नेताओं के लोगों को पैसे बांटने के वीडियो वायरल हैं। दावा है कि यह वो कट मनी यानी कमीशन है जो उन लोकल नेताओं ने स्थानीय लोगों से सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के बदले में लिया था। अब बंगाल में सत्ता परिवर्तन हो चुका है। राज्य में भाजपा की सरकार है। इसलिए ये नेता डर से लोगों को उनसे लिया पैसा लौटा रहे हैं। भाजपा आईटी सेल चीफ अमित मालवीय ने भी अपने X अकाउंट पर 2 वीडियो शेयर किया। मालवीय ने लिखा- दक्षिण 24 परगना के नामखाना में स्थानीय TMC नेता को लोगों को पैसे लौटाते हुए देखा गया। आरोप हैं कि PM आवास योजना के तहत घर दिलाने के बदले 45 लाभार्थियों में से हर एक से ₹5 हजार वसूले गए थे। TMC नेताओं की लोगों को कट मनी लौटाने की 2 तस्वीरें… ग्राम पंचायत सदस्य है TMC नेता माधव चंद्र लाया नामखाना के शिबरामपुर ग्राम पंचायत का सदस्य TMC नेता माधव चंद्र लाया ने दावा किया कि उसने बिना किसी दबाव के खुद से ही 45 ग्रामीणों को उनसे लिए ₹5-₹5 हजार लौटाए हैं। उसने आरोप लगाया कि यह पैसा पार्टी के दबाव में लिया गया। पंचायत के कई अधिकारी और सीनियर टीएसी लीडर इस लेन-देन में शामिल थे। मुर्शिदाबाद में ग्राम उपप्रधान कमीशन लेने के आरोप में गिरफ्तार मुर्शिदाबाद के नूतनग्राम में बांग्लार आवास योजना के तहत रिश्ववत लेने के आरोप में ग्राम उपप्रधान सिराजुल शेख के खिलाफ ग्रामीणों ने शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। गांव वालों का आरोप है कि घर दिलाने के नाम पर ₹5 हजार से ₹15 हजार तक लिए जाते थे। नादिया में महिलाओं की योजना में 173 पुरुषों के नाम नादिया जिले के धुबुलिया में महिलाओं के लिए चलाई जा रही लक्ष्मीर भंडार योजना के लाभार्थियों की लिस्ट में 173 पुरुषों के नाम मिले हैं। फरवरी से अब तक इन खातों के जरिए पैसे भी निकाले गए। जिलाधिकारी श्रीकांत पल्ली ने बताया कि जांच के बाद इन नामों को सूची से हटा दिया गया है। इस बीच मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया है कि लक्ष्मीर भंडार योजना के करीब 2.2 करोड़ लाभार्थियों में से लगभग 30 लाख लाभार्थी फर्जी हो सकते हैं। उन्होंने इस मामले में SIT जांच और मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से भी पड़ताल की बात कही है। जांच के लिए आयोग गठित, सीधे कर सकेंगे शिकायत राज्य सरकार ने 18 मई को कथित कट-मनी, सरकारी फंड के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए ‘इंस्टिट्यूशनल कमीशन’ गठित किया है। रिटायर्ड जज विश्वजीत बसु इसकी अध्यक्षता करेंगे। सरकार को उम्मीद है कि आयोग शुरू होने के बाद लोग सीधे शिकायत दर्ज करा सकेंगे। BJP ने TMC पर ग्रामीणों को धमकी देने का आरोप लगाया स्थानीय भाजपा नेता सुरेंद्र बर्मन ने आरोप लगाया कि TMC सरकार में ग्रामीणों को धमकी दी जाती थी कि अगर वे पैसे नहीं देंगे तो सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा या जमीन के लेन-देन में बाधा डाली जाएगी। हालांकि, कूचबिहार जिले के TMC नेतृत्व ने कहा कि पार्टी का किसी भी तरह की अवैध वसूली या कट-मनी से कोई संबंध नहीं है। पार्टी नेताओं ने कहा कि अगर किसी व्यक्ति ने अवैध रूप से पैसे लिए हैं तो उसका जवाब उसे खुद देना होगा और पार्टी ऐसे कामों का समर्थन नहीं करती। 2019 में ममता ने मानी थी ‘कट मनी’ की बात ‘कट मनी’ पश्चिम बंगाल की राजनीति का सबसे बड़ा मुद्दा रहा है। इसका मतलब सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने या आवास, सड़क, मनरेगा जैसी योजनाओं में लाभार्थियों से कथित कमीशन वसूलना है। भाजपा ने इसे तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ चुनावी मुद्दा बनाया। ————————- बंगाल की यह खबर भी पढ़ें… ममता बोलीं- पुलिस TMC कार्यकर्ताओं को धमकी दे रही:लेकिन मैं विरोध करती रहूंगी, लडूंगी या मर जाऊंगी; TMC नेताओं का बस स्टॉप पर धरना तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने मंगलवार को सेंट्रल कोलकाता में धरना दिया। ये धरना उनके भतीजे और सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले, चुनाव के बाद हिंसा और फेरीवालों को हटाने के विरोध में हुआ। ममता ने कहा- हमें मंच बनाने और माइक्रोफोन इस्तेमाल करने की परमिशन नहीं दी गई। पुलिस TMC वर्कर्स को प्रदर्शनों में हिस्सा न लेने की धमकी दे रही है लेकिन मैं विरोध करती रहूंगी। पूरी खबर पढ़ें…



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